डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने रेल यात्रा करने वालों के फोन खोने या चोरी होने पर ब्लॉक करने, उनको ट्रेस करने और रिकवर करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के साथ साझेदारी की है। यह पहल डिजिटल इकोसिस्टम में बेहतर सिक्योरिटी प्रदान करने के लिए DoT के Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म को Rail Madad ऐप के साथ इंटीग्रेट करके फायदा पहुंचाती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
रेल या स्टेशन पर मोबाइल खोने या चोरी होने की घटना बहुत ज्यादा आम है। Rail Madad और Sanchar Saathi का इंटीग्रेशन यात्रियों को सहूलियत प्रदान करता है। ट्रेन में यात्रा करने वाले Rail Madad ऐप के जरिए खोए या चोरी हुए फोन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इन शिकायतों की जानकारी संचार साथी पोर्टल पर ट्रांसफर कर दी जाएगी, जिससे डिवाइस को ब्लॉक करना, ट्रेस करना और RPF रिकवरी के लिए अलर्ट जनरेट करना आसान होता है। इस पहल के लिए 17 रेलवे जोन और 70+ डिवीजनों के 250 से ज्यादा ऑफिसर को संचार साथी पोर्टल पर जोड़ा गया है, जिससे रिकवरी ऑपरेशन में मदद मिलती है।
CEIR मॉड्यूल के जरिए अब तक ये उपलब्धियां हुईं हैं। आज तक 30 लाख मोबाइल डिवाइस ब्लॉक किए गए। 18 लाख डिवाइस को ट्रेस किया गया। 3.87 लाख डिवाइस बरामद हुए और उनके असली मालिकों को लौटाए गए।
Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म की खासियतें
Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है। इसके साथ ही ट्रेसिंग और रिकवरी भी आसान होती है। रेल मदद के साथ इंटीग्रेशन यात्रियों के लिए एक आसान शिकायत सिस्टम प्रदान करता है। हाल ही में RPF ऑफिसर्स के लिए आयोजित ट्रेनिंग सेशन के दौरान संचार साथी की मुख्य विशेषताओं और फायदों पर चर्चा हुई। DoT की LSA फील्ड यूनिट के ऑफिसर भी इसमें शामिल हुए और आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी वाले समाधानों के बारे में जानकारी मिली।