चांद पर आएगी बिजली! रूस-चीन मिलकर बनाएंगे चंद्रमा पर न्‍यूक्लियर रिएक्टर, जानें पूरी डिटेल

साल 2021 में ही रोस्कोस्‍मोस और चीन के स्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन ने खुलासा किया था कि उनका मकसद चंद्रमा पर एक बेस बनाने का है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 13 मार्च 2024 14:20 IST
ख़ास बातें
  • रूस की स्‍पेस एजेंसी का ऐलान
  • चीन के साथ मिलकर बनाएगी न्‍यूक्लियर रिएक्‍टर
  • चंंद्रमा पर बनाया जाएगा रिएक्‍टर

जो रिएक्‍टर प्रस्तावित है, उससे चंद्रमा के बेस पर बिजली पहुंचाई जाएगी।

रूस और चीन ने एक बड़े स्‍पेस प्रोजेक्‍ट के लिए हाथ मिलाया है। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने कहा है कि साल 2035 तक चांद पर एक ऑटोमैटेड न्‍यूक्लियर रिएक्टर बनाने के लिए वह चीन के साथ काम करेगी। जो रिएक्‍टर प्रस्तावित है, उससे चंद्रमा के बेस पर बिजली पहुंचाई जाएगी। इस प्रोजेक्‍ट को दोनों देश मिलकर ऑपरेट करेंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में ही रोस्कोस्‍मोस और चीन के स्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन ने खुलासा किया था कि उनका मकसद चंद्रमा पर एक बेस बनाने का है। 

नए मून बेस का नाम इंटरनेशनल लूनार रिसर्च स्‍टेशन (ILRS) होगा। रूस और चीन पहले ही कह चुके हैं कि जो भी देश इस प्रोजेक्‍ट से जुड़ना चाहते हैं, उनका स्‍वागत है। 

हालांकि अमेरिका को इस प्रोजेक्‍ट में शामिल किए जाने की उम्‍मीद कम है। चीन और अमेरिका के बीच संबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस और अमेरिका के रिलेशंस को इसकी वजह माना जा सकता है। अमेर‍िका ने कभी भी चीन को इंटरनेशल स्‍पेस स्‍टेशन का हिस्‍सा नहीं बनने दिया। ऐसे में उसे अपना स्‍पेस स्‍टेशन बनाना पड़ा। मुमकिन है कि चांद पर प्रस्‍तावित ऑटोमैटेड न्‍यूक्लियर रिएक्टर प्रोजेक्‍ट में अमेरिका को शामिल नहीं किया जाएगा। 

मंगलवार को रोस्कोस्मोस ने ऐलान किया कि वह चीन के स्‍पेस डिपार्टमेंट के साथ मिलकर चंद्रमा पर एक परमाणु रिएक्टर बनाने की कोशिश करेगा, जिससे इंटरनेशनल लूनार रिसर्च स्‍टेशन को बिजली सप्‍लाई की जाएगी। 

रोस्कोस्मोस के डायरेक्‍टर जनरल यूरी बोरिसोव के हवाले से रिपोर्ट में लिखा गया है कि रोस्‍कोस्‍मॉस अपने चीनी सहयोगियों के साथ मिलकर चांद की सतह पर एक बिजली यूनिट स्‍थापित करने के प्रोजेक्‍ट पर गंभीरता से काम कर रही है। 
Advertisement

दुनिया की बाकी अंतरिक्ष एजेंस‍ियां भी चंद्रमा के लिए अपने मिशन प्‍लान कर रही हैं। नासा उनमें सबसे आगे है। वह अगले कुछ वर्षों मे एक बार फ‍िर से इंसान को चंद्रमा पर उतारने की योजना बना रही है। यह सब आर्टिमिस मिशन के तहत पूरा किया जाएगा। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Nord CE 6, Nord CE 6 Lite अगले सप्ताह होंगे भारत में लॉन्च, 8,000mAh तक की बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus Nord CE 6, Nord CE 6 Lite अगले सप्ताह होंगे भारत में लॉन्च, 8,000mAh तक की बैटरी
  2. Amazon Scholarship: भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई, ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के साथ ₹2 लाख की मदद!
  3. Samsung देगी Meta, Apple को टक्कर? ला रही AI स्मार्ट ग्लासेस!
  4. सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी में बड़ी खरीदारी, Strategy ने खरीदे 3,200 से ज्यादा बिटकॉइन
  5. Google से मिनटों में ढूंढें खोया हुआ फोन, नुकसान से तुरंत होगा बचाव, जानें आसान तरीका
  6. Tecno Spark 50 Pro में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  7. Oppo Find X10 में दिया जा सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  8. सैटेलाइट से धरती के नक्शे पर दिखेगा आपका नाम! नासा की अनोखी पहल
  9. Xiaomi 17T, 17T Pro जल्द होंगे लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस और कीमत का हुआ खुलासा
  10. Samsung Galaxy S27 सीरीज में मिल सकता है नया कैमरा लेआउट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.