Toshiba ने भूकंप के बाद जापान के चिप प्लांट में प्रोडक्शन रोका

इस प्लांट में सिस्टम LSI चिप बनते हैं जिनकी लगभग 60 प्रतिशत बिक्री कार मेकर्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाने वाली फर्मों को की जाती है

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अपडेटेड: 24 जनवरी 2022 16:58 IST
ख़ास बातें
  • भूकंप से प्लांट में कुछ इक्विपमेंट को नुकसान हुआ है
  • कंपनी उत्तरी जापान में मौजूद एक प्लांट में भी LSI चिप बनाती है
  • सेमीकंडक्टर्स का इस्तेमाल कारों और इंडस्ट्रियल मशीनरी में होता है

सेमीकंडक्टर्स की सप्लाई घटने से कई ग्लोबल ऑटोमोबाइल कंपनियों कम कैपेसिटी पर प्रोडक्शन कर रही हैं

Toshiba ने दक्षिणी जापान में Oita के चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कामकाज रोक दिया है। इस क्षेत्र में पिछले सप्ताह के अंत में बड़ा भूकंप आया था। इस प्लांट में कारों और इंडस्ट्रियल मशीनरी में इस्तेमाल  किए जाने वाले सेमीकंडक्टर बनाए जाते हैं। कंपनी ने सोमवार को एक स्टेटमेंट में बताया कि भूकंप से कुछ इक्विपमेंट को नुकसान हुआ है और इसके प्रोडक्शन पर असर का आकलन किया जा रहा है।

इस प्लांट में सिस्टम LSI चिप बनते हैं जिनकी लगभग 60 प्रतिशत बिक्री कार मेकर्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाने वाली फर्मों को की जाती है। तोशिबा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज एंड स्टोरेज के प्रवक्ता ने बताया कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि प्रोडक्शन कब तक दोबारा शुरू किया जा सकता है। कंपनी उत्तरी जापान में मौजूद एक प्लांट में भी LSI चिप बनाती है। इसके अलावा यह Renesas Electronics जैसी अन्य लोकल कंपनियों के साथ मिलकर डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग भी करती है।

सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण पिछले वर्ष से ऑटोमोबाइल कंपनियों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इससे इन कंपनियों को प्रोडक्शन में कटौती भी करनी पड़ी है। सेमीकंडक्टर्स की सप्लाई घटने से कई ग्लोबल ऑटोमोबाइल कंपनियों कम कैपेसिटी पर प्रोडक्शन कर रही हैं। टाटा मोटर्स जैसी भारतीय कंपनियों को भी इससे प्रोडक्शन घटाना पड़ा है। इसका असर कस्टमर्स को कारों की डिलीवरी पर पड़ा है। कारों के कुछ लोकप्रिय मॉडल्स की डिलीवरी में इससे कई महीनों की देर हो रही है।

भारत ने सेमीकंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की योजना बनाई है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 10 बिलियन (लगभग 76,090 करोड़ रुपये) की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से सेमीकंडक्‍टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरर्स को उनकी प्रोजेक्‍ट लागत का 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता के तौर पर उपलब्ध कराया जा सकता है। इजरायल की Tower Semiconductor, ताइवान की Foxconn और सिंगापुर की एक कंपनी ने भारत में चिप फैक्‍ट्री लगाना चाहती हैं। सेमीकंडक्टर मैन्‍युफैक्‍चरिंग को प्रोत्साहित करने की यह योजना ऐसे समय में आई है, जब दुनिया भर की ऑटोमोबाइल और टेक कंपनियां चिप की कमी से जूझ रही हैं। इंटीग्रेटेड सर्किट और चिपसेट डिजाइन पर काम कर रही स्थानीय कंपनियों की मदद के लिए भी सरकार ने एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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