दिमाग से कंट्रोल हो रहा है लैपटॉप! Neuralink इम्प्लांट के बाद शख्स ने शेयर किया 100 दिनों का अनुभव

Neuralink N1 इम्प्लांट लगवाने वाले एक मरीज ने 100 दिन बाद अपना अनुभव साझा किया, जिसमें वह दिमाग से कंप्यूटर कंट्रोल कर पा रहा है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 24 मार्च 2026 17:12 IST
ख़ास बातें
  • Neuralink इम्प्लांट के 100 दिन बाद मरीज दिमाग से कंप्यूटर चला रहा
  • सर्जरी के कुछ हफ्तों में कर्सर कंट्रोल और टाइपिंग संभव हुई
  • मरीज ने दिमाग से गेम खेलने तक का अनुभव साझा किया

Neuralink N1 इम्प्लांट से मरीज दिमाग के जरिए कंप्यूटर कंट्रोल कर रहा है

Neuralink की ब्रेन-चिप टेक्नोलॉजी को लेकर एक नया मामला सामने आया है, जहां एक पैरालाइज्ड मरीज ने 100 दिन पूरे करने के बाद अपने अनुभव साझा किए हैं। ब्रिटिश आर्मी के पूर्व सैनिक Jon L. Noble, जो गर्दन के नीचे पैरालाइज्ड हैं, ने बताया कि Neuralink N1 इम्प्लांट ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है। उनके मुताबिक अब वह सिर्फ अपने दिमाग की मदद से कंप्यूटर कंट्रोल कर पा रहे हैं और बिना इसके जीवन की कल्पना करना मुश्किल लग रहा है।

Noble Neuralink के शुरुआती मरीजों में से एक हैं और उन्हें मरीज संख्या 18 के रूप में इम्प्लांट दिया गया था। उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान जनरल एनेस्थीसिया दिया गया और एक रोबोटिक सिस्टम की मदद से उनके मोटर कॉर्टेक्स में 1,024 अल्ट्रा-थिन थ्रेड्स लगाए गए। कंपनी के मुताबिक यह प्रक्रिया काफी सटीक होती है और मरीज को अगले ही दिन डिस्चार्ज कर दिया गया।

X पर Noble ने अपने लंबे पोस्ट में बताया कि सर्जरी के कुछ ही दिनों बाद सुधार दिखने लगा और दो हफ्ते के भीतर इम्प्लांट को MacBook के साथ कनेक्ट किया गया। शुरुआती ट्रेनिंग और कैलिब्रेशन के बाद वह सिर्फ अपने विचारों के जरिए कंप्यूटर का कर्सर कंट्रोल करने लगे। उन्होंने बताया कि तीसरे हफ्ते तक स्क्रॉलिंग, क्लिकिंग और टाइपिंग जैसे काम उनके लिए आसान हो गए थे।

करीब 80 दिन बाद Noble इस तकनीक के साथ गेमिंग तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि वह World of Warcraft जैसे गेम को भी सिर्फ दिमाग से कंट्रोल कर पाए। शुरुआत में यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन समय के साथ दिमाग और डिवाइस के बीच तालमेल बेहतर होता गया।

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। खासकर दिव्यांग यूजर्स, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स इस तकनीक को लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसके भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।

100 दिन पूरे होने के बाद Noble का कहना है कि Neuralink N1 इम्प्लांट ने न सिर्फ कंप्यूटर इस्तेमाल करने का तरीका बदला है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी के लिए भी एक नया रास्ता खोल दिया है। यह मामला दिखाता है कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस टेक्नोलॉजी भविष्य में इंसानों और मशीनों के बीच इंटरैक्शन को पूरी तरह बदल सकती है, हालांकि इसके लंबे समय के असर और चुनौतियों को लेकर अभी और स्टडी की जरूरत होगी।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  2. iPhone 18 Pro का इंतजार? मिलेंगे तीन सबसे बड़े कैमरा अपग्रेड!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Flipkart Freedom Sale: ₹2 हजार से ज्यादा सस्ती कीमत में खरीदें Samsung का 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी वाला फोन
  2. Google Pixel 11 Pro XL vs Vivo X300 Ultra vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  3. 21 हजार की छंटनी के बाद Oracle से फिर जाएंगी नौकरियां! AI में निवेश बना वजह
  4. Tecno Pova 8 Pro 5G हुआ लॉन्च, 50MP कैमरा के साथ रियर में भी डिस्प्ले, 6500mAh बैटरी!
  5. BSNL जल्द लॉन्च कर सकती है 5G नेटवर्क, 2 लाख 4G साइट्स इंस्टॉल करने की भी तैयारी
  6. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में गिरावट, चाइनीज ब्रांड्स को लगा बड़ा झटका
  7. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  8. BSNL मात्र ₹2399 में दे रहा 365 दिनों की वैधता के साथ डेली 2GB डाटा, अनलिमिटेड कॉल, Airtel-Jio को कड़ी टक्कर
  9. Flipkart Freedom Sale: Nothing Phone 4b पर आया तगड़ा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
  10. Honor Magic 9 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.