• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पृथ्‍वी पर मंडरा रही 1360 किलोग्राम की आफत! गिरने वाला है एक सैटेलाइट, जानें इसके बारे में

पृथ्‍वी पर मंडरा रही 1360 किलोग्राम की आफत! गिरने वाला है एक सैटेलाइट, जानें इसके बारे में

ESA Aeolus satellite : यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने अगस्त 2018 में इस सैटेलाइट को लॉन्‍च किया था।

पृथ्‍वी पर मंडरा रही 1360 किलोग्राम की आफत! गिरने वाला है एक सैटेलाइट, जानें इसके बारे में

Photo Credit: ESA

ESA Aeolus satellite : यह स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी से लगभग 320 किलोमीटर की ऊंचाई पर हमारे ग्रह का चक्‍कर लगा रहा है।

ख़ास बातें
  • ईएसए का एक सैटेलाइट पृथ्‍वी पर गिरने वाला है
  • ईएसए का पूरा नाम यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी है
  • 320 किलोमीटर की ऊंचाई पर अभी मौजूद है सैटेलाइट
विज्ञापन
पृथ्‍वी पर 1360 किलोग्राम का खतरा मंडरा रहा है! रिपोर्टों के अनुसार, एक सैटेलाइट हमारे ग्रह के वायुमंडल में गिरने वाला है। इसका नाम आयोलस (Aeolus) है, जिसे यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने अगस्त 2018 में लॉन्‍च किया था। इस सैटेलाइट को अर्थ एक्‍स्‍प्‍लोरर सर्च मिशन के रूप में लॉन्च किया गया था। ESA के सामने सबसे बड़ी चुनौती सैटेलाइट को सुरक्षित तरीके से पृथ्‍वी पर गिराना है, ताकि जानमाल का कोई नुकसान ना हो। कैसे होगा यह सब, आइए जानते हैं। 
 

खत्‍म हो रहा है ईंधन

आयोलस का ईंधन धीरे-धीरे खत्‍म हो रहा है। यह स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी से लगभग 320 किलोमीटर की ऊंचाई पर हमारे ग्रह का चक्‍कर लगा रहा है। पृथ्‍वी के करीब होने के कारण इसे अपनी कक्षा में बने रहने के लिए ज्‍यादा फ्यूल खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा, सूर्य से निकले फ्लेयर्स और प्‍लाज्‍मा ने भी ग्रह को ज्‍यादा फ्यूल खर्च करने पर मजबूर किया है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, यह हवा के विपरीत चलने जैसा है।  
 

बंद हो चुका है मिशन 

आयोलस ने 30 अप्रैल को अपना कामकाज बंद कर दिया है। स्‍पेसक्राफ्ट के तमाम इंस्‍ट्रूमेंट्स को स्‍पेशल मोड में रखा गया है, ताकि आखिरी समय की गतिविधियां सही से हो सकें। 
 

अब आगे क्‍या? 

आने वाले दिनों में इस स्‍पेसक्राफ्ट को नीचे की ओर लाया जाएगा। इसकी ऊंचाई को 320 से 150 किलोमीटर तक किया जाएगा। उसके बाद स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी की ओर गिरना शुरू कर देगा। अभी तक का अनुमान यही है कि यह सैटेलाइट धरती के वातावरण में प्रवेश करते ही जल जाएगा।  
 

पृथ्‍वी के लिए खतरा कितना बड़ा? 

यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने बताया है कि आयोलस जब पृथ्‍वी पर दोबारा एंट्री करेगा तो किसी नुकसान की संभावना बहुत कम है। अमूमन जब इस तरह के स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी पर गिरते हैं, तो कई टुकड़ों में बंटने के बाद समुद्री इलाकों में समा जाते हैं। हालांकि जिस क्षेत्र में स्‍पेसक्राफ्ट गिरते हैं, वहां का प्रशासन लोगों को अलर्ट करता है।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में BMW के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स में तीन गुना की बढ़ोतरी
  2. Ola Electric ने शुरू की हायपर डिलीवरी, कस्टमर्स को कुछ घंटे में मिलेगा इलेक्ट्रिक स्कूटर
  3. CMF Phone 2 भारत में जल्द होगा लॉन्च? Flipkart पर लाइव हुआ टीजर पेज
  4. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  5. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  6. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  7. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  8. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  9. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  10. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »