Chandrayaan-3: Pragyan रोवर को चांद की सतह पर मिला Aluminum, Sulphur, Calcium जैसे एलिमेंट्स का खजाना!

शुरुआती जांच में पाया गया है कि चांद की सतह पर Aluminum (Al), Sulphur (S), Calcium (Ca), Iron (Fe), Chromium (Cr), और Titanium (Ti) पाया गया है।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 31 अगस्त 2023 12:53 IST
ख़ास बातें
  • रोवर पर लगे लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप की मदद से की खोज
  • एल्युमिनियम, कैल्शियम, आयरन, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंग्नीज भी मिले
  • यहां सल्फर बड़ी मात्रा में मौजूद है

Chandrayaan-3 मिशन में Pragyan रोवर लगातार चांद के दक्षिणी ध्रुव पर खोजबीन कर रहा है।

Chandrayaan-3 मिशन में Pragyan रोवर लगातार चांद के दक्षिणी ध्रुव पर खोजबीन कर रहा है। रोवर पर लगे लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप की मदद से रोवर ने चांद की सतह पर सल्फर की खोज की है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने इसकी जानकारी दी है। इसरो ने कहा है कि उपकरण ने सल्फर के अलावा यहां एल्युमिनियम, कैल्शियम, आयरन, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंग्नीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन का भी पता लगाया है। 

लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (LIBS), जो कि चंद्रयान 3 मिशन पर गए प्रज्ञान रोवर पर लगा है, ने चांद की सतह की कम्पोजीशन के बारे में पहली इन-सिटू मेजरमेंट की है। इन मेजरमेंट्स में पता चला है कि यहां सल्फर बड़ी मात्रा में मौजूद है। यह एक ऐसी खोज है जो कि ऑर्बिटर पर लगे उपकरणों की मदद से नहीं की जा सकती थी। स्पेस एजेंसी ने इसकी जानकारी देते हुए यह कहा। ISRO के मुताबिक LIBS एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जो कि तेज लेजर पल्सेस के माध्यम से किसी पदार्थ की कम्पोजीशन का पता लगाती है। 

इसरो ने बताया कि एक हाई एनर्जी लेजर पल्स को किसी पदार्थ के ऊपर फोकस किया जाता है जैसे कोई चट्टान या मिट्टी। यह एक गर्म प्लाज्मा बनाती है। उसके बाद प्लाज्मा को इकट्ठा करके चार्ज्ड कपल्ड डिवाइसेज की मदद से इसकी कम्पोजीशन का पता लगाया जाता है। कहा गया है कि प्लाज्मा के रूप में होने पर हरेक तत्व एक निश्चित वेवलेंथ की लाइट को छोड़ता है, जिससे कि उस पदार्थ की तत्वों संबंधी कम्पोजीशन का पता लगाया जाता है। 

शुरुआती जांच में पाया गया है कि चांद की सतह पर Aluminum (Al), Sulphur (S), Calcium (Ca), Iron (Fe), Chromium (Cr), और Titanium (Ti) पाया गया है। उसके बाद आगे की जांच में manganese (Mn), silicon (Si), और oxygen (O) जैसे तत्वों का भी पता लगा है। Hydrogen की उपस्थिति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वहां पर हाईड्रोजन भी मौजूद है या नहीं। इन तत्वों का पता लगाने वाले LIBS उपकरण को लेबोरटरी फॉर इलेक्ट्रोऑप्टिक्स सिस्टम में तैयार किया गया है जो कि बेंगलुरू में पीन्या इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है। यही पर भारत का पहला सैटेलाइट भी 1975 में तैयार किया गया था। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Chandrayaan 3, Pragyan Rover, sulphur on moon, ISRO

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन
  2. Croma पर Apple Sale: 36 हजार से सस्ता हुआ iPhone 16, Mac और Apple Watch पर साल की तगड़ी छूट
  3. स्वदेशी कंपनी Ai+ ने भारत में लॉन्च किए सस्ते ईयरबड्स और स्मार्टवॉच, कीमत 699 रुपये से शुरू
#ताज़ा ख़बरें
  1. WhatsApp पर यूजर्स की बढ़ेगी प्राइवेसी, डेटा शेयर करने का मिलेगा ऑप्शन
  2. 120Hz डिस्प्ले, Dolby Atmos सपोर्ट वाला 65-इंच Kodak IconiK 4K Mini QD LED TV भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  3. Rainbow Six Mobile भारत में खेलने के लिए उपलब्ध, COD: Mobile और BGMI को देगा सीधी टक्कर!
  4. OnePlus 15T में मिल सकती है 8,000mAh तक बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  5. SIM बदली तो WhatsApp एक्सेस हो जाएगा बंद? नए फीचर को टेस्ट कर रहा है प्लेटफॉर्म
  6. Realme P4 Lite की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  7. स्वदेशी कंपनी Ai+ ने भारत में लॉन्च किए सस्ते ईयरबड्स और स्मार्टवॉच, कीमत 699 रुपये से शुरू
  8. Samsung Galaxy S26 Series में मिल सकती है 5,000mAh तक की कैपेसिटी वाली बैटरी
  9. NASA के चांद मिशन पर स्पीड ब्रेकर! लॉन्च पैड से हट सकता है Artemis II, जानें कारण
  10. iQOO 15R भारत में Snapdragon 8 Gen 5 और 50MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.