बच्‍चे को जन्‍म से थी दिल की बीमारी, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा इलाज, बच गई जान, जानें पूरा मामला

दुनिया में यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन है। इसकी सफलता ने उन बच्‍चों की जिंदगी बचाने का रास्‍ता खोला है, जो जन्‍म से दिल की बीमारियों से जूझ रहे होते हैं।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 22 दिसंबर 2022 14:46 IST
ख़ास बातें
  • बच्‍चा अब 2 साल का है और स्‍वस्‍थ है
  • स्‍टेम सेल को इंजेक्‍ट कर बचाई गई जान
  • बच्‍चे की ओपन हार्ट सर्जरी रही थी फेल

यह एक ट्रायल था, जो सफल रहा। रिसर्चर्स उम्‍मीद जता रहे हैं कि अगले कुछ साल में इस तकनीक का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो जाएगा।

ब्रिटेन में एक बच्चे के हार्ट में डोनर स्टेम सेल (stem cells) को इंजेक्ट करके उसकी जान बचाई गई है। डॉक्‍टरों ने प्‍लेसेंटा से स्‍टेम सेल को डेवलप किया। दुनिया में यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन है। इसकी सफलता ने उन बच्‍चों की जिंदगी बचाने का रास्‍ता खोला है, जो जन्‍म से दिल की बीमारियों से जूझ रहे होते हैं। मुमकिन है कि भविष्‍य में ऐसे बच्‍चों को कई ऑपरेशनों से नहीं गुजरना होगा। यह एक ट्रायल था, जो सफल रहा। रिसर्चर्स उम्‍मीद जता रहे हैं कि अगले कुछ साल में इस तकनीक का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो जाएगा।   

रिपोर्टों के अनुसार, साल 2020 में डॉक्‍टरों ने फिनले नाम के एक बच्‍चे में गर्भनाल स्टेम कोशिकाओं (umbilical cord stem cells) को इंजेक्ट किया, क्‍योंकि उसे हार्ट की जन्‍मजात बीमारी थी और उसके हार्ट की दो मुख्‍य धमनियों (arteries) को ठीक करने का ऑपरेशन भी फेल हो गया था। 

आज 2 साल बाद फिनले एकदम ठीक है। रिसर्चर्स ने भी ‘स्‍टेम सेल प्‍लास्‍टर' तकनीक को बेहतर बनाया है। इसकी मदद से उन बच्‍चों का इलाज किया जा सकता है, जिनके दिल में छेद है या रक्त वाहिकाओं (blood vessels) और वाल्वों में कोई परेशानी है। आसान शब्‍दाें में समझाया जाए तो जन्‍म से हार्ट रोगों से पीड़ित बच्चों को कई ओपन- हार्ट ऑपरेशन की जरूरत नहीं होगी। ‘स्‍टेम सेल प्‍लास्‍टर' तकनीक का इस्‍तेमाल कर उन्‍हें स्‍वस्‍थ किया जा सकेगा।  

दुनियाभर में सैकड़ों की संख्‍या में बच्‍चों का जन्‍म हार्ट प्रॉब्‍लम्‍स के साथ होता है। उनके इलाज के लिए अभी जो तकनीक इस्‍तेमाल होती हैं, वह लंबे समय के लिए कारगर नहीं हैं। मसलन- हार्ट वाल्‍व की ही बात करें, तो बच्‍चे के बड़े होने पर वाल्‍व बदलने की जरूरत होती है। 

रिसर्चर्स को उम्मीद है कि ‘स्टेम सेल प्‍लास्‍टर' बच्‍चों के हार्ट के लिए बेहतर साबित होंगे। अगले कुछ साल में इसके क्लिनिकल ट्रायल शुरू होने की उम्‍मीद की जा रही है। 
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रिपोर्टों के अनुसार, फ‍िनले के पैरंट्स ट्रायल के लिए पहले से तैयार थे, क्‍योंकि फ‍िनले के बचने की संभावना बहुत अधिक नहीं थी। उसकी सर्जरी भी हो गई थी, जो फेल रही। इसके बाद डॉक्‍टरों ने इलाज की नई कोशिश की। उन्‍होंने प्‍लेसेंटा से स्‍टेम सेल को डेवलप किया गया। उन्‍हें बच्‍चे के हार्ट में इंजेक्‍ट किया गया, ताकि बच्‍चे की खराब हो चुकीं धमनियां ठीक हो जाएं। ट्रायल कामयाब हुआ और फ‍िनले रिकवर कर गया। 
 

क्‍या होता है प्लेसेंटा 

यह एक तरह का अस्थाई अंग है, जो सिर्फ प्रेगनेंसी के दौरान डेवलप होता है। यह गर्भ में पलने वाले भ्रूण का  पालन-पोषण करता है। बच्‍चे को हेल्दी रखने में यह मदद करता है। गर्भाशय की दीवार से जुड़ा होता है और इसी से बच्चे की गर्भनाल निकलती है।
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