पहली बार वैज्ञानिकों ने विशाल लाल तारे को विस्‍फोट करते हुए देखा, ऐसा था नजारा

इस रिसर्च के तहत खगोलविदों का मकसद पूरे ब्रह्मांड में तारों के विकिरण को देखना है। यह भी देखना है कि क्‍या इससे तारों की मौत के संकेत मिलते हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 7 जनवरी 2022 15:29 IST
ख़ास बातें
  • रिसर्चर्स ने टेलिस्‍कोप का इस्‍तेमाल करके इस विस्‍फोट को देखा
  • यह तारा पृथ्वी से 120 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित था
  • विस्फोट से पहले यह तारा सूर्य से 10 गुना अधिक बड़ा था

यह तारा पृथ्वी से 120 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित NGC 5731 आकाशगंगा में स्थित था।

Photo Credit: Astrophysical Journal/Northwestern University via CNN

अंतरिक्ष में विशाल तारों के मरने की खबरें हमने अक्‍सर पढ़ी हैं। कभी आपने सोचा है कि यह नजारा कैसा होगा? एक तारा पृथ्‍वी से कैसा दिखाई देगा, जब वह अपने अंत के निकट होगा? रिसर्चर्स ने टेलिस्‍कोप का इस्‍तेमाल करके एक विशाल लाल तारे में विस्फोट को देखा। यह तारा पृथ्वी से 120 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित NGC 5731 आकाशगंगा में स्थित था। वैज्ञानिकों ने बताया कि विस्फोट से पहले यह तारा सूर्य से 10 गुना अधिक बड़ा था। इसमें मौजूद हाइड्रोजन, हीलियम और अन्य तत्वों के जरिए जलने के बाद यह फट गया। इस घटना को देखने से पहले खगोलविदों का मानना ​​था कि विस्फोट से पहले विशालकाय तारा शांत था। 

यह रिसर्च एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में 6 जनवरी को प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि विशाल तारों में जब विस्‍फोट होता है, उसे देखना मील का पत्‍थर है। इस स्‍टडी के प्रमुख लेखक व्यान जैकबसन-गैलन (Wynn Jacobson-Galan) ने एक बयान में कहा कि विशालकाय लाल तारे को विस्फोट करते देखना एक बड़ी सफलता है।'

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, इस‍ विशाल तारे में असामान्य गतिविधि का पता खगोलविदों ने 130 दिन पहले लगाया था। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के इंस्टिट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी पैन-STARRS टेलीस्कोप ने 2020 की गर्मियों में तेज रेडिएशन का पता लगाया। कुछ दिनों बाद रिसर्चर्स ने उसी जगह पर एक विशाल तारे को देखा। जांच में पता लगा कि जब तारे में विस्फोट हुआ, तब उसके चारों ओर मटीरियल था। इस रिसर्च के तहत खगोलविदों का मकसद पूरे ब्रह्मांड में तारों के विकिरण को देखना है। यह भी देखना है कि क्‍या इससे तारों की मौत के संकेत मिलते हैं। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी पिछले साल मरते हुए तारे को दिखाया था। नासा ने उसके हबल स्पेस टेलीस्कोप से नेब्‍युला (निहारिका) की खींची गई इमेज शेयर की। इस नेब्‍युला का जन्‍म एक मरते हुए तारे की वजह से हुआ है, जिसका नाम एचडी 44179 है और यह तारा लगभग 14000 साल से अपनी आउटर लेयर्स को अलग कर रहा है। खास बात यह है कि यह तारा, सूर्य के समान है, लेकिन यह मर रहा है और इस वजह से गैस और अन्य सामग्री ब्रह्मांड में छोड़ रहा है, जो इसे एक बहुत ही अलग आकार देते हैं। यह तारा एक अद्भुत संरचना से घिरा है, जिसे लाल आयत के रूप में जाना जाता है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme 16T 5G vs OnePlus Nord CE 6 vs Vivo T5 Pro 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  2. Honor Pad 20 टैबलेट लॉन्च, 8MP कैमरा, 10100mAh बैटरी के साथ गजब हैं फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 16 में मिल सकता है 2K 'अल्ट्रा-हाई' रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले
  2. Xiaomi 17T Pro में  मिलेगा MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  3. Vivo X500 Pro में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  4. Redmi Turbo 5 जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  5. हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
  6. Realme P4s 5G में मिल सकते हैं 4 स्टोरेज वेरिएंट्स, भारत में जल्द लॉन्च की तैयारी
  7. 6000mAh बैटरी, 13MP कैमरा के साथ Lava Shark 2 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Oppo ने बदली फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की सेल डेट, आज से ही खरीद सकेंगे Find X9 Ultra और Find X9s
  9. Xiaomi लेकर आया गजब डिवाइस, 3 सेकेंड में देगा गर्म पानी और मिनटों में जमाएगा बर्फ
  10. कम बिजली में करेगा फास्ट कूलिंग! ₹16,999 में लॉन्च हुआ Oakter का नया AC
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.