NPCI का अनुमान है कि UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR के लागू होने के बाद इन ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ेगा। इन ट्रांजैक्शंस पर 15 अक्टूबर से MDR लागू होना है। UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा
पिछले वर्ष सितंबर की तुलना में ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम लगभग 23 प्रतिशत बढ़ी है
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए सितंबर में 24 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शंस हुई हैं। अगस्त की तुलना में इन ट्रांजैक्शंस में कुछ गिरावट हुई है। हालांकि, सितंबर में प्रति दिन की औसत ट्रांजैक्शंस अगस्त की तुलना में बढ़ी हैं। पिछले वर्ष सितंबर की तुलना में ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम लगभग 23 प्रतिशत बढ़ी है।
UPI को ऑपरेट करने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के डेटा के अनुसार, सितंबर में UPI के जरिए 24.07 अरब ट्रांजैक्शंस हुई हैं। इन ट्रांजैक्शंस की वैल्यू लगभग 29.37 लाख करोड़ रुपये की थी। अगस्त में UPI के जरिए 24.51 अरब ट्रांजैक्शंस हुई थी और इन ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू लगभग 29.82 लाख करोड़ रुपये की थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में प्रति दिन की औसत UPI ट्रांजैक्शंस 80.2 करोड़ थी। अगस्त में प्रति दिन की औसत ट्रांजैक्शंस 79.1 करोड़ दर्ज की गई थी।
NPCI ने सितंबर के लिए UPI ट्रांजैक्शंस में ऐप्स की हिस्सेदारी के आंकड़े नहीं दिए हैं। अगस्त में UPI ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम में PhonePe की सबसे अधिक लगभग 45.64 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। इसके बाद Google Pay का लगभग 32.26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान था। NPCI का अनुमान है कि UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR के लागू होने के बाद इन ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ेगा। इन ट्रांजैक्शंस पर 15 अक्टूबर से MDR लागू होना है।
NPCI का मानना है कि लगभग 10 प्रतिशत मर्चेंट्स के UPI पर MDR का भार कस्टमर्स पर डालने का रिस्क है। लगभग 75 प्रतिशत मर्चेंट्स को 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस नहीं मिलती, जबकि लगभग 10 प्रतिशत मर्चेंट्स क्रेडिट कार्ड से पेमेंट नहीं लेते। इस वजह से चार्जेज को लेकर मुश्किल स्थिति हो सकती है और इसका असर कस्टमर्स पर पड़ सकता है। UPI के जरिए होने वाली ट्रांजैक्शंस के लगभग 96 प्रतिशत पर कोई चार्ज नहीं लगता। NPCI को UPI पर MDR से लॉन्ग-टर्म में वैल्यू दिख रही है। कस्टमर्स को क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स जैसे इंसेंटिव को UPI के यूजर्स के लिए भी पेश किया जा सकता है। हाल ही में केंद्र सरकार ने संकेत दिया था कि 2,000 रुपये से ज्यादा की UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाने के फैसले की समीक्षा नहीं होगी। सरकार को उम्मीद है कि नए चार्ज को लगाने के बावजूद UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी जारी रहेगी। UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा। हालांकि, इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शंस की लिमिट तय की गई है।
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