स्‍टील के रॉकेट बनाएगी चीनी कंपनी, Elon Musk की स्‍पेसएक्‍स से सीधे मुकाबले की तैयारी! जानें डिटेल

Stainless Steel Rocket : एयरोस्‍पेस से जुड़े एक इवेंट में कंपनी के सीईओ ने दी जानकारी।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 23 नवंबर 2023 10:56 IST
ख़ास बातें
  • चीनी कंपनी कर रही रीयूजेबल रॉकेट पर काम
  • स्‍टेनलेस स्‍टील का रॉकेट डेवलप करने की योजना
  • लैंडस्‍पेस नाम की कंपनी तैयार कर रही है रॉकेट

दो स्‍टेज वाले इस लॉन्‍चर की पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड क्षमता 20 मीट्रिक टन होगी।

Photo Credit: @raz_liu

Stainless Steel Rocket : अं‍तरिक्ष के क्षेत्र में रीयूजेबल रॉकेट का इस्‍तेमाल बढ़ रहा है। अमेरिकी स्‍पेस कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स' काफी वक्‍त से रीयूजेबल रॉकेट उड़ा रही है। ये रॉकेट बार-बार यूज में लाए जाते हैं, जिससे किसी भी मिशन की कॉस्‍ट में कमी आती है। भारत भी रीयूजेबल रॉकेट डेवलप करने की दिशा में आगे बढ़ा है। चीन में इस पर अलग तरह से काम हो रहा है। वहां के एक स्‍पेस स्‍टार्टअप लैंडस्‍पेस (Landspace) ने रीयूजेबल स्टेनलेस स्टील रॉकेट (stainless steel rocket) को डेवलप करने की योजना बनाई है। 

चीन के शहर चोंगकिंग में एयरोस्‍पेस से जुड़े एक इवेंट में कंपनी के सीईओ ने यह जानकारी दी। सीईओ झांग चांगवु की प्रेजेंटेशन से पता चला कि कंपनी अपने रॉकेट में स्‍टेनलैस प्रोपलैंट टैंक्‍स औेर क्‍लसटर्स को अमल में लाएगी। दो स्‍टेज वाले इस लॉन्‍चर की पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड क्षमता 20 मीट्रिक टन होगी।  
 

वेबसाइट spacenews ने इस ऐलान को अहम माना है, क्‍योंकि हाल में अमेरिकी स्‍पेस कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स' ने दुनिया के सबसे हैवी रॉकेट ‘स्‍टारशिप' को टेस्‍ट किया है। चीन और अमेरिका की प्रतिस्‍पर्धा किसी से छुपी नहीं है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमेरिका को चीन से लगातार चुनौती मिल रही है। 

हालांकि लैंडस्‍पेस ने यह नहीं बताया है कि वह अपने स्‍टेनलैस स्‍टील रॉकेट को कबतक लॉन्‍च करेगी। ऐसा लगता है कि प्रोजेक्‍ट शुरुआती फेज में है। मुमकिन है कि कंपनी को मैन्‍युफैक्‍चरिंग के दौरान भी कई चुनौतियों का सामना करना होगा। इनमें स्‍टील का वजन, उसकी क्‍वॉलिटी जैसी चुनौतियां प्रमुख हो सकती हैं। 
Advertisement

भारत भी रीयूजेबल रॉकेट के निर्माण की योजना बना रहा है।  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन एस सोमनाथ ने पिछले साल बंगलूरू स्पेस एक्सपो (BSX) के दौरान यह घोषणा की थी। GSLV Mk III के बाद इसरो का अगला लॉन्‍च वीकल एक री-यूजेबल रॉकेट हो सकता है, जिसके इस्‍तेमाल से सैटेलाइट्स को लॉन्च करने की लागत कम होने की उम्मीद है। कहा जाता है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी, री-यूजेबल रॉकेट के लिए स्‍पेस इंडस्‍ट्री, स्टार्टअप और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ काम करेगी।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 365 दिनों के लिए रोज 2.6GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग! BSNL ने पेश किया लिमिटेड पीरियड रीचार्ज प्लान
  2. 19 हजार MRP वाला 32 इंच स्मार्ट टीवी खरीदें 7500 से सस्ता, देखें Amazon पर 5 सबसे सस्ते TV
  3. HP HyperX Omen 15 गेमिंग लैपटॉप भारत में हुआ लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Vivo X200T vs iQOO 13 vs Realme GT 7 Pro: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  2. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  3. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
  4. Apple के फोल्डेबल iPhone को टक्कर देने के लिए Samsung की नया फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  5. Vivo X200T vs iQOO 13 vs Realme GT 7 Pro: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  6. VIP ट्रैवल में फेवरेट Learjet 45XR: इसी प्राइवेट जेट में सवार थे अजीत पवार, जानें इस हाई-टेक एयरक्राफ्ट के बारे में सब कुछ
  7. 7560mAh बैटरी, डाइमेंसिटी 8500 अल्ट्रा वाले Redmi Turbo 5 के स्पेसिफिकेशंस हुए लीक
  8. Xiaomi 17 Max में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा 
  9. टेकी ने अपनी ही कंपनी से चुराया 88 करोड़ रुपये का सॉफ्टवेयर डाटा, दर्ज हुआ केस
  10. वॉयस असिस्टेंट बना जासूस? नहीं मानी गलती, लेकिन फिर भी 623 करोड़ का जुर्माना भरेगा Google
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.