iPhone की सेल्स घटने से Apple के रेवेन्यू में 4 वर्ष में पहली बार हुई कमी

कंपनी की दिसंबर तिमाही के दौरान बिक्री 117 अरब डॉलर की रही, जो इससे पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत कम है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 फरवरी 2023 12:58 IST
ख़ास बातें
  • एपल का प्रॉफिट लगभग 30 अरब डॉलर का रहा
  • कंपनी के कमजोर रिजल्ट का असर इसके शेयर पर भी पड़ा है
  • एपल ने भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट भी बढ़ाया है

कंपनी का अक्टूबर-दिसंबर के दौरान प्रॉफिट भी कम हुआ है

अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी Apple के तिमाही रेवेन्यू में लगभग चार वर्ष बाद पहली बार गिरावट हुई है। इसका बड़ा कारण चीन में कोरोना की वजह से लगी पाबंदियों के कारण हॉलिडे सीजन के दौरान नई  iPhone सीरीज की बिक्री घटना है। कंपनी की दिसंबर तिमाही के दौरान बिक्री 117 अरब डॉलर की रही, जो इससे पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत कम है। 

कंपनी का अक्टूबर-दिसंबर के दौरान प्रॉफिट भी कम हुआ है। एपल का प्रॉफिट लगभग 30 अरब डॉलर का रहा। कंपनी के कमजोर रिजल्ट का असर इसके शेयर पर भी पड़ा है। इसके शेयर प्राइस में गुरुवार को लगभग पांच प्रतिशत तक की गिरावट हुई। हालांकि, एपल के मैनेजमेंट के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताने के बाद एपल के शेयर में रिकवरी हुई और इसमें गिरावट कम होकर एक प्रतिशत से कम रह गई। एपल के रिजल्ट्स से महंगे इंटरेस्ट रेट्स और कुछ अन्य कारणों से स्लोडाउन की आशंका बढ़ गई है। 

दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली लिस्टेड कंपनी एपल के लिए आईफोन की बिक्री में पिछली बार कमी कोरोना के दौरान हुई थी। UBS के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि आईफोन की बिक्री चीन और यूरोप की तुलना में अमेरिका में अधिक हो सकती है। चीन और यूरोप पर कोरोना और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की मार पड़ी है।एडवाइजरी फर्म Cowen का कहना है कि सप्लाई चेन की चुनौतियों में कमी हुई है। हालांकि, कुछ अन्य कारणों के कारण कंपनी के लिए डिमांड घटी है। इस वर्ष आईफोन की सेल्स में लगभग दो प्रतिशत की कमी हो सकती है। 

एपल ने भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही एक्सपोर्ट भी बढ़ाया है। कंपनी ने दिसंबर में देश से एक अरब डॉलर के हैंडसेट्स का एक्सपोर्ट किया है। भारत में एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स Foxconn और Wistron की फैक्टरी में आईफोन की असेंबलिंग की जाती है। एपल ने iPhone के कुल प्रोडक्शन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का टारगेट बनाया है। कंपनी के लिए यह आंकड़ा अभी लगभग सात प्रतिशत का है। एपल ने कुछ वर्ष पहले अपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Wistron के जरिए देश में आईफोन की असेंबलिंग शुरू की थी। एपल के लिए चीन मैन्युफैक्चरिंग का हब है। हालांकि, पिछले वर्ष कोरोना के कारण पाबंदियों और अन्य मुश्किलों के कारण चीन में एपल की मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा असर पड़ा था। 
 
 

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