NASA के Juno स्पेसक्राफ्ट ने खींची Jupiter ग्रह के दो चंद्रमाओं की अदभुत तस्वीर, आप भी देखें

NASA ने Juno अंतरिक्ष यान को 5 अगस्त, 2011 को बृहस्पति की 5 साल की यात्रा पर लॉन्च किया था। 1.7 अरब मील की यात्रा तय करने के बाद, यह 4 जुलाई, 2016 को ग्रह पर पहुंचा।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 23 मार्च 2022 18:11 IST
ख़ास बातें
  • बृहस्पति में 53 नामित चंद्रमा हैं और अन्य 26 को अभी तक नाम नहीं मिला है
  • लेटेस्ट तस्वीर में Io और Europa चंद्रमा को कैप्चर किया गया है
  • Juno यान 2023 के अंत और 2024 की शुरुआत में Io के करीब पहुंचेगा

NASA ने Juno अंतरिक्ष यान को 5 अगस्त, 2011 को बृहस्पति की 5 साल की यात्रा पर लॉन्च किया था

NASA के जूनो मिशन (Juno Mission) ने हाल ही में 39वीं बार बृहस्पति ग्रह (Jupiter) के बेहद नजदीकी चक्कर लगाया और ग्रह के दक्षिणी गोलार्ध की एक अदभुत तस्वीर ली। हालांकि, तस्वीर को करीब से देखने पर पास के दो और पिंड भी दिखाई देते हैं, जो बृहस्पति के चंद्रमा Io और Europa हैं। जूनो इस साल जनवरी के मध्य में ग्रह के करीब से गुजरा था, लेकिन नासा ने पिछले हफ्ते इस तस्वीर को शेयर किया। जिस समय यह तस्वीर ली गई थी, उस समय जूनो अंतरिक्ष यान बृहस्पति के बादलों के टॉप से लगभग 61,000 किलोमीटर दूर, और लगभग 52 डिग्री दक्षिण के अक्षांश पर था। इसने रॉ डेटा को जमीनी कंट्रोल सेंटर में भेजा और नागरिक वैज्ञानिक एंड्रिया लक (Andrea Luck) ने उस डेटा का इस्तेमाल करके तस्वीर बनाई।

सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति में 53 नामित चंद्रमा हैं और अन्य 26 को अभी तक आधिकारिक नाम नहीं मिले हैं। पथरीला चंद्रमा lo सौर मंडल में ज्वालामुखीय है, लेकिन यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे तरल पानी का एक महासागर छिपा है। जूनो इस साल सितंबर में यूरोपा को करीब से और अधिक विस्तृत रूप से देखेगा, जब यह दशकों बाद इसके सबसे पास से गुजरेगा।

NASA ने कहा है कि Juno यान 2023 के अंत और 2024 की शुरुआत में Io के करीब पहुंचेगा। नासा ने जूनोकैम द्वारा कैप्चर की गई रॉ इमेज उपलब्ध कराई हैं, ताकि Luck जैसे सिटिजन वैज्ञानिक इमेज प्रोडक्ट में डेटा को समझ सकें और संसाधित कर सकें।

Io बृहस्पति के चंद्रमाओं में तीसरा सबसे बड़ा और ग्रह से दूरी में पांचवां चंद्रमा है और यह पृथ्वी के चंद्रमा से थोड़ा बड़ा है। दूसरी ओर, यूरोपा जीवन को सपोर्ट करने के लिए पृथ्वी जैसा वातावरण वाला सबसे आशाजनक पिंड है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि इसने अपनी बर्फीली सतह के नीचे खारे पानी का एक महासागर छिपा रखा है। उस महासागर में पृथ्वी के महासागरों की तुलना में दोगुना पानी हो सकता है।

नासा ने जूनो अंतरिक्ष यान को 5 अगस्त, 2011 को बृहस्पति की 5 साल की यात्रा पर लॉन्च किया था। 1.7 अरब मील की यात्रा तय करने के बाद, यह 4 जुलाई, 2016 को ग्रह पर पहुंचा।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , JUPITER, juno aircraft, NASA

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. आधी हो गई Redmi के इस फोन की कीमत, Amazon पर धांसू ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone की बैटरी चलेगी पूरा दिन! बस बदल दें ये सेटिंग
  2. Xiaomi Black Shark GS3 Ultra स्मार्टवॉच लॉन्च हुई 1.43 इंच डिस्प्ले, 18 दिन की बैटरी के साथ, जानें खास फीचर्स
  3. आधी हो गई Redmi के इस फोन की कीमत, Amazon पर धांसू ऑफर
  4. Realme ला रही नया टैबलेट Realme Pad 3, होगा 8GB रैम, 5G कनेक्टिविटी से लैस!
  5. Black Friday Sale: iPhone 16 पर सबसे तगड़ा ऑफर! Rs 7 हजार सस्ते में खरीदें
  6. 10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!
  7. Xiaomi 17 Ultra में 200 मेगापिक्सल के टेलीफोटो कैमरा के साथ हो सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  8. OnePlus Ace 6T में मिल सकती है 8,300mAh की मेगा बैटरी, 6.83 इंच डिस्प्ले
  9. Realme 16 Pro, Pro Plus फोन में होगी 12GB रैम, 7000mAh बैटरी, डिजाइन हुआ लीक!
  10. Vivo S50 Pro Mini में मिलेगा iPhone Air जैसा डिजाइन, लॉन्च से पहले कंफर्म हुए इस कॉम्पैक्ट फोन के स्पेसिफिकेशन्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.