4 साल बाद स्मार्टफोन पर लौट आया BGMI और COD का सबसे तगड़ा राइवल गेम

चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद Fortnite आखिरकार Google Play Store में लौट आया है। Epic और Google के पेमेंट सिस्टम विवाद ने मोबाइल ऐप मार्केट में कई बड़े बदलाव लाए हैं।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 12 दिसंबर 2025 19:13 IST
ख़ास बातें
  • चार साल पुराने Epic बनाम Google विवाद के बाद Fortnite Play Store में वापस
  • कोर्ट फैसले के बाद Google को पेमेंट रूल्स बदलने पड़े
  • Apple ने बाहरी पेमेंट लिंक की अनुमति दी, लेकिन कंट्रोल अब भी उसके हाथ में

Photo Credit: EPIC Games

मोबाइल गेमिंग की दुनिया में चल रही Epic Games और Google की चार साल पुरानी लड़ाई आखिरकार एक अहम मोड़ पर आ गई है। 2020 में पेमेंट सिस्टम को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बड़ा बन गया था कि Fortnite को Play Store से हटा दिया गया था। अब लंबे कानूनी संघर्ष और एंटीट्रस्ट केस के बाद गेम अमेरिका में आधिकारिक रूप से Google Play Store पर लौट आया है। यह वापसी सिर्फ एक गेम का री-लिस्ट होना नहीं है, बल्कि यह मोबाइल ऐप स्टोर की पॉलिसियों और डेवलपर स्वतंत्रता पर चल रही बहस में एक बड़ा बदलाव भी है।

Epic और Google के बीच टकराव तब शुरू हुआ था जब कंपनी ने Fortnite में डायरेक्ट पेमेंट्स जोड़कर स्टोर फीस को बाईपास कर दिया था। इसके बाद दोनों ही कंपनियों ने गेम को तुरंत हटा दिया और Epic ने मुकदमे दायर कर पूरे ऐप इकोसिस्टम में बड़ी हलचल मचा दी। पिछले साल आए जूरी फैसले ने Google के लिए स्थिति मुश्किल कर दी, क्योंकि अदालत ने माना कि Play Store की नीतियां प्रतिस्पर्धा को सीमित करती हैं। इसी फैसले के बाद Google को डेवलपर्स के लिए पेमेंट ऑप्शन खोलने पड़े और फीस मॉडल में भी बदलाव करना पड़ा।

इन बदलावों का सबसे बड़ा लाभ Fortnite को मिला है। गेम अब फिर से Play Store पर उपलब्ध है और Epic को वह स्वतंत्रता हासिल है जिसकी वह शुरुआत से मांग कर रहा था। कंपनी के CEO Tim Sweeney का कहना है कि यह समझौता Android प्लेटफॉर्म की ओपननेस को साबित करता है, क्योंकि Fortnite अपनी शर्तों पर वापस आ रहा है, न कि Google के पेमेंट्स नियमों को स्वीकार करके।

iOS पर कहानी बिल्कुल अलग है। Apple के साथ Epic की कानूनी जंग ने डेवलपर्स को उम्मीद तो जरूर दिलाई थी कि App Store का पेमेंट मॉडल बदलेगा, लेकिन ताजा अदालती फैसले से साफ हो गया है कि Apple अब भी बाहरी पेमेंट लिंक की इंप्लिमेंटेशन और उन पर लगने वाली फीस दोनों कंट्रोल कर सकता है। इसका मतलब यह है कि डेवलपर्स लिंक तो जोड़ सकेंगे, लेकिन असली पावर अब भी Apple के पास रहेगी। इस फैसले को ऐप डेवलपमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor Power 2 के लॉन्च से पहले फुल स्पेसिफिकेशंस लीक, 12GB रैम, 10080mAh बैटरी से होगा लैस!
#ताज़ा ख़बरें
  1. अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की कंपनी पेश करेगी नया क्रिप्टो टोकन
  2. 20 हजार mAh बैटरी वाला फोन ला रही Samsung? 27 घंटे का मिलेगा बैकअप, लीक में खुलासा
  3. Honor Power 2 के लॉन्च से पहले फुल स्पेसिफिकेशंस लीक, 12GB रैम, 10080mAh बैटरी से होगा लैस!
  4. भारत में तेजी से बढ़ रहा ब्रॉडबैंड मार्केट, पार किया 100 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा
  5. OnePlus 16 में होगा 200Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले, 200MP मेन कैमरा!
  6. Oppo Find X9s होगा भारत में 200MP के दो कैमरा, 1.5K डिस्प्ले के साथ लॉन्च!
  7. Moto G67 Power 5G vs Vivo Y31 5G vs Samsung Galaxy M36 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  8. 365 दिनों तक डेली 3GB, अनलिमिटिड कॉलिंग, FREE बेनिफिट्स के साथ BSNL के सस्ते प्लान
  9. सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ब्लड मून, सुपरमून ... 2026 में दिखेंगे अद्भुत नजारे!
  10. AI जॉब्स की मची होड़! OpenAI दे रही Rs 13.5 करोड़ का सैलरी पैकेज, Google को छोड़ा पीछे
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.