वैज्ञानिकों ने खोज निकाला गैस और धूल के गुबार में छुपा हुआ ब्‍लैक होल

गैस और धूल की ज्‍यादा मात्रा होने से यह ब्‍लैकहोल Mrk 462 आकाशगंगा में छुप गया था।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 12 जनवरी 2022 16:58 IST
ख़ास बातें
  • पहली बार एक बौनी आकाशगंगा में खोजा गया ब्‍लैक होल
  • Mrk 462 आकाशगंगा में छुप गया था यह ब्‍लैक होल
  • 110 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है यह ब्‍लैकहोल

खगोलविद अक्सर आकाशगंगाओं के केंद्र में तारों की तीव्र गति की खोज करके ब्लैक होल का पता लगाते हैं।

नासा (NASA) की Chandra X-ray ऑब्‍जर्वेटरी की मदद से रिसर्चर्स ने एक ब्लैक होल की पहचान की है। यह ब्‍लैकहोल Mrk 462 नाम की आकाशगंगा में मिला है। यह सूर्य के द्रव्यमान का 200000 गुना है। Mrk 462 एक बौनी आकाशगंगा है, जिसमें कई सौ मिलियन तारे हैं। इसके मुकाबले हमारी आकाशगंगा में कई सौ बिलियन तारे हैं। 110 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित यह ब्‍लैकहोल, गैस और धूल की ज्‍यादा मात्रा होने से Mrk 462 आकाशगंगा में छुप गया था। 

नासा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि पहली बार एक बौनी आकाशगंगा में एक ‘अस्पष्ट' सुपरमैसिव ब्लैक होल पाया गया है। खगोलविद अक्सर आकाशगंगाओं के केंद्र में तारों की तीव्र गति की खोज करके ब्लैक होल का पता लगाते हैं, लेकिन मौजूदा उपकरणों की मदद से बौनी आकाशगंगाएं बहुत छोटी और मंद नजर आती हैं। उनमें कोई भी चीज का पता लगाना मुश्किल होता है। ब्लैक होल का पता लगाने के लिए खगोलविद एक दूसरी तकनीक का इस्‍तेमाल करते हैं। इसी वजह से इस ब्‍लैकहोल को खोजा जा सका है। 

न्यू हैम्पशायर में डार्टमाउथ कॉलेज के जैक पार्कर ने अपने सहयोगी रयान हिकॉक्स के साथ इस रिसर्च को लीड किया। जैक पार्कर ने कहा कि Mrk 462 में यह अपनी तरह का सबसे छोटा ब्लैक होल था।हिकॉक्स ने कहा कि धूल और गैस में दबे हुए ब्लैक होल का पता लगाना मुश्किल था, इसलिए यह खोज ऐसे ही कई और ब्‍लैक होल वाली बौनी आकाशगंगाओं के अस्तित्व का संकेत दे सकती है। उन्होंने कहा कि इस खोज से खगोलविदों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि ब्रह्मांड में ब्लैक होल इतनी जल्दी कैसे बड़े हो गए।

Chandra X-ray ऑब्‍जर्वेटरी का इस्‍तेमाल इस स्‍टडी में 8 बौनी आकाशगंगाओं को देखने के लिए किया गया। इन आकाशगंगाओं में पहले ब्‍लैक होल का डेवलपमेंट होने के संकेत मिले थे। उनमें से सिर्फ Mrk 462 आकाशगंगा में बढ़ते हुए ब्लैक होल का पता चला। 

हाल ही में नासा ने अंतरिक्ष से पूर्ण सूर्य ग्रहण को भी दिखाया था। इस एजेंसी ने एक स्पेस ऑब्जर्वेटरी से खींची गई तस्वीरों को इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जिसमें चंद्रमा की छाया अंटार्कटिका के ऊपर से गुजरते हुए दिखाई दे रही थी। डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी ((DSCOVR) अंतरिक्ष यान ने अंटार्कटिका के ऊपर से गुजरते हुए छाया को कैप्चर किया था। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. GTA 6 खरीदना पड़ेगा महंगा? शुरू हुई प्री-बुकिंग, सामने आया ऑफिशियल प्राइस
  2. Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki की e Vitara हुई महंगी
  2. Honor की 14,000mAh की पावरफुल बैटरी वाला स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  3. WhatsApp में बदल गया मैसेज एडिटिंग का अंदाज! अब ज्यादा आसानी से कर सकेंगे सुधार
  4. Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
  5. GTA 6 खरीदना पड़ेगा महंगा? शुरू हुई प्री-बुकिंग, सामने आया ऑफिशियल प्राइस
  6. Vivo X500 Pro में हो सकता है 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 7,500mAh की बैटरी
  7. Redmi K90 Ultra में मिलेगा Snapdragon 8 Elite चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  8. बोरिंग Resume बनाना छोड़ो! ChatGPT से चंद मिनटों में ऐसे तैयार करें प्रोफेशनल CV
  9. Airtel का जबरदस्त ऑफर, ग्राहकों को फ्री मिल रहे 3800 रुपये के बेनिफिट्स, ऐसे करें क्लैम
  10. अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.