धरती में तेजी धंस रहे हैं इस देश के आधे से ज्यादा शहर!

अन्य कारकों में शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 20 अप्रैल 2024 15:52 IST
ख़ास बातें
  • चीन के बड़े शहर इमारतों का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं।
  • इससे लाखों लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है।
  • 45% शहरी जमीन हर साल 3mm से भी ज्यादा तेजी से अंदर धंस रही है।

चीन के बड़े शहर जैसे बीजिंग, तियानजिन आदि भूमि में अंदर धंस रहे हैं।

Photo Credit: iStock/Stan Lihai

दुनिया में शहरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन एक देश के बड़े शहर तेजी से जमीन में धंसते जा रहे हैं। यह देश है चीन, जिसके आधे से ज्यादा बड़े शहर धरती में समाते जा रहे हैं। साइंस नाम जर्नल में हाल ही में एक स्टडी प्रकाशित की गई है जो कहती है चीन के बड़े शहर इमारतों का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं। साथ ही जमीन में से पानी का तेजी से खाली होना भी एक कारण है, जिससे ये तेजी से जमीन में धंसते जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। 

चीन के बड़े शहर जैसे बीजिंग, तियानजिन आदि भूमि में अंदर धंस रहे हैं। चीन की 45% शहरी जमीन हर साल 3mm से भी ज्यादा तेजी से अंदर धंस रही है। जबकि 16 प्रतिशत जमीन हर साल 10mm की दर से धंस रही है। रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने 2015 से 2022 के बीच 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले हरेक चीनी शहर में भूमि के धंसने की दर को मापा। पाया गया कि 82 शहरों में कुछ शहर बहुत तेजी से धंस रहे हैं। 10 में से एक शहर 10mm प्रति वर्ष की दर से धंस रहा है। 

चीन का सबसे बड़ा शहर शंघाई पिछली सदी में अब तक 3 मीटर धंस चुका है। यह शहर इसके सबवे और हाइवे के आसपास हर साल 45mm तक धंस रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, धंसने की कई वजह हो सकती हैं। जिनमें से भूमिगत जल का निकाला जाना भी एक है। साथ इमारतों का वजन भी एक कारण हो सकता है। गगनचुंबी इमारतें तेजी से बन रही हैं। रोड सिस्टम को बढ़ाया जा रहा है। और इसके साथ ही भूमिगत जल का तेजी से दोहन किया जा रहा है। 

अन्य कारकों में शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर दूरगामी समाधान को देखें तो चीन में शहरों को धंसने से बचाने के लिए इसके ग्राउंड वाटर के तेजी से खाली होने की प्रक्रिया को रोकना होगा। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह नई स्टडी इस तरह की समस्या के लिए राष्ट्रीय जागरूकता की मांग करती है। सिर्फ चीन ही नहीं, चीन के बाहर भी इस तरह की समस्या के लिए किसी देश का जागरूक होना बहुत जरूरी है। 
 
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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