16 फुट लंबा ‘सांप’ करेगा पृथ्‍वी के बाहर जीवन की खोज! Nasa कर रही तैयारी, आप भी जानें

Snake like Robot : सांप जैसे दिखने वाले रोबोट को इस तरह से ड‍िजाइन किया गया है कि वह शनि के चंद्रमा एन्सेलेडस की सतह तक पहुंच जाए।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 मई 2023 15:20 IST
ख़ास बातें
  • एन्सेलेडस, शनि ग्रह के 83 चंद्रमाओं में से एक है
  • रोबोट का मकसद एन्सेलेडस की बर्फीली खूबियों की जांच करना है
  • एन्सेलेडस में पानी होने की काफी संभावना है

Snake like Robot : रोबोट का नाम एक्सोबायोलॉजी एक्सटेंट लाइफ सर्वेयर (Exobiology Extant Life Surveyor) है। इसे शॉर्ट में EELS भी कहा जाता है।

दुनियाभर की स्‍पेस एजेंसियां और वैज्ञानिक एलियंस (Aliens) से जुड़ी खोजों में लगे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) भी इसमें शामिल है। यह पता लगाने के लिए कि पृथ्‍वी से बाहर जीवन मौजूद है या नहीं, नासा एक रोबोट डेवलप कर रही है। यह रोबोट सांप के जैसा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सांप जैसे दिखने वाले रोबोट को इस तरह से ड‍िजाइन किया गया है कि वह एन्सेलेडस (Enceladus) की सतह तक पहुंच जाए। एन्सेलेडस, शनि ग्रह के 83 चंद्रमाओं में से एक है। रोबोट का मकसद एन्सेलेडस की बर्फीली खूबियों की जांच करना है। 

न्‍यूयॉर्क पोस्‍ट ने बताया है कि रोबोट का नाम एक्सोबायोलॉजी एक्सटेंट लाइफ सर्वेयर (Exobiology Extant Life Surveyor) है। इसे शॉर्ट में EELS भी कहा जाता है। यह शनि के छठे सबसे बड़े चंद्रमा ‘एन्सेलेडस' की सतह पर पानी और जीवन से जुड़े सबूतों की खोज करेगा। 

नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के अनुसार, EELS एक मोबाइल इंस्ट्रूमेंट प्लेटफॉर्म है। इसे बनाने का मकसद शनि के चंद्रमा की संरचनाओं का पता लगाना, वहां रहने की क्षमताओं का आकलन करना है। कुल मिलाकर मकसद जीवन से जुड़े सबूतों की खोज करना है। माना जाता है कि एन्सेलेडस की बर्फीली सतह बहुत स्‍मूद है। वैज्ञानिकों को ऐसा लगता है कि वहां की बर्फीली सतह की नीचे पानी की मौजूदगी हो सकती है।

जैसाकि हमने बताया EELS सांप की तरह दिखने वाला एक रोबोट है, जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि शनि ग्रह के चंद्रमा को एक्‍स्‍प्‍लोर करने में कोई रुकावट ना आए। EELS प्रोजेक्‍ट को लॉन्‍च करने की तारीख अभी फाइनल नहीं हुई है। इसका मतलब है कि ऐसा कोई मिशन अभी दूर है। अगर 16 फुट लंबे रोबोट की लॉन्चिंग कामयाब होती है, तो वो खोजें मुमकिन हो जाएंगी, जहां तक इंसान की पहुंच नहीं थी।  
Advertisement

दूसरी ओर, एलियंस से जुड़ी एक स्‍टडी में बताया गया है कि इंसान एलियंस तक क्‍यों नहीं पहुंच सका है। स्विट्जरलैंड की सांख्यिकीय बायोफिजिक्स लेबोरेटरी ने इस पर रिसर्च की है, जो एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में पब्लिश हुई है। स्‍टडी के बारे में बायोफिजिसिस्ट ‘क्लाउडियो ग्रिमाल्डी' का कहना है कि हम सिर्फ 60 साल से स्‍पेस को एक्‍स्‍प्‍लोर कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि पृथ्‍वी एक ऐसे बबल में स्थित हो सकती है, जहां एलियंस की ओर से भेजे जाने वाले सिग्‍नल ना पहुंचते हों। 
Advertisement

 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo T5 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. AI खा रहा एंट्री लेवल जॉब, कॉलेज से निकल पहली जॉब ढूंढ रहे युवाओं के लिए बढ़ेगी मुश्किल!
  2. TVS Motor ने लॉन्च किया iQube MillionR Special Edition, जानें प्राइस, फीचर्स
  3. Apple ने भारत में लॉन्च किए Mac Studio और Mac Mini के नए वर्जन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Nokia 300 Charge फीचर फोन हुआ लॉन्च, 3,700mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Vivo T5 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट
  6. सैटेलाइट इंटरनेट के लिए भारत में छिड़ने वाली है जंग? Starlink-Jio के बाद अब हो रही एक और बड़ी एंट्री
  7. Infinix Hot 70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6.76 इंच फुल HD+ डिस्प्ले
  8. क्रिप्टो मार्केट को मिला कमजोर डॉलर का फायदा, Bitcoin का प्राइस 81,000 डॉलर से ज्यादा
  9. रोबोट ने उज्जैन में किया सैंडविच शॉप का देसी अंदाज में उद्घाटन, देखें वायरल वीडियो
  10. ₹8 हजार में Xiaomi का नया Air Purifier, साथ में आया बड़ा मॉडल; जानें स्पेसिफिकेशन्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.