Li Finance Blockchain Protocol के यूजर्स से हैकर्स ने चुराए 6 लाख डॉलर

LiFi ने जांच में पाया है कि हैकर्स ने उसके स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के एक फीचर में सेंध लगाकर ऐसे वॉलेट्स से क्रिप्टोकरेंसीज चुराई हैं जिन्होंने कई अप्रूवल दिए हुए थे

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राधिका पाराशर, अपडेटेड: 22 मार्च 2022 18:20 IST
ख़ास बातें
  • फर्म का दावा है कि उसने 25 वॉलेट्स को नुकसान की भरपाई कर दी है
  • बाकी के चार वॉलेट्स में चुराई गई रकम का बड़ा हिस्सा था
  • हैकर्स ने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के एक फीचर में सेंध लगाई थी

LiFi के जरिए लोग अपनी क्रिप्टोकरेंसी को एक अन्य क्रिप्टो एसेट में कन्वर्ट कर सकते हैं

हाल के महीनों में क्रिप्टो सेगमेंट से जुड़े हैकिंग के मामले बढ़े हैं। हैकर्स ने अब ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल  Li Finance (LiFi) के यूजर्स को निशाना बनाया है। LiFi से जुड़े 29 क्रिप्टो वॉलेट्स से लगभग छह लाख डॉलर चुराए गए हैं। LiFi ने जांच में पाया है कि हैकर्स ने उसके स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के एक फीचर में सेंध लगाकर ऐसे वॉलेट्स से क्रिप्टोकरेंसीज चुराई हैं जिन्होंने कई अप्रूवल दिए हुए थे। 

LiFi के जरिए लोग अपनी क्रिप्टोकरेंसी को एक अन्य क्रिप्टो एसेट में कन्वर्ट कर सकते हैं। इसे पिछले सप्ताह के अंत में हैक किया गया था। हैकर्स की ओर से चुराए गए क्रिप्टो एसेट्स में Polygon, USD Coin, Tether और DAI शामिल हैं। फर्म का दावा है कि उसने 25 वॉलेट्स को नुकसान की भरपाई कर दी है। CryptoPotato के अनुसार, इन 25 वॉलेट्स में लगभग 80,000 डॉलर की कुल रकम थी। बाकी के चार वॉलेट्स में चुराई गई रकम का बड़ा हिस्सा था। इन वॉलेट्स के लिए LiFi ने एक विशेष प्रपोजल दिया है। इन्हें नुकसान वाले फंड को LiFi में एंजेल इनवेस्टमेंट में बदलने की पेशकश की जा रही है। इससे इन्हें बाद में मौजूदा फंडिंग राउंड के समान शर्तों पर LiFi टोकन मिलेंगे। LiFi का कहना है कि यह एक अच्छी पेशकश है क्योंकि इसमें काफी तेजी आने की संभावना है। अगर यूजर्स इस विकल्प को नहीं मानते तो उन्हें अन्य वॉलेट्स के समान नुकसान की भरपाई की जाएगी। 
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इसके साथ ही LiFi ने सिस्टम की उस कमी को दूर करने का दावा किया है जिसका इस्तेमाल कर हैकर्स ने यह चोरी की थी। ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म CertiK ने बताया है कि पिछले वर्ष सायबर अपराधियों ने डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोटोकॉल में सेंध लगाकर 1.3 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान किया था। DeFi एक सिस्टम है जो फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को एक ऐसे पब्लिक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर दिखने का मौका देता है जो किसी सेंट्रल बैंक या इंटरमीडियरी की ओर से रेगुलेट नहीं किया जाता।

हैकर्स ने पिछले वर्ष ब्लॉकचेन-बेस्ड प्लेटफॉर्म Poly Network में सेंध लगाकर 60 करोड़ डॉलर से अधिक की चोरी की थी। यह DeFi में हैकिंग का अभी तक का सबसे बड़ा मामला है। पिछले महीने क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Wormhole Portal को ऐसे ही एक सायबर अटैक में लगभग 32 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। 
 

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ये भी पढ़े: DeFi, Blockchain, Hackers, Crypto, Investment, Polygon, System, Users
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