7Km तक सिकुड़ गया बुध ग्रह, पड़ गई झुर्रियां! नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा

Mercury is shrinking : सूर्य के सबसे नजदीक होने के बावजूद बुध ग्रह का आंतरिक भाग ठंडा होता जा रहा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 5 अक्टूबर 2023 17:17 IST
ख़ास बातें
  • बुध ग्रह को लेकर नई स्‍टडी
  • सिकुड़ रहा है बुध ग्रह
  • नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा

नासा के मैसेंजर मिशन (2011-2015) के डेटा का इस्‍तेमाल करके बुध ग्रह को स्‍टडी किया गया।

Mercury is shrinking : हमारे सौर मंडल में सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह है बुध (Mercury)। आपको हैरानी होगी जानकर कि बुध ग्रह के आकार में बदलाव हो रहा है। बुध ग्रह सिकुड़ रहा है, उसकी सतह पर झुर्रियों जैसे निशान इसकी गवाही दे रहे हैं। एक नई स्‍टडी में यह कहा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बुध ग्रह की त्रिज्‍या (radius) करीब 7 किलोमीटर तक कम हो गई है। सूर्य के सबसे नजदीक होने के बावजूद बुध ग्रह का आंतरिक भाग ठंडा होता जा रहा है और जिस चट्टान से इसका निर्माण हुआ है, उसका वॉल्‍यूम कम हो रहा है। 

नेचर जियोसाइंस में यह स्‍टडी पब्लिश हुई है। स्‍टडी के लेखक और UK की ओपन यूनिवर्सिटी (ओयू) के रिसर्च स्‍टूडेंट बेंजामिन मैन ने अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा (Nasa) के मैसेंजर मिशन (2011-2015) के डेटा का इस्‍तेमाल करके बुध ग्रह को स्‍टडी किया। उन्‍होंने ग्रह पर नई भू-आकृतियों का पता लगाया, जिन्हें ग्रैबेंस कहा जाता है। 

बेंजामिन ने कहा कि इतने सारे ग्रैबेंस की हमारी महत्वपूर्ण है। यह इशारा देती है कि बुध का टेक्टोनिज्‍म हाल फ‍िलहाल एक्टिव हुआ है और इसका असर पूरे ग्रह पर है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बुध ग्रह के सिकुड़ने का पहला सबूत साल 1974 में सामने आया जब ‘मेरिनर 10' मिशन ने सैकड़ों किलोमीटर तक अपना रास्ता बना चुकी कई किलोमीटर ऊंची स्कार्पियों (रैंप जैसी ढलानों) की तस्वीरें दिखाईं। 

फ‍िर नासा के मैसेंजर मिशन ने 2011 से 2015 के बीच बुध की परिक्रमा की। इससे बुध ग्रह के सभी हिस्‍सों में स्कार्पियों का पता चला। स्‍टडी में अनुमान लगाया गया है कि बुध की त्रिज्या में लगभग 7 किमी की कुल कमी हुई है। हालांकि वैज्ञानिक यह नहीं जान पाए हैं कि ऐसा कब हुआ। 
Advertisement

एक राय यह है कि बुध ग्रह पर रैंप जैसी ढलान लगभग 3 अरब साल पुरानी हैं। लेकिन क्‍या सभी ढलानें इतनी ही पुरानी हैं। क्‍या वो आज भी एक्टिव हैं? ई स्‍टडी में वैज्ञानिकों को इस बात के सबूत मिले हैं कि कई ढलानों ने हाल के दिनों में भी आगे बढ़ना जारी रखा है, भले ही उनकी शुरुआत अरबों साल पहले हुई। तो इसका मतलब यह है कि बुध ग्रह अभी भी सिकुड़ रहा है। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo K15x हुआ लॉन्च, 6500mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ आया बजट 5G फोन; जानें कीमत
  2. Porsche ने भारत में लॉन्च की Cayenne Electric, 600 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  3. Flipkart Big Billion Days Sale: Xiaomi के इन 5 Redmi स्मार्टफोन्स पर Deals रिवील, कीमत ₹12,999 से शुरू
  4. भारत में लॉन्च हुए Vivo T5 Lite 5G, Vivo T5 Pro 5G के नए RAM और स्टोरेज वेरिएंट्स
  5. Samsung Galaxy A08 का भारत में लॉन्च, 6,000mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  6. भारत में महंगा हुआ स्मार्टफोन खरीदना, पहली छमाही में प्राइसेज 16 प्रतिशत तक बढ़े
#ताज़ा ख़बरें
  1. Porsche ने भारत में लॉन्च की Cayenne Electric, 600 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  2. Samsung Galaxy A08 का भारत में लॉन्च, 6,000mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Wozoyo का 100 नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और 50 करोड़ डॉलर के रेवेन्यू का टारगेट
  4. UPI ट्रांजैक्शंस में हुई गिरावट, इस महीने लागू होगा MDR 
  5. भारत में लॉन्च हुए Vivo T5 Lite 5G, Vivo T5 Pro 5G के नए RAM और स्टोरेज वेरिएंट्स
  6. Huawei Mate 90 लॉन्च: 6600mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल कैमरा से लैस, जानें कीमत
  7. भारत में महंगा हुआ स्मार्टफोन खरीदना, पहली छमाही में प्राइसेज 16 प्रतिशत तक बढ़े
  8. Xiaomi 17T हुआ ₹10 हजार महंगा, अब कितने में पड़ेगा ये 50MP कैमरा वाला स्मार्टफोन
  9. OnePlus Nord Buds 3r नए कलर वेरिएंट में लॉन्च, 54 घंटे चलेगी बैटरी
  10. भारत में पेश हुए Samsung Galaxy F08, Galaxy M08 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा, जानें स्पेसिफिकेशंस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.