Chandrayaan 3 Vikram Lander : Nasa के लिए कामयाबी की सीढ़ी बना विक्रम लैंडर, चांद पर लोकेशन खोजने का नया तरीका मिला

नासा के लूनार रीकानिसन्स ऑर्बिटर (LRO) को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चांद पर सटीक लोकेशन भी मिल गई है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 3 अप्रैल 2024 14:39 IST
ख़ास बातें
  • नासा के लूनार रीकानिसन्स ऑर्बिटर (LRO) को मिली कामयाबी
  • विक्रम लैंडर की सटीक लोकेशन का लगाया पता
  • 12 दिसंबर को विक्रम लैंडर की ओर लेजर तरंगें भेजी थीं

नासा ने एलआरओ और विक्रम लैंडर पर लगे एक छोटे रेट्रोरिफ्लेक्टर के बीच लेजर लाइट को ट्रांसमिट और रिफ्लेक्‍ट किया।

Photo Credit: Nasa

Vikram Lander : भारत का चंद्रयान-3 मिशन औरों के लिए मददगार साबित हो रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) को चांद पर किसी ऑब्‍जेक्‍ट की लोकेशन ट्रेस करने का एक नया तरीका मिल गया है। इस प्रयोग में इसरो (ISRO) के विक्रम लैंडर ने अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही नासा के लूनार रीकानिसन्स ऑर्बिटर (LRO) को चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चांद पर सटीक लोकेशन भी मिल गई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहे नासा के LRO स्‍पेसक्राफ्ट ने विक्रम लैंडर की चांद पर सटीक लोकेशन का पता लगाया। नासा ने एलआरओ और विक्रम लैंडर पर लगे एक छोटे रेट्रोरिफ्लेक्टर के बीच लेजर लाइट को ट्रांसमिट और रिफ्लेक्‍ट किया। इससे चांद की सतह पर किसी टार्गेट की सटीक लोकेशन पता करने का नया तरीका मिल गया।

नासा के LRO ने 12 दिसंबर को विक्रम लैंडर की ओर लेजर तरंगें भेजीं। तब विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर मंजिनस क्रेटर के पास LRO स्‍पेसक्राफ्ट से 100 किलोमीटर दूर था। प्रयोग को तब कामयाबी मिली, जब विक्रम लैंडर के रेट्रोरिफ्लेक्टर से लेजर लाइट वापस लौटकर आई। इससे नासा को पता चला कि उनकी तकनीक काम कर गई है। 

बीते शुक्रवार को ही इसरो ने जानकारी दी थी कि विक्रम लैंडर पर लगे लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर ऐरे (एलआरए) ने चंद्रमा पर एक मार्कर यानी ‘फिडुशियल पॉइंट' के रूप में काम करना शुरू कर दिया है।

वैज्ञानिकों ने बताया कि चांद पर ‘रिवर्स तकनीक' का उपयोग करने के कई लाभ हैं। उदाहरण के लिए चांद के ऑर्बिट में घूम रहे किसी स्‍पेसक्राफ्ट से लेजर तरंगे भेजकर टार्गेट की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। इससे वहां लैंड करने वाले लैंडर को मदद मिल सकती है। प्रयोग के दौरान नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में टीम का नेतृत्व करने वाले जियाओली सन ने कहा कि हमने यह दिखाया है कि चंद्रमा की कक्षा से सतह पर अपने रेट्रोरिफ्लेक्टर का पता लगा सकते हैं।
Advertisement

नासा का कहना है कि विक्रम लैंडर पर लगा वह इंस्‍ट्रूमेंट टिकाऊ है। उसे बिजली या किसी मेंटनेंस की जरूरत नहीं है। वह दशकों तक काम कर सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. IND vs NZ Live Streaming: भारत-न्यूजीलैंड फाइनल मैच आज, बनेगा नया इतिहास? IND vs NZ लाइव ऐसे देखें फ्री!
  2. Amazon सेल में Rs 20 हजार से सस्ते हुए Vivo, Realme, Redmi, Infinix जैसे ब्रांड्स के ये धांसू फोन
  3. iPhone 18 Pro, Pro Max लॉन्च से पहले लीक हुआ लुक! मिल सकते हैं तीन नए शानदार कलर
#ताज़ा ख़बरें
  1. Flipkart सेल में Rs 1500 से भी सस्ते मिल रहे 20,000mAh के ये पावर बैंक
  2. Ugreen ने 20,000mAh बैटरी वाला फोल्डिंग पावर बैंक किया लॉन्च, जानें कीमत
  3. IND vs NZ Live Streaming: भारत-न्यूजीलैंड फाइनल मैच आज, बनेगा नया इतिहास? IND vs NZ लाइव ऐसे देखें फ्री!
  4. Flipkart Republic Day Sale: Acer, Asus जैसे ब्रांड के लैपटॉप पर 50% से ज्यादा की छूट!
  5. iPhone 18 Pro, Pro Max लॉन्च से पहले लीक हुआ लुक! मिल सकते हैं तीन नए शानदार कलर
  6. Amazon सेल में Rs 20 हजार से सस्ते हुए Vivo, Realme, Redmi, Infinix जैसे ब्रांड्स के ये धांसू फोन
  7. Amazon सेल में 55 इंच बड़े Samsung, Sony, Xiaomi के Smart TV हुए Rs 40 हजार से भी ज्यादा सस्ते!
  8. BMW की भारत में 3 नए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लॉन्च करने की योजना, सेल्स में EVs की हिस्सेदारी बढ़ाने का टारगेट
  9. Amazon की सेल में Apple, Dell, HP और कई ब्रांड्स के थिन लैपटॉप्स पर भारी डिस्काउंट
  10. Amazon Great Republic Day सेल में Rs 5 हजार से सस्ते में मिल रहीं ये बेस्ट स्मार्टवॉच
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.