ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइट Amazon और Flipkart ने अपनी कैंसलेशन फीस के नियमों में फेस्टिव सीजन से पहले बदला है।
अमेजन की Self Ship के तहत सेलर खुद ही प्रोडक्ट को पैक और डिलीवर करते हैं।
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ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइट Amazon और Flipkart ने अपनी कैंसलेशन फीस के नियमों में फेस्टिव सीजन से पहले बदलाव कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Amazon ने अपनी इजी शिप और सेल्फ शिप सर्विस का इस्तेमाल करने वाले सेलर्स के लिए ऑर्डर कैंसलेशन फीस कैलकुलेट करने का तरीका बदल दिया है। Amazon पर यह बदलाव 17 अगस्त से लागू हो गया है। वहीं Flipkart ने भी ऑर्डर पूरा करने में होने वाली चूक के लिए थ्री-टियर पेनल्टी सिस्टम लागू किया है, जो 23 अगस्त से प्रभावी हो गया है। हालांकि, सेलर्स का मानना है कि इन बदलावों से छोटे और मध्यम उद्योगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जिनका मार्जिन पहले से कम रहता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
हालांकि, Amazon चाहता है कि मार्केटप्लेस पर कस्टमर्स द्वारा दिए गए ऑर्डर को सेलर्स भरोसेमंद तरीके से पूरा करें। समय पर और भरोसेमंद तरीके से ऑर्डर पूरा करने को बढ़ावा देने के लिए अमेजन ने Easy Ship और Self-Ship सेलर्स के लिए कैंसलेशन फीस को बदला है। इस फीस पर कुछ शर्तें लगती हैं और सिर्फ तभी लागू होती है जब सेलर खुद ऑर्डर कैंसिल करता है। हालांकि, Amazon की साइट पर इस प्रकार के ऑर्डर 1% से भी कम होते हैं। हालांकि, अगर सेलर के कंट्रोल से बाहर की कंडीशन के चलते ऑर्डर कैंसिल होता है तो उन्हें कंपनी की ओर से सपोर्ट मिलेगा उस तरह के उपाए हैं।
अमेजन की Self Ship के तहत सेलर खुद ही प्रोडक्ट को पैक और डिलीवर करते हैं, इसके लिए वे अपनी कूरियर या डिलीवरी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। Self Ship में Amazon की लॉजिस्टिक्स सर्विस शामिल नहीं होती है। पहले कैंसिलेशन फीस कैटेगरी के हिसाब से तय होने वाले रेफरल चार्ज पर बेस्ड थी। मगर अब बदलावों के बाद इसे ऑर्डर की वैल्यू के प्रतिशत के तौर पर कैलकुलेट किया जाएगा।
कितना लगेगा चार्ज
रिपोर्ट में कहा गया है कि नए स्ट्रक्चर के तहत 10 हजार से कम के ऑर्डर पर सेलर से ऑर्डर वैल्यू का 10% लिया जाएगा। वहीं 10,001-50,000 के ऑर्डर पर 8%, 50,001-1 लाखके ऑर्डर पर 5% और 1 लाख से ज्यादा के ऑर्डर पर 2% चार्ज लिया जाएगा। इसके अलावा 18% गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स भी लगेगा।
कब लगेगी फीस
कैंसिलेशन फीस तब लागू होती है जब सेलर खरीदार की रिक्वेस्ट के अलावा किसी और वजह से ऑर्डर कैंसिल करता है या जब ऑर्डर अपने-आप कैंसिल हो जाता है क्योंकि सेलर अनुमानित शिपिंग तारीख के 24 घंटे के अंदर शिपमेंट को शिप और कन्फर्म नहीं करता है।
Flipkart ने सेलर्स के लिए थ्री-लेवल वाला पेनल्टी सिस्टम शुरू किया है जो डेडलाइन तक भी ऑर्डर पूरा नहीं कर पाते हैं। इस नई पॉलिसी के तहत अगर कोई ऑर्डर तय डिस्पैच बाय डेट (DBD) तक पिकअप के लिए तैयार नहीं होता है तो सेलर से प्रति शिपमेंट ₹30 का चार्ज लिया जाएगा। सेलर द्वारा ऑर्डर कैंसिल करने या 3 बार डिस्पैच डेडलाइन मिस होने के बाद ऑटोमैटिक कैंसिलेशन होने पर प्रति शिपमेंट ₹60 की पेनल्टी लगेगी।
वहीं ऑर्डर में देरी होती है और बाद में उसे कैंसिल कर दिया जाता है तो पेनल्टी बढ़कर ₹90 प्रति शिपमेंट हो जाएगी। आपको बता दें कि पहले DBD डेडलाइन मिस होने पर सेलर का अकाउंट कुछ समय के लिए लॉक हो सकता था, जिससे उनके बिनेस पर बड़ा असर पड़ सकता था। नए सेलर्स पर उनकी सेलिंग के शुरुआती 3 महीनों तक यह पॉलिसी लागू नहीं होगी। नए सिस्टम के जरिए सेलर्स को बेहतर प्लानिंग के लिए प्रोत्साहित करना और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है।
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