गूगल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 1,338 करोड़ रुपये के जुर्माने पर नहीं लगी रोक

CCI ने एंड्रॉयड के इकोसिस्टम में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के कारण गूगल पर यह पेनल्टी लगाई थी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 19 जनवरी 2023 19:02 IST
ख़ास बातें
  • NCLAT ने इस पेनल्टी पर अंतरिम रोक लगाने से मना कर दिया था
  • इसके बाद गूगल ने NCLAT के ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी
  • गूगल के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है

कंपनी को पेनल्टी की 10 प्रतिशत रकम जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है

ग्लोबल टेक कंपनी Google को सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने कंपनी पर कॉम्पिटिशन विरोधी तरीकों के इस्तेमाल के लिए लगाई गई लगभग 1338 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एंड्रॉयड के इकोसिस्टम में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के कारण गूगल पर यह पेनल्टी लगाई थी। कंपनी ने इसके खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील की थी। NCLAT ने इस पेनल्टी पर अंतरिम रोक लगाने से मना कर दिया था। इसके बाद गूगल ने NCLAT के ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 

सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को NCLAT के ऑर्डर के तहत पेनल्टी की 10 प्रतिशत रकम जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस D Y Chandrachud और जस्टिस P S Narasimha और J B Pardiwala की बेंच की ओर से कंपनी से तीन कार्य दिवस के अंदर NCLAT से संपर्क कर CCI के ऑर्डर के खिलाफ कंपनी की अपील पर फैसले की मांग करने को भी कहा है। CCI की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल N Venkataraman ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि गूगल ने भारत और यूरोप में अलग स्टैंडर्ड रखे हैं। उन्होंने कहा था कि कंपनी ने यूरोपियन कमीशन की ओर से पास किए गए समान ऑर्डर का पालन किया है। 

गूगल ने CCI के ऑर्डर के कारण देश में Android से जुड़े इकोसिस्टम की ग्रोथ रुकने की चेतावनी दी है। इस ऑर्डर में कंपनी से एंड्रॉयड की मार्केटिंग के तरीके में बदलाव करने के लिए कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गूगल ने बताया है कि उसे अपने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलाव करने होंगे, नए लाइसेंस एग्रीमेंट लाने होंगे और 1,100 से अधिक डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स और ऐप डिवेलपर्स के साथ अपने मौजूदा सिस्टम में बदलाव करना होगा। कंपनी का कहना है कि एंड्रॉयड मोबाइल प्लेटफॉर्म्स को लगभग 15 वर्ष हो गए हैं और कंपनी के इसमें बड़े बदलाव करने से मुश्किल होगी। 

CCI ने गूगल को चलाने वाली अमेरिकी कंपनी Alphabet Inc पर एंड्रॉयड के मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 16.1 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। भारत में लगभग 97 प्रतिशत स्मार्टफोन्स एंड्रॉयड पर चलते हैं और गूगल के लिए यह एक बड़ा मार्केट है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Smartphone, Google, Penalty, Android, Market, Users, CCI, Europe, Order, NCLAT, Payment

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. WhatsApp पर गूगल अकाउंट के जरिए कैसे लें बैकअप, चैट रहेगी सुरक्षित
  2. 21 हजार रुपये सस्ता मिल रहा OnePlus का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, देखें पूरी डील
  3. 6,300mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Note 80, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
#ताज़ा ख़बरें
  1. WhatsApp पर गूगल अकाउंट के जरिए कैसे लें बैकअप, चैट रहेगी सुरक्षित
  2. AI कर रहा है 'भेजा फ्राई'? ज्यादा AI टूल्स का यूज आपके लिए खतरा! नई स्टडी में दावा
  3. Motorola Edge 70 Fusion vs Vivo Y400 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: 30K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  4. Apple की 3 अल्ट्रा डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी, iPhone Fold, OLED MacBook Pro से लेकर नए AirPods भी
  5. 21 हजार रुपये सस्ता मिल रहा OnePlus का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, देखें पूरी डील
  6. Poco X8 Pro सीरीज जल्द होगी लॉन्च, दो मॉडल हो सकते हैं शामिल 
  7. 6,300mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Note 80, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  8. Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
  9. OnePlus 15T में होगा कॉम्पैक्ट डिजाइन, 6.32 इंच फ्लैट डिस्प्ले
  10. 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी वाला Vivo V70 FE लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.