चीन भी पड़ा एस्‍टरॉयड के पीछे! 2025 में भेजेगा स्‍पेसक्राफ्ट, यह है मकसद

Asteroid : चीन एस्‍टरॉयड से सैंपल कलेक्‍ट करना चाहता है और एक धूमकेतु (comet) की जांच का इरादा रखता है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 26 अप्रैल 2023 14:45 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने की बड़ी तैयारी
  • एस्‍टरॉयड से सैंपल लाने के लिए भेजेगा स्‍पेसक्राफ्ट
  • साल 2025 में लॉन्‍च होगा मिशन

Asteroid : अगर चीन कामयाब होता है, तो वह उसके द्वारा कलेक्‍ट पहला सैंपल होगा, जो इंटरप्लेनेटरी स्पेस से लाया गया होगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने पिछले साल DART मिशन को लॉन्‍च किया था। मिशन के जरिए एक स्‍पेसक्राफ्ट को एस्‍टरॉयड से टकराया गया था, ताकि एस्‍टरॉयड की कक्षा में बदलाव किया जा सके। नासा मिशन में सफल रही थी। अब चीन भी एस्‍टरॉयड पर मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 के आसपास चीन अपना मिशन लॉन्‍च कर सकता है। हालांकि उसका इरादा स्‍पेसक्राफ्ट को एस्‍टरॉयड से टकराने का नहीं है। वह सिर्फ एस्‍टरॉयड से सैंपल कलेक्‍ट करना चाहता है और एक धूमकेतु (comet) की जांच का इरादा रखता है। 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिशन का नाम तियानवेन-2 (Tianwen-2) है। इसके मुख्य डिजाइनर झांग रोंगकियाओ ने बताया है कि तियानवेन-2 का मुख्य लक्ष्य एस्‍टरॉयड 2016HO3 (asteroid 2016HO3) से सैंपल कलेक्‍ट करके लाना है। यह एक गैरयात्री मिशन होगा। 

झांग ने कहा कि अगर चीन कामयाब होता है, तो वह उसके द्वारा कलेक्‍ट पहला सैंपल होगा, जो इंटरप्लेनेटरी स्पेस से लाया गया होगा। झांग ने बताया कि स्‍पेसक्राफ्ट पहले एस्‍टरॉयड के सैंपल जुटाएगा और फ‍िर एक धूमकेतु का पता लगाने के लिए आगे का सफर तय करेगा। यह धूमकेतु मंगल और बृहस्पति के बीच मेन एस्‍टरॉयड बेल्‍ट में मौजूद है। 

चीन जिस एस्‍टरॉयड पर मिशन भेजने वाला है, वह बहुत बड़ा नहीं है। एस्‍टरॉयड का आकार लगभग 300 फीट हो सकता है। साल 2016 में पहली बार इस एस्‍टरॉयड को देखा गया था। यह लगभग उसी अंदाज में सूर्य का चक्‍कर लगाता है, जिस तरह पृथ्‍वी सूर्य की परिक्रमा करती है। 

तियानवेन-2 मिशन से पहले चीन ने तियानवेन-1 स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया था। वह स्‍पेसक्राफ्ट साल 2021 में मंगल ग्रह पर उतरा था और कई जरूरी जानकारियां हासिल कर चुका है। हालांकि एस्‍टरॉयड पर मिशन भेजने वालों में चीन अकेला देश नहीं है। 
Advertisement

नासा के DART मिशन के बारे में हम आपको पहले ही बता चुके हैं। जापान भी एस्‍टरॉयड पर मिशन भेज चुका है। एक जापानी प्रोब ने साल 2019 में पृथ्‍वी से 25 करोड़ किलोमीटर दूर एस्‍टरॉयड रयुगु पर लैंड किया था और सैंपल इकट्ठा किए थे। उन सैंपलों ने सबूत दिए हैं कि पृथ्‍वी पर पानी बाहर से यानी अंतरिक्ष से आया हो सकता है। 

 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में 22 प्रतिशत की गिरावट, Ola Electric की बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ी
  2. Sony लाई पावरफुल HT-B500 साउंडबार, Dolby Atmos के साथ 3.1 चैनल सिस्टम, जानें कीमत
  3. 4 हजार से ज्यादा सस्ता खरीदें OnePlus का लेटेस्ट फोन, 7400mAh बैटरी, धांसू कैमरा
#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में 22 प्रतिशत की गिरावट, Ola Electric की बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ी
  2. Oppo Reno 16 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, शुरू हुए प्री-रिजर्वेशन 
  3. Apple के लिए बड़ा मार्केट बना भारत, iPhone की जोरदार डिमांड 
  4. Xiaomi Civi 6, Civi 6 Pro में हो सकता है 1.5K डिस्प्ले, 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप कैमरा
  5. IPL 2026 के मजे ₹500 से कम में! ये हैं Jio, Airtel और Vi के बेस्ट रिचार्ज प्लान
  6. अब 100 शहरों में मिनटों में डिलीवरी करेगा Amazon!
  7. मोबाइल पर बजेगी खतरे की घंटी! सरकार की बड़ी तैयारी, जानें क्या है NDMA का अलर्ट
  8. Amazon Great Summer Sale 2026: 8 मई से आ रही Amazon की बड़ी सेल, Samsung, Asus, Boat जैसे ब्रांड्स पर धांसू ऑफर्स
  9. सैमसंग ने पहली तिमाही में बनाया रेवेन्यू का रिकॉर्ड, मेमोरी चिप की जोरदार डिमांड 
  10. अब Netflix दिखाएगा Reels जैसे वीडियो, नया फीचर बदल देगा देखने का तरीका!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.