What is Denel Rooivalk? 27 साल में बन पाया दुनिया का यह घातक हेलीकॉप्‍टर! जानें खूबियां

Denel Rooivalk : हेलीकॉप्‍टर भले साउथ अफ्रीकी ओरिजन का है, पर इसका डिजाइन, फ्रेंच एरोस्पातियाल एसए 330 प्यूमा से प्रभावित है, जोकि एक फ्रेंच हेलीकॉप्‍टर है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 18 मई 2024 15:13 IST
ख़ास बातें
  • Denel Rooivalk है दुनिया का घातक हेलीकॉप्‍टर
  • इसे साउथ अफ्रीका में किया गया है तैयार
  • इसकी टेक्‍नॉलजी और पार्ट्स एक फ्रांसीसी हेलीकॉप्‍टर से मिलते हैं

Photo Credit: wiki

दुनिया में कई घातक हेलीकॉप्‍टर हैं। उन्‍हें अलग-अलग देशों की आर्मी इस्‍तेमाल कर रही है। बीते दिनों हमने अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्‍टर (Apache Helicopter) के बारे में जाना था। भारतीय सेना भी उन्‍हें यूज कर रही है और जल्‍द AH-64E अपाचे हेलीकॉप्‍टर की नई खेप देश में आने वाली है। आज बात करेंगे डेनेल रूइवॉक (Denel Rooivalk) लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर की। इसे दुनिया के टॉप-10 घातक हेलीकॉप्‍टरों में माना जाता है। इसका डेवलपमेंट साल 1984 में शुरू हुआ था। 

Denel Rooivalk मूल रूप से साउथ अफ्रीका का हेलीकॉप्‍टर है। इसे डेनेल एविएशन नाम की कंपनी ने मैन्‍युफैक्‍चर किया है। हेलीकॉप्‍टर भले साउथ अफ्रीकी ओरिजन का है, पर इसका डिजाइन, फ्रेंच एरोस्पातियाल एसए 330 प्यूमा (French Aérospatiale SA 330 Puma) से प्रभावित है, जोकि एक फ्रेंच हेलीकॉप्‍टर है। यहां तक कि टेक्‍नॉलजी और पार्ट्स भी फ्रांस पर ही निर्भर करते हैं। 

डेनेल एविएशन ने इस हेलीकॉप्‍टर को बनाने का जिम्‍मा उठाया, क्‍योंकि वह दुनिया के बेस्‍ट लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर में से एक को तैयार करना चाहती थी। कहा जाता है कि कंपनी काफी हद तक इसमें सफल रही। हेलीकॉप्‍टर का डेवलपमेंट साल 1984 में शुरू हुआ था। 

हालांकि जितनी जल्‍दी इस हेलीकॉप्‍टर पर काम शुरू हुआ, इसे बनाने में उतना ही वक्‍त लगा। 1990 के दशक में बजट की कमी के चलते रूइवॉक के डेवलपमेंट में देरी हुई। साउथ अफ्रीका की वायुसेना यानी एयरफोर्स ने 12 रूइवॉक का ऑर्डर दिया। उसके बाद भी पहले Denel Rooivalk को साल 2011 में डिलिवर किया जा सका। साउथ अफ्रीकी एयरफोर्स इसे Rooivalk Mk 1 नाम से उड़ाती है। अबतक ऐसे 12 हेलीकॉप्‍टर बनाए गए हैं। 
Advertisement
 

Denel Rooivalk Features 

Denel Rooivalk में दो क्रू की जगह है। इसमें पायलट के अलावा वेपन सिस्‍टम ऑफ‍िसर शामिल है। हेलीकॉप्‍टर की लेंथ 61 फीट और 5 इंच है। इसकी ऊंचाई 17 फीट है। बिना लोडिंग के यह 5,730 किलो का है और कुल 8,750 किलो वजन के साथ उड़ान भर सकता है। हेलीकॉप्‍टर की फ्यूल कैपिसिटी 1,854 लीटर है। यह 278 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और रेंज 740 किलोमीटर है। यह समुद्र तल से 1525 मीटर तक ऊंचा उड़ सकता है। 

Denel Rooivalk में लॉन्‍ग रेंज एंट्री-टैंक गाइडेड मिसाइल फ‍िट की जा सकती है, जो इसे घातक बनाती है। यह एयर-टु-एयर मिसाइल भी लॉन्‍च कर सकता है। लेजर गाइडेड रॉकेट भी इससे दागे जा सकते हैं। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 8 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Motorola फोन! 50MP कैमरा, 5200mAh बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. BMW लाई भारत में सस्ती लग्जरी कार X1 LWB, कीमत ₹49.90 लाख से शुरू, जानें फीचर्स
  2. Apple Jobs Cuts: 200 लोगों की Apple से छुट्टी, Siri, Vision Pro और सॉफ्टवेयर टीम से छंटनी
  3. Honor Pad X10 Pro Max टैबलेट हुआ लॉन्च, 10,100 mAh बैटरी, फ्रंट में हैं दो कैमरा!
  4. मोबाइल मार्केट में 'मेक इन इंडिया' की धूम! 99% से ज्यादा मोबाइल फोन भारत खुद बना रहा
  5. चाइनीज कंपनी Unitree के 'सुपरमैन' रोबोट ने तोड़े रिकॉर्ड, 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ा, वीडियो वायरल
  6. 32, 43 इंच बजट TV जल्द हो सकते हैं महंगे! Hisense India सीईओ ने चेताया
  7. 8 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Motorola फोन! 50MP कैमरा, 5200mAh बैटरी
  8. EV खरीदने के लिए ₹10 लाख से कम बजट? ये 4 टॉप इलेक्ट्रिक कार हैं आपके लिए
  9. Samsung Galaxy S26 FE में हो सकते हैं तीन कलर्स के ऑप्शन
  10. Vivo T5 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 3D कर्व्ड डिस्प्ले
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.