चीन ऐसा क्‍यों कर रहा! रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन से छठी बार गिराया ‘UFO’, जानें पूरा मामला

China Space Plane : एक्‍सपर्ट्स को ठीक से यह नहीं पता चला है कि वह क्‍या है। हालांकि उनका मानना ​​है कि वह एक छोटा सैटेलाइट या हार्डवेयर का टुकड़ा हो सकता है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 16 जून 2024 21:19 IST
ख़ास बातें
  • चीन के रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन ने बढ़ाई चिंंता
  • एक और अज्ञात चीन को पृथ्‍वी पर किया रिलीज
  • वैज्ञानिक प्रोजेक्‍ट का मकसद नहीं जान पाए हैं

शेनलोंग अंतरिक्ष यान को पिछले साल 14 दिसंबर को लॉन्‍च किया गया था।

China Space Plane : चीन के रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को च‍िंता में डाला हुआ है! एक रिपोर्ट के अनुसार, 24 मई को शेनलोंग अंतरिक्ष यान (Shenlong space plane) ने पृथ्वी की सतह से 372 मील (600 किलोमीटर) ऊपर एक अज्ञात उड़ती हुई चीज यानी अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्‍जेक्‍ट ( UFO) को छोड़ा। एक्‍सपर्ट्स को ठीक से यह नहीं पता चला है कि वह क्‍या है। हालांकि उनका मानना ​​है कि वह एक छोटा सैटेलाइट या हार्डवेयर का टुकड़ा हो सकता है, जिसे स्‍पेस प्‍लेन ने ऑर्बिट से बाहर निकलने से पहले रिलीज कर दिया हो। 

लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, शेनलोंग अंतरिक्ष यान को पिछले साल 14 दिसंबर को लॉन्‍च किया गया था। तब से अमेरिकी स्‍पेस फोर्स इस स्पेस प्लेन पर नजर रख रही है। इस प्‍लेन के बारे में बहुत कम जानकारी है। हालांकि यह अमेरिका द्वारा डेवलप किए जा रहे सीक्रेट बोइंग X-37B स्पेस प्लेन जैसी लगती है, जो ऑर्बिट में कई साल तक चक्‍कर लगा सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, चीन का स्‍पेस प्‍लेन पहली बार साल 2020 में लॉन्च हुआ था और दो दिनों तक ऑर्बिट में रहा। 2022 के आखिर में यह दूसरी बार उड़ा और 276 दिनों तक हवा में रहा। पिछले साल लॉन्‍च होने के बाद से अबतक इसने हवा में 6 छोटे ऑब्‍जेक्‍ट रिलीज किए हैं। इन ऑब्‍जेक्‍ट्स पर चीन कुछ नहीं बोलता। 

दिलचस्‍प यह है कि अमेरिकी मिलिट्री का X-37B स्‍पेस प्‍लेन भी पृथ्‍वी की कक्षा में है और अपने सीक्रेट तरीके से अपने काम कर रहा है। दोनों मिशन्‍स का लक्ष्‍य क्‍या है, दुनिया अबतक नहीं जान पाई है। कुछ समय पहले आई रिपोर्ट में पता चला था कि चीन दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसा स्‍पेसक्राफ्ट है, जिसे रीयूज किया जा सकता है। चीन के स्‍पेस प्‍लेन में भी यह खूबी बताई जाती है। 

एक्‍सपर्ट का मानना है कि चीन का स्‍पेस प्‍लेन अमेरिका के बोइंग X-37B की तरह है। सेंटर फॉर नेवल एनालिसिस के एक रिसर्च साइंटिस्‍ट केविन पोलपेटर ने नेचरडॉटकॉम को कुछ वक्‍त पहले बताया था कि अमेरिकी स्‍पेस प्‍लेन ने चीन को भी ऐसा प्‍लेन तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि चीन का स्‍पेस प्रोग्राम देश की सेना के काफी करीब है।
 
 

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