Hyundai ने Ioniq 5 EV के साथ साउथ कोरिया में शुरू की ड्राइवरलेस राइड सर्विस

सर्विस को साउथ कोरिया के सिओल में गंगनम डिस्ट्रिक्ट में शुरू किया गया है। सबसे पहले राइड करने वाले पैसेंजरों में सिओल के मेयर और दूसरे शहर के अधिकारी शामिल थे।

Hyundai ने Ioniq 5 EV के साथ साउथ कोरिया में शुरू की ड्राइवरलेस राइड सर्विस

Photo Credit: Hyundai

Hyundai ने साउथ कोरिया में लेवल 4 ऑटोनॉमस RoboRide सर्विस शुरू की है।

ख़ास बातें
  • सर्विस को साउथ कोरिया के सिओल में शुरू किया गया है।
  • कैब को i.M ऐप के माध्यम से बुलाया जा सकेगा।
  • शुरू के दिनों में यह केवल कंपनी के कर्मचारियों के लिए रहेगी उपलब्ध।
विज्ञापन
ड्रावरलेस कार पिछले काफी समय में चर्चा में रही हैं। पश्चिम के कई देशों में इनके लिए ट्रायल और ऑपरेशन चल रहे हैं। Hyundai इस मामले में एक कदम और आगे बढ़ गई है और कंपनी ने साउथ कोरिया में ड्राइवरलेस कैब सर्विस की शुरुआत कर दी है। Hyundai ने साउथ कोरिया में लेवल 4 ऑटोनॉमस रोबोराइड (RoboRide) सर्विस शुरू की है। यानि कि लोग बिना ड्राइवर वाली कार में सफर कर सकेंगे। 

सर्विस को साउथ कोरिया के सिओल में शुरू किया गया है। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी भी दी है। इसे सबसे पहले गंगनम डिस्ट्रिक्ट में शुरू किया गया है। सबसे पहले राइड करने वाले पैसेंजरों में सिओल के मेयर और दूसरे शहर के अधिकारी शामिल थे। उन्हें एक रूट पर ले जाया गया जो कि इस सर्विस के लिए साउथ कोरिया में एकलौती लोकेशन है। इस सर्विस के लिए कंपनी Ioniq 5 इलेक्ट्रिक कार को इस्तेमाल में ला रही है। इसमें एक समय में तीन पैसेंजर बैठ सकते हैं। 

सर्विस के शुरू के दिनों में यह केवल कंपनी के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध रहेगी। कैब को i.M ऐप के माध्यम से बुलाया जा सकेगा जैसा कि Waymo और Cruise में होता है। i.M ऐप को Jin Mobility ने तैयार किया है और यह अधिकाधिक रूप से आर्टिफिशल इंटेलीजेंस पर निर्भर करता है। Ioniq 5 इलेक्ट्रिक कार भी Hyundai के एडवांस ड्राइवर एसिस्टेंस सिस्टम (ADAS) पर आधारित है। अभी इसके बारे में कंपनी की ओर से जानकारी नहीं दी गई है कि सर्विस कब तक जारी रहेगी। 

कंपनी का मानना है कि ऑटोनॉमस ड्राइविंग की शुरुआत इस टेक्नोलॉजी के लिए एक मील का पत्थर है जो आने वाले समय में कार ड्राइविंग की दिशा तय करेगा। सिओल में 25 जिले हैं लेकिन सर्विस को केवल एक ही जिले में शुरू किया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दूसरे जिलों में ट्रैफिक लाइट्स सेल्फ ड्राइविंग व्हीकल के साथ कम्यूनिकेट करने की क्षमता नहीं रखती हैं। इन राइड्स से जो डेटा इकट्ठा होगा, उसे कंपनी आने वाले समय में इस सर्विस की एडवांसमेंट के लिए इस्तेमाल करेगी। यानि भविष्य में यह टेक्नोलॉजी और ज्यादा सटीक और बेहतर होने वाली है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
 
 

विज्ञापन

Advertisement

#ताज़ा ख़बरें
  1. Mahindra की XUV 3XO को जोरदार रिस्पॉन्स, 1,500 यूनिट्स की डिलीवरी के साथ हुई शुरुआत
  2. Moto G04s का प्राइस हो सकता है 8,000 रुपये से कम, 30 मई को लॉन्च
  3. Bounce Infinity E1X इलेक्ट्रिक स्कूटर Rs. 55 हजार की शुरुआती कीमत में भारत में हुआ लॉन्च, जानें फीचर्स
  4. Realme GT 7 Pro जल्द हो सकता है भारत में लॉन्च
  5. फ्रांस से 26 राफेल मैरीन फाइटर जेट्स खरीदने के लिए हो सकती है 50,000 करोड़ रुपये की डील
  6. iQOO 13 डिस्प्ले, प्रोसेसर और स्टोरेज का खुलासा, जानें सबकुछ
  7. Segway Ninebot C2 Lite: 14 Km रेंज देने वाले इस ई-स्कूटर खास बच्चों के लिए किया गया है डिजाइन, जानें कीमत
  8. Realme Narzo N65 5G vs Realme Narzo N55: जानें दोनों में क्या है अंतर
  9. WhatsApp New Feature: व्हाट्सएप पर लगा सकेंगे 1 मिनट लंबा वॉयस स्टेटस अपडेट
  10. Realme GT 6 में हो सकते हैं GenAI फीचर्स, लीक हुआ रिटेल बॉक्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2024. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »