भारत ने रोका Vivo के 27,000 स्मार्टफोन्स का एक्सपोर्ट, चीन के साथ विवाद का असर

Vivo की देश में मौजूद यूनिट की मैन्युफैक्चरिंग वाले इन स्मार्टफोन्स को फाइनेंस मिनिस्ट्री की रेवेन्यू इंटेलिजेंस यूनिट ने नई दिल्ली के एयरपोर्ट पर रोका है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 दिसंबर 2022 15:48 IST
ख़ास बातें
  • कंपनी पर डिवाइस के मॉडल्स और उनकी वैल्यू की गलत जानकारी देने का आरोप है
  • इस शिपमेंट की वैल्यू लगभग 1.5 करोड़ डॉलर की है
  • भारतीय मोबाइल कंपनियों के एक संगठन ने इस कार्रवाई को एकतरफा कहा है

इससे भारत से विदेश में डिवाइसेज के एक्सपोर्ट की कंपनी की योजना को झटका लगा है

भारत और चीन के बीच बॉर्डर के विवाद को लेकर तनाव का असर चाइनीज कंपनियों पर भी पड़ रहा है। भारतीय अथॉरिटीज ने चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी Vivo के लगभग 27,000 स्मार्टफोन्स का एक्सपोर्ट रोक दिया है। इससे भारत से विदेश में डिवाइसेज के एक्सपोर्ट की कंपनी की योजना को झटका लगा है। 

Vivo की देश में मौजूद यूनिट की मैन्युफैक्चरिंग वाले इन स्मार्टफोन्स को फाइनेंस मिनिस्ट्री की रेवेन्यू इंटेलिजेंस यूनिट ने नई दिल्ली के एयरपोर्ट पर रोका है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कंपनी पर डिवाइस के मॉडल्स और उनकी वैल्यू की गलत जानकारी देने का आरोप है। इस शिपमेंट की वैल्यू लगभग 1.5 करोड़ डॉलर की है। हालांकि, भारतीय मोबाइल कंपनियों के एक संगठन ने इस कार्रवाई को 'एकतरफा और बेतुका' कहा है। इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन Pankaj Mohindroo ने टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री को लिखे एक पत्र में कहा है, "प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से इस तरह की कार्रवाई से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को नुकसान होगा।" 

इससे पहले चीन की एक अन्य स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi की भारत में यूनिट पर अपने बैंकर Deutsche Bank को वर्षों तक गलत जानकारी देने का आरोप लगा था। कंपनी ने दावा किया था कि उसका रॉयल्टी की पेमेंट के लिए एग्रीमेंट है, जबकि ऐसा कुछ नहीं था। कंपनी के खिलाफ जांच में पाया गया था कि उसने रॉयल्टी की 'मद' में अमेरिकी चिप कंपनी Qualcomm और अन्यों को 'गैर कानूनी' तरीके से रकम भेजी थी। 

हालांकि, कंपनी ने किसी गड़बड़ी से इनकार किया था और एक भारतीय कोर्ट में याचिका दायर कहा था कि उसकी ओर से की गई पेमेंट्स वैध थी और भारत में उसके एसेट्स को जब्त करने से एक महत्वपूर्ण मार्केट में उसका बिजनेस लगभग रुक गया है। देश में Deutsche Bank के एक एग्जिक्यूटिव ने जांच अधिकारियों को अप्रैल में बताया था कि भारतीय कानून के तहत रॉयल्टी की पेमेंट्स के लिए Xiaomi की भारत में यूनिट और क्वालकॉम के बीच एक कानूनी एग्रीमेंट होना जरूरी था। कंपनी ने Deutsche Bank को बताया था कि उसके पास ऐसा एग्रीमेंट मौजूद है। एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने ये एसेट्स जब्त किए हैं। ED का आरोप है कि कंपनी ने रॉयल्टी के भुगतान की मद में विदेश में गैर कानूनी तरीके से रकम ट्रांसफर की थी। 

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Infinix Note Edge 5G vs Poco M8 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. क्या है NCERT का e-Jaadui Pitara ऐप? कैसे करेगा बच्चों की सीखने में मदद
  2. 7000mAh बैटरी वाला Infinix XPAD 30E टैबलेट AI लर्निंग फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  3. JioHome का क्रिकेट ऑफर, हाई क्वालिटी में देखें ICC T20 वर्ल्ड कप, साथ में 1457 रुपये के फायदे बिलकुल फ्री
  4. Infinix Note Edge 5G vs Poco M8 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  5. 9,154 रुपये सस्ता मिल रहा Xiaomi का 6200mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा वाला फोन! सबसे बड़ा डिस्काउंट
  6. भारत में Samsung Galaxy S26 सीरीज के लिए प्री-बुकिंग कराने वाले कस्टमर्स को मिलेगा मुफ्त स्टोरेज अपग्रेड
  7. Vivo X300 FE में मिल सकते हैं RAM और स्टोरेज के 2 वेरिएंट
  8. Pixel 10a भारत में लॉन्च: 48MP कैमरा, 5100mAh बैटरी वाले फोन को 7 साल तक मिलेंगे OS अपडेट्स! जानें कीमत
  9. Samsung Galaxy S26 के लॉन्च से पहले धमाका! प्री-रिजर्वेशन के साथ Rs 50 हजार तक जीतने का मौका
  10. अब AI से बातचीत करके बनेगा ट्रिप प्लान, MakeMyTrip और OpenAI ने मिलाया हाथ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.