Apple ने दी iPhone के लिए सस्ते चार्जर्स से बचने की चेतावनी

एपल का कहना है कि अन्य ब्रांड्स के चार्जर और केबल्स का इस्तेमाल करने से धीमी चार्जिंग और बैटरी को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 17 दिसंबर 2023 16:14 IST
ख़ास बातें
  • एपल के AirPods Mac, iPad और स्मार्टवॉच को भी काफी पसंद किया जाता है
  • गलत एक्सेसरी से इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी या दुर्घटना की आशंका रहती है
  • पिछले कुछ वर्षों में आईफोन की सेल्स तेजी से बढ़ी है

कंपनी के डिवाइसेज के करोड़ों यूजर्स हैं

अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple के iPhone की बड़ी संख्या में बिक्री होती है। दुनिया भर में एपल के AirPods Mac, iPad और स्मार्टवॉच को भी काफी पसंद किया जाता है। इन डिवाइसेज के करोड़ों यूजर्स हैं। एपल ने इन प्रोडक्ट्स के लिए नॉन-सर्टिफाइड चार्जर्स और केबल्स का इस्तेमाल करने को लेकर चेतावनी दी है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में कंपनी के एक सपोर्ट डॉक्यूमेंट के हवाले से बताया गया है कि एपल ने कस्टमर्स को अन्य ब्रांड्स के चार्जर और केबल्स इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। एपल का कहना है कि अन्य ब्रांड्स के चार्जर और केबल्स का इस्तेमाल करने से धीमी चार्जिंग और बैटरी को नुकसान होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। टेक एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि गलत एक्सेसरी का इस्तेमाल करने पर इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी और दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है। एपल ने कहा है कि कस्टमर्स को कंपनी की ओर से मैन्युफैक्चर्ज चार्जर्स या एपल के लिए बनाए सर्टिफिकेशन वाले चार्जर्स का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, यह सर्टिफिकेशन कोई गारंटी नहीं देता। 

भारत की यूरोपियन यूनियन (EU) के समान आईफोन के लिए यूनिवर्सल चार्जिंग पोर्ट के रूल को लागू करने की योजना के बारे में हाल ही ही में एपल ने केंद्र सरकार के सामने विरोध दर्ज कराया है। कंपनी ने सरकार से कहा है कि अगर देश में EU के समान मौजूदा iPhones के लिए यूनिवर्सल चार्जिंग पोर्ट का रूल लागू किया जाता है तो उसके प्रोडक्शन के टारगेट पर असर पड़ेगा। देश में स्मार्टफोन्स के लिए USB-C चार्जिंग पोर्ट अनिवार्य करने के रूल को लागू करने की तैयारी की जा रही है। 

Reuters की रिपोर्ट में सरकार के एक दस्तावेज के हवाले से बताया गया था कि एपल इस रूल में छूट या इसे टालने के लिए लॉबीइंग कर रही है। EU में यह रूल लागू होने के छह महीने बाद जून 2025 में सरकार इसे देश में अनिवार्य करना चाहती है। Samsung सहित लगभग सभी स्मार्टफोन मेकर्स ने इसके लिए सहमति दी है। हालांकि, एपल इसके पक्ष में नहीं है। आईफोन्स में वर्षों से एक अलग लाइटनिंग कनेक्टर पोर्ट का इस्तेमाल होता है। EU का अनुमान है कि सिंगल चार्जिंग सॉल्यूशन से कस्टमर्स के लगभग 27.1 करोड़ डॉलर की बचत होगी। भारत में इससे इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट को घटाने में आसानी होगी और आईफोन इस्तेमाल करने वालों को सुविधा मिलेगी। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 16 में मिल सकता है 2K डिस्प्ले, नए डिजाइन वाला कैमरा मॉड्यूल
#ताज़ा ख़बरें
  1. IND vs SL Test Match LIVE: भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच आज, यहां देखें फ्री!
  2. iQOO Buds भारत में 20 अगस्त को होंगे लॉन्च, डिजाइन आया सामने
  3. ₹4500 सस्ता मिल रहा Oppo का 50MP 3 कैमरा वाला फोन! Flipkart पर जबरदस्त ऑफर
  4. Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का संबोधन, ऐसे देखें फ्री!
  5. Apple का फोल्डेबल आईफोन शुरुआत में सिर्फ एक मार्केट में हो सकता है लॉन्च
  6. इंटरनेशनल EV एफिशिएंसी रेटिंग्स में Tata Motors को मिला पहला रैंक, Tesla को दी मात
  7. iQOO 16 में मिल सकता है 2K डिस्प्ले, नए डिजाइन वाला कैमरा मॉड्यूल
  8. Vivo X500 Pro Max में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  9. President Murmu Address Live: 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश कुछ ही देर में, ऐसे देखें LIVE
  10. Redmi Turbo 5 हो गया ₹6 हजार महंगा! 8GB रैम वेरिएंट अब इतने में खरीदें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.