इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए केंद्र सरकार ने 1.275 लाख करोड़ रुपये के खर्च के लिए अप्रूवल दिया है। सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज के लिए 76,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था
सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज में सरकार ने 12 प्रोजेक्ट्स को अप्रूवल दिया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत की सेमीकंडक्टर की यात्रा में चुनौतियां आ रही हैं लेकिन यह प्रोजेक्ट और प्लानिंग से आगे बढ़कर मैन्युफैक्चरिंग तक पहुंच गई है। पिछले कुछ वर्षों में सेमीकंडक्टर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है।
Semicon India के पांचवें एडिशन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर का इंटरनेशनल मार्केट 20 प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढ़ रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी डिमांड की बड़ी हिस्सेदारी है। डेटा सेंटर्स में AI चिप्स का इस्तेमाल हो रहा है। इससे इलेक्ट्रिसिटी की खपत भी बढ़ी है। देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही पावर सेक्टर में इनवेस्टमेंट बढ़ाने की जरूरत है। मोदी ने सेमीकंडक्टर से जुड़ी सप्लाई चेन के भू-राजनीतिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन्स पर 'कड़ा नियंत्रण' किया जा रहा है और भारत एक विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग लोकेशन के तौर पर अपनी पोजिशन बना सकता है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए केंद्र सरकार ने 1.275 लाख करोड़ रुपये के खर्च के लिए अप्रूवल दिया है। सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज के लिए 76,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत, मैन्युफैक्चरिंग के अलावा चिप डिजाइन, इक्विपमेंट, पैकेजिंग और रिसर्च एंड डिवेलपमेंट (R&D) के लिए भी सपोर्ट दिया जाएगा। मोदी ने कहा कि भारत ने चिप डिजाइन, टेस्टिंग और सेमीकंडक्टर से जुड़ी वैल्यू चेन के अन्य हिस्सों में तेजी से कैपेबिलिटी बनाई है।
सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के पहले फेज में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को अप्रूवल दिया है। इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स में कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो गई है। देश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को इंसेंटिव देने में गुजरात का अग्रणी स्थान है। गुजरात में सेमीकंडक्टर से जुड़ी इंडस्ट्री में 13.66 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से मंजूर किए गए कुल 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट में से 6 प्रोजेक्ट गुजरात में हैं। गुजरात में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए साणंद और धोलेरा महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन रहे हैं। साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने DRAM और NAND मेमोरी चिप्स के लिए अत्याधुनिक ATMP (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) प्लांट लगाया है। Tata Group की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने धोलेरा में देश की पहली सेमीकंडक्टर फैब का कंस्ट्रक्शन शुरू किया है।
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