भारत में ऑनलाइन लर्निंग कंपनियों को लेकर सरकार ने किया लोगों को सतर्क

मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कुछ कंपनियों के फ्री सर्विसेज देने के ऑफर को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए

विज्ञापन
जगमीत सिंह, अपडेटेड: 24 दिसंबर 2021 16:41 IST
ख़ास बातें
  • लर्निंग सॉफ्टवेयर, डिवाइस लेने से पहले शर्तों को पढ़ने की सलाह दी गई है
  • ed-tech कंपनी के बारे में ऑनलाइन रिव्यू पढ़ने को भी कहा गया है
  • डिवाइस, ऐप में पैरेंटल कंट्रोल और सेफ्टी फीचर्स को एक्टिवेट करना चाहिए

लोगों को सब्सक्रिप्शन फीस के भुगतान के लिए ऑटोमैटिक डेबिट ऑप्शन से बचने की सलाह की गई है

सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर ऑनलाइन और रिमोट लर्निंग से जुड़ी सर्विसेज देने वाली एजुकेशन टेक्नोलॉजी (ed-tech) कंपनियों के खिलाफ लोगों को सतर्क किया है। मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कुछ कंपनियों के फ्री सर्विसेज देने के ऑफर को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए। मिनिस्ट्री ने अभिभावकों, छात्रों और स्कूल एजुकेशन से जुड़े सभी संबंधित पक्षों को भी इन कंपनियों के जरिए ऑनलाइन कंटेंट और कोचिंग को चुनने में सतर्क रहने की सलाह दी है।

मिनिस्ट्री ने कहा है कि डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी को पता चला है कि कुछ ed-tech कंपनियां फ्री सर्विसेज का लालच देकर अभिभावकों से इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (EFT) की स्वीकृति ले रही हैं या ऑटो-डेबिट फीचर को एक्टिवेट करवा रही हैं। इसमें विशेषतौर पर कम जानकारी रखने वाले परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। मिनिस्ट्री ने लोगों से सब्सक्रिप्शन फीस के भुगतान के लिए ऑटोमैटिक डेबिट ऑप्शन से बचने को कहा है और लर्निंग सॉफ्टवेयर या डिवाइस को लेने से पहले नियमों और शर्तों को पढ़ने की सलाह दी है।

इसके अलावा संबंधित पक्षों से ऑनलाइन लर्निंग का ऑफर देने वाले ऐप्स या कंटेंट वाले डिवाइसेज को खरीदने पर टैक्स इनवॉयस स्टेटमेंट्स मांगने के लिए कहा गया है। मिनिस्ट्री ने इन कंपनियों की सर्विसेज को सब्सक्राइब करने से पहले इनके बैकग्राउंड की जांच करने और कंटेंट की क्वालिटी की पुष्टि करने की भी सलाह दी है। मिनिस्ट्री ने बताया है, "कुछ ed-tech कंपनियां फ्री प्रीमियम बिजनेस मॉडल का ऑफर दे सकती हैं जिसमें उनकी कई सर्विसेज शुरुआत में फ्री दिखती हैं लेकिन इन्हें लगातार हासिल करने के लिए छात्रों को पेड सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।"

मिनिस्ट्री ने अभिभावकों को किसी ed-tech कंपनी से अपने बच्चे की लर्निंग के लिए सर्विस लेने से पहले भुगतान और कंटेंट से जुड़े अपने संदेह और प्रश्नों का समाधान लेने की भी सलाह दी है। इसके अलावा विशेष ed-tech कंपनी के बारे में छात्रों और अभिभावकों के ऑनलाइन रिव्यू पढ़ने को भी कहा गया है। मिनिस्ट्री का कहना है कि डिवाइस, ऐप या ब्राउजर में पैरेंटल कंट्रोल और सेफ्टी फीचर्स को एक्टिवेट करना चाहिए जिससे विशेष कंटेंट तक एक्सेस को रोकने और ऐप में खरीदारी को सीमित करने में मदद मिल सकती है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Edtech, Companies, caution, Government, Advisory, Students, Ministry
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 18 Pro Max में मिलेगा अबतक का सबसे धांसू कैमरा! डमी फोटो लीक
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 17 खरीदें Rs 13 हजार से ज्यादा सस्ता, अबतक का सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  2. iPhone 18 Pro Max में मिलेगा अबतक का सबसे धांसू कैमरा! डमी फोटो लीक
  3. Apple ने मांगी Samsung से मदद, 20वीं एनिवर्सरी के लिए बनवा रही खास iPhone 20 डिस्प्ले!
  4. Redmi लॉन्च कर सकती है 10,000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग वाले तीन नए स्मार्टफोन!
  5. 30W पावर आउटपुट के साथ Tempt Enigma स्पीकर भारत में लॉन्च, 12 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  6. 7000mAh की बड़ी बैटरी वाला Realme फोन Rs 7 हजार सस्ता खरीदें! जबरदस्त डिस्काउंट ऑफर
  7. Mercedes ने भारत में लॉन्च की CLA EV, 700 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
  8. Honor 600e में मिल सकता है MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  9. भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार
  10. Vivo X500 सीरीज के स्पेसिफिकेशंस का हुआ खुलासा, 144Hz डिस्प्ले के साथ मिलेगा अल्ट्रासॉनिक स्कैनर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.