D कंपनी के क्रिप्टोकरंसी इस्‍तेमाल की जांच कर रहा ED, दाऊद के गुर्गों पर छापेमारी

अवैध बिजनेसेज के जरिए जुटाई गई कमाई का एक बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी और अचल संपत्ति खरीदने के लिए निवेश किया गया है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 18 फरवरी 2022 14:14 IST
ख़ास बातें
  • दाऊद के द्वारा डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी इस्‍तेमाल की जांच हो रही है
  • दाऊद और उसके करीबियों पर एक और मामला भी दर्ज किया गया है
  • अधिकारी तमाम ट्रांजैक्‍शंस का पता लगा रहे हैं

पैसे को हवाला ट्रांजैक्‍शंस के जरिए वॉलेट में भेजा जाता है। फिर उन वॉलेट का इस्‍तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया जाता है।

भारत के मोस्‍ट-वॉन्‍टेड भगोड़े दाऊद इब्राहिम द्वारा डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrencies) के इस्‍तेमाल की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। ऐसा संदेह है कि अंडरवर्ल्ड डॉन ने ऑफ्शॉर अचल संपत्ति में निवेश करने के लिए डिजिटल टूल की ओर रुख किया है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि दाऊद इब्राहिम को सट्टेबाजी से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली समेत कई अवैध बिजनेसेज में शामिल पाया गया है। उसके कई सहयोग‍ियों पर छापेमारी भी की गई है। 

इकॉनमिक टाइम्‍स के मुताबिक, एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि अवैध बिजनेसेज के जरिए जुटाई गई कमाई का एक बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी और अचल संपत्ति खरीदने के लिए निवेश किया गया है। पैसे को हवाला ट्रांजैक्‍शंस के जरिए वॉलेट में भेजा जाता है। फिर उन वॉलेट का इस्‍तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया जाता है। अध‍िकारी के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस मामले में पसंदीदा जगहों में से एक है। दाऊद इब्राहिम का क्रिमिनल सिंडिकेट जिसे D-कंपनी के नाम से भी जाना जाता है, उसके पास UAE में पैसा भेजने के लिए हवाला का मजबूत नेटवर्क है।

इस हफ्ते की शुरुआत में ED ने इब्राहिम और उसके करीबी सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और दो बिल्डरों समेत दाऊद की दिवंगत बहन हसीना पारकर के नागपाड़ा वाले घर समेत पूरे मुंबई में छापे मारे। जांच एजेंसी, इब्राहिम के भरोसेमंद छोटा शकील के एक करीबी रिश्तेदार से पूछताछ कर रही है। अधिकारी ने कहा कि जांच अभी भी चल रही है और कई ट्रांजैक्‍शंस का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध फाइल शेयरिंग के लिए प्रमुख तौर पर प्रतिबंधित एक्सेस वाले कंप्यूटर नेटवर्क का इस्‍तेमाल किया जाता है। यह जांच को मुश्किल बना रही है। 

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि D-कंपनी, डार्कनेट और क्रिप्टो के मामलों में जांच में परेशानी आती है। दूसरी ओर, डार्कनेट की वजह से सट्टेबाजी आसान हो जाती है। अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अवैध सट्टेबाजी D-कंपनी के मुख्य बिजनेस के रूप में उभरी है।

अधिकारियों के मुताबिक, डार्कनेट और क्रिप्टो ने क्रिप्‍टो महामारी में भी सट्टेबाजी के बिजनेस को पनपने दिया है। यह हजारों करोड़ रुपये वाली समानांतर इकॉनमी है। क्रिप्‍टोकरेंसी इसमें नई चीज है, जिससे ट्रांजैक्‍शन आसान हो जाता है। गौरतलब है कि ED, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय जांच ब्यूरो और कई राज्‍यों की पुलिस ने टेररिज्‍म और नार्को-टेररिज्‍म में क्रिप्टोकरेंसी के गलत इस्‍तेमाल पर चिंता जताई है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स हुई दोगुनी, Tata Motors का पहला रैंक बरकरार
  2. भारत में इस कारण 50% से ज्यादा यूजर्स जल्दी बदल लेते हैं अपना स्मार्टफोन!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola लेटेस्ट फोन Edge 70 Max में होगी 7100mAh बैटरी, 7000 निट्स वाली डिस्प्ले! 15 जुलाई को है लॉन्च
  2. भारत में इस कारण 50% से ज्यादा यूजर्स जल्दी बदल लेते हैं अपना स्मार्टफोन!
  3. Samsung Galaxy Tab S12+ की पहली झलक, फ्रंट डिजाइन आया नजर
  4. OTT Releases This Week: इक्का, पति-पत्नी और वो दो, बाल्टी जैसी फिल्में इस हफ्ते OTT पर, देखें यहां
  5. Redmi Note 17 लॉन्च होने जा रहा सबसे बड़े 7 इंच डिस्प्ले, 8000mAh के बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  6. iQOO 15R हुआ 6 हजार सस्ता, 7600mAh बैटरी! यहां मिल रही धांसू डील
  7. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स हुई दोगुनी, Tata Motors का पहला रैंक बरकरार
  8. Tecno Camon 50 Ultra 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  9. Samsung के सबसे स्टाइलिश फोन का हो सकता है The End! सामने आया बड़ा लीक
  10. Apple का iPhone 17 की मैन्युफैक्चरिंग घटाने का प्लान, कॉस्ट का बढ़ा प्रेशर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.