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गजब डिवाइस: वैज्ञान‍िकों ने बनाया ऐसा डिवाइस जो बोल नहीं पाते वो भी बोल पाएंगे, जानें सबकुछ

रिसर्चर ने एक नया डिवाइस तैयार किया है जो आपके गले में मांसपेशियों की गतिविधियों को स्पीच में ट्रांसलेट कर सकता है।

गजब डिवाइस: वैज्ञान‍िकों ने बनाया ऐसा डिवाइस जो बोल नहीं पाते वो भी बोल पाएंगे, जानें सबकुछ

Photo Credit: nature.com

ख़ास बातें
  • रिसर्चर ने एक नया डिवाइस तैयार किया है जो आवाज वापस ला सकता है।
  • हाल ही की एक स्टडी में बताया गया है कि यह पैच 5 पतली लेयर से बना है।
  • फ्लेक्सिबल पैच पूरी तरह से मांसपेशियों की गतिविधियों पर काम करता है।
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रिसर्चर ने एक नया डिवाइस तैयार किया है जो आपके गले में मांसपेशियों की गतिविधियों को स्पीच यानी कि बाचतीत में ट्रांसलेट कर सकता है, जिससे आवाज संबंधी समस्याओं वाले लोगों को फिर से बातचीत करने की सुविधा मिलेगी। यह सेल्फ-पावर्ड पैच आपकी गर्दन से चिपक जाता है और गले की गतिविधियों को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में कंवर्ट करने के लिए छोटे मैग्नेटिक का उपयोग करता है। अमेरिका बेस्ड रिसर्चर ने नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित एक स्टडी में खुलासा किया कि छोटा, फ्लेक्सिबल पैच पूरी तरह से मांसपेशियों की गतिविधियों पर काम करता है। आइए इस पैच के बारे में विस्तार से जानते हैं।

हाल ही की एक स्टडी में बताया गया है कि यह पैच 5 पतली लेयर से बना है। बाहरी लेयर सॉफ्ट और फ्लेक्सिबल होती हैं, जबकि मिडल लेयर छोटी मैग्नेटिक होती हैं जो मांसपेशियों की मूवमेंट पर रिएक्ट करती हैं। बाकी दो लेयर इलेक्ट्रिकल सिग्नल जनरेट करने के लिए इन मैग्नेटिक शिफ्ट का इस्तेमाल करती हैं। फिर एक मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम इन इलेक्ट्रिकल सिग्नल को लेता है और उन्हें स्पीच में बदल देता है। एल्गोरिदम को ट्रेन करने के लिए प्रतिभागियों ने छोटे फ्रेज को दोहराया जबकि डिवाइस ने उनके गले की एक्टिविटी को ट्रैक किया। इससे सिस्टम को खास मूवमेंट और बोले गए शब्दों के बीच कनेक्शन बनाने की सुविधा मिली।

8 लोगों के साथ टेस्ट में एल्गोरिदम ने पैच के सिग्नल को स्पीच में ट्रांसलेट करने में 95 प्रतिशत सटीकता हासिल की, जिसमें प्रतिभागी चल रहे थे या दौड़ रहे थे। टेस्ट से यह भी पता चला कि डिवाइस इस बात की परवाह किए बिना काम करता है कि किसी ने ये फ्रेज (वाक्यांश) जोर से बोले या चुपचाप बोले। स्टडी के अनुसार, लगभग एक-तिहाई व्यक्ति अपने जीवन के दौरान कम से कम एक वॉयस डिसोर्डर का अनुभव करते हैं। रिसर्चर ने बताया कि आवाज की गंभीर समस्याओं के लिए मौजूदा उपचार इलेक्ट्रोलारेंक्स जैसे हैंडहेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल करना असुविधाजनक या दिक्कत देने वाले हो सकता है।

यह टेक्नोलॉजी उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है जो कि वोकल कॉर्ड खराब या सर्जरी के चलते बोलने की क्षमता खो चुके हैं। पैच में सेल्फ-पावरिंग डिजाइन दिया गया है, जिससे बैटरी की जरूरत नहीं पड़ती है। इसकी बदौलत यह एक सुविधाजनक और लंबे समय तक चलने वाला डिवाइस बन जाता है।
 
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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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