अरबों रुपये की चोरी की गई क्रिप्टो को RenBridge के जरिए बनाया जा रहा है लीगल, जानें कैसे?

अपनी रिपोर्ट में, Elliptic ने कहा कि Nomad से चुराई गई क्रिप्टो एसेट में $2.4 मिलियन (लगभग 20 करोड़ रुपये) भी RenBridge के जरिए भेजे गए हैं।

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राधिका पाराशर, अपडेटेड: 11 अगस्त 2022 20:57 IST
ख़ास बातें
  • 2 सालों में RenBridge के जरिए $267.2 मिलियन की एसेट को लॉन्डर किया गया
  • Nomad से चुराई गई क्रिप्टो का कुछ हिस्सा भी RenBridge के जरिए भेजा गया है
  • टोकन को एक चेन से ब्रिज में जमा करके दूसरी चेन से बाहर निकाला जाता है

Nomad से चुराई गई क्रिप्टो एसेट में $2.4 मिलियन (लगभग 20 करोड़ रुपये) भी RenBridge के जरिए भेजे गए हैं

जहां एक ओर ब्लॉकचेन ब्रिज अपने ऑपरेशन्स को हैकर्स से बचाने के लिए जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, एक ऐसा ब्रिज है, जो क्रिप्टोकरंसी अपराधियों के लिए अपनी चोरी को लीगल बनाने का एक टूल बन गया है। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स प्रदाता Elliptic के अनुसार, हैकर्स RenBridge में अपने हैक और स्कैम के जरिए चोरी किए गए फंड्स को लॉन्डर कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में, RenBridge द्वारा कथित तौर पर $540 मिलियन (लगभग 4,290 करोड़ रुपये) से अधिक की लॉन्डरिंग की गई है। प्लेटफॉर्म एक डीसेंट्रलाइज्ड एप्लिकेशन (dApp) है, जो इथेरियम (Ethereum) पर रियल BTC, ZEC और BCH को ERC20 टोकन (renBTC, renZEC, renBCH) के रूप में ढालने की अनुमति देता है।

Elliptic ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "पिछले दो वर्षों में रेनब्रिज के जरिए कम से कम $267.2 मिलियन (करीब 2,122 करोड़ रुपये) कीमत के एक्सचेंजों और डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) सर्विस से चुराई गई क्रिप्टो एसेट को लॉन्डर किया गया है। रेनब्रिज रूस से जुड़े रैंसमवेयर गिरोहों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सूत्रधार है, जिसकी सेवा के जरिए आज तक 153 मिलियन डॉलर (लगभग 1,215 करोड़ रुपये) से अधिक की फिरौती का भुगतान किया गया है।"

इस महीने की शुरुआत में, एक क्रॉस-चेन ब्रिज Nomad को एक प्रोटोकॉल ब्रीच में $200 मिलियन (लगभग 1,570 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ।

अपनी रिपोर्ट में, Elliptic ने कहा कि Nomad से चुराई गई क्रिप्टो एसेट में $2.4 मिलियन (लगभग 20 करोड़ रुपये) भी RenBridge के जरिए भेजे गए हैं।
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डीसेंट्रलाइज्ड क्रॉस-चेन ब्रिज जैसे कि रेनब्रिज, ब्लॉकचेन के बीच मूल्य को ट्रांस्फर करने के लिए एक्सचेंजों के लिए एक अनियमित ऑप्शन प्रदान करता है और इसलिए एक चुनौती है। इन क्रॉस-चेन ब्रिज पर लेनदेन को हजारों झूठे नाम वाले वैलिडेटर्स के नेटवर्क द्वारा संसाधित किया जाता है, जिन्हें "डार्कनोड्स" कहा जाता है।
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हैकर्स और स्कैमर्स अपने टोकन को एक चेन से ब्रिज में जमा करके और फिर दूसरी चेन में समानांतर टोकन के बराबर वापस निकाल कर इन ब्रिज का फायदा उठाते हैं।

जुलाई की शुरुआत में, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने एक विशेष रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें क्रॉस-चेन ब्रिज जैसे DeFi टूल के दुरुपयोग को दर्शाने वाले मामलों की बढ़ती संख्या पर प्रकाश डाला गया था।
 

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