Chandrayaan 3 : इस बार नाकाम नहीं होगा भारत! साल 2023 के सबसे बड़े मिशन को समझें 10 पॉइंट्स में

Chandrayaan 3 : 12 से 19 जुलाई के बीच भारत का तीसरा मून मिशन लॉन्‍च हो सकता है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 3 जुलाई 2023 13:35 IST
ख़ास बातें
  • इसी महीने लॉन्‍च होगा भारत का चंद्रयान 3 मिशन
  • लॉन्‍च की सबसे ज्‍यादा उम्‍मीद 12 और 13 जुलाई को है
  • चंद्रमा पर यह भारत का तीसरा मिशन होगा

Chandrayaan 3 : इस मिशन को GSLV Mark 3 लॉन्च वीकल की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसे कामयाब बनाने के लिए इसरो ने खूब तैयारी की है।

जुलाई महीना भारत के लिए उम्‍मीदों और महत्‍वाकांक्षाओं से भरा हुआ है। यह महीना है देश के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन का। इसरो जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन भी कहते हैं अगले कुछ दिनों में देश को गौरन्‍वावित करने वाला है। 12 से 19 जुलाई के बीच भारत का तीसरा मून मिशन लॉन्‍च हो सकता है। हमने पूर्व में चंद्रयान-1 और 2 मिशन लॉन्‍च किए हैं। चंद्रयान-3 किन मायनों में अलग होगा। इससे भारत को क्‍या हासिल होगा? दुनियाभर के देशों के लिए मून मिशन क्‍यों महत्‍वपूर्ण हैं? इन जरूरी बातों को आज 10 पॉइंट्स में समझते हैं। 
  1. चंद्रयान-3 मिशन के लॉन्‍च की सबसे प्रबल संभावना 12 और 13 जुलाई को है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि 13 जुलाई की दोपहर ढाई बजे मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया जाएगा। 

  2. इस मिशन को GSLV Mark 3 लॉन्च वीकल की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसे कामयाब बनाने के लिए इसरो ने खूब तैयारी की है। लैंडर और अन्‍य इक्विपमेंट के गहन टेस्ट किए गए हैं। पूरे प्रोसेस को फेलप्रूफ बनाया गया है, ताकि कम से कम नुकसान के साथ मिशन को सफल बनाया जाए। 

  3. Advertisement
  4. सितंबर 2019 में चंद्रयान-2 मिशन के दौरान लैंडर ‘विक्रम' चांद की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह भारत के लिए बड़ा झटका था। चांद पर यान उतारने की हमारी पहली कोशिश नाकाम हो गई थी। उसी के बाद तैयारी शुरू हुई चंद्रयान-3 की। 

  5. पहले कहा जा रहा था कि चंद्रयान-3 मिशन चंद्रयान-2 का ही फॉलोअप है। हालांकि इसरो एस सोमनाथ कह चुके हैं कि यह चंद्रयान-2 की रेप्‍लिका नहीं है। यान की इंजीनियरिंग एकदम अलग है। इसे पहले के मुकाबले बहुत मजबूत बनाया है, ताकि पुरानी परेशानियां सामने ना आएं।

  6. मून मिशन में सबसे बड़ी चुनौती यान की लैंडिंग होती है। इसे मुमकिन बनाने के लिए इसरो ने चंद्रयान के एल्‍गोरिदम में बदलाव किया गया है। तय जगह पर लैंडिंग नहीं हो पाई, तो चंद्रयान-3 को दूसरी जगह उतारा जा सकता है। लैंडिंग के दौरान स्‍पीड को मापने के लिए यान में 'लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर' लगाया गया है। 

  7. Advertisement
  8. चंद्रयान-3 मिशन का मकसद चांद की सतह पर सेफ लैंडिंग की क्षमता का प्रदर्शन करना है। वहां चहलकदमी करके यह साबित करना है कि इसरो और भारत, चांद पर कोई भी मिशन भेजने में समक्ष हैं। चंद्रयान-3 मिशन में स्‍वेदशी लैंडर, प्रोपल्‍शन मॉड्यूल और रोवर शामिल हैं। 

  9. आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-3 को एक महीने का सफर करना होगा। 23 अगस्‍त के आसपास यान, चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग करेगा। इस मिशन के लिए इसरो को 615 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। 

  10. चंद्रयान-3 मिशन में कोई ऑर्बिटर शामिल नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्‍योंकि चंद्रयान -2 का ऑर्बिटर सही तरीके से काम कर रहा है। यह मिशन भारत के लिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि इसरो दूसरी बार चंद्रमा की सतह पर लैं‍ड करने की कोशिश करेगा। वह कामयाब होता है, तो भविष्‍य में मंगल और अन्‍य ग्रहों पर भी मिशन लैंडिंग की कोशिश की जाएगी। 

  11. Advertisement
  12. चांद पर अब तक जिन देशों ने मिशन भेजे हैं, उनमें सोवियत यूनियन, अमेरिका, यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी, जापान, भारत, चीन और इस्राइल शामिल हैं। भारत इकलौता देश है, जिसने कम लागत में खुद को चांद तक पहुंचाया है। 

  13. चंद्र मिशन तमाम देशों के लिए महत्‍वपूर्ण हैं। चंद्रमा हमारी पृथ्‍वी के सबसे नजदीक स्थित इकलौता उपग्रह है। अंतरिक्ष एजेंसियां वहां बेस बनाने में कामयाब हो जाती हैं, तो दूसरे ग्रहों पर मिशन भेजने की राह आसान हो सकती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) तो चंद्रमा से मंगल ग्रह पर मिशन लॉन्‍च करने की योजना बना रही है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. HMD ने नोकिया की यादों को ताजा करते हुए Asha 305 किया पेश, 32 घंटे चलेगी बैटरी, सस्ते दामों में मिलेगा स्मार्ट
  2. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 अब CRN प्रोग्राम से खरीद पाएंगे सस्ते में, जानें कितनी होगी बचत
  2. Redmi 17 5G की सेल शुरू, जानें कितने में मिल रहा 50MP कैमरा,7900mAh बैटरी वाला फोन
  3. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  4. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  5. iPhone 17 Pro को 30km ऊपर ले जाकर हवाई जहाज से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड! वीडियो वायरल
  6. Moto Buds 2 Fusion ईयरबड्स भारत में 17 सितंबर को होंगे लॉन्च, 53 घंटे बैटरी, IP54, IPX2 रेटिंग!
  7. Vivo Buds मात्र ₹1,999 में लॉन्च, 2 दिन से ज्यादा चलेगी बैटरी, गेमिंग के लिए खास फीचर्स भी
  8. iPhone Duo vs Google Pixel 11 Pro Fold vs Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra: जानें कौन सा फोल्डेबल फोन है बेस्ट?
  9. 1 फोल्डेबल iPhone के दाम में खरीद लेंगे Bike, Fridge, AC और TV, फिर भी पैसे बचेंगे
  10. Meta का नया AI एजेंट Muse लॉन्च, डिजिटल असिस्टेंट बनकर भेजेगा Email, करेगा ट्रैवल बुकिंग और बहुत कुछ!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.