AI सर्च में आगे रहना है तो ब्रांड्स को क्या करना होगा? ये प्लेटफॉर्म आएंगे काम

AI सर्च के दौर में सिर्फ वेबसाइट रैंकिंग काफी नहीं है, अब जरूरी है कि आपका कंटेंट AI के जवाब में भी दिखे।

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Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 1 अप्रैल 2026 18:44 IST
ख़ास बातें
  • AI सर्च में अब लिंक नहीं, सीधे जवाब में दिखना जरूरी
  • ChatGPT और Gemini जैसे प्लेटफॉर्म्स सर्च को बदल रहे हैं
  • साफ और भरोसेमंद कंटेंट AI जवाब में आने में मदद करता है

Photo Credit: Unsplash/ Carlos Muza

आज डिजिटल विजिबिलिटी का मतलब सिर्फ गूगल सर्च रिजल्ट में ऊपर आना नहीं रह गया है। यूजर्स अब सीधे सवाल पूछते हैं और जवाब उन्हें AI टूल्स से मिलते हैं - चाहे वह चैटबॉट हो या AI सर्च इंजन। ऐसे में ब्रांड्स के सामने नई चुनौती है, जिसमें सिर्फ लिंक के तौर पर दिखना काफी नहीं, बल्कि AI के जवाबों के अंदर शामिल होना जरूरी हो गया है। इस बदलाव ने पारंपरिक SEO से आगे बढ़कर "AI-first" या "LLM SEO" की जरूरत को जन्म दिया है, जहां कंटेंट को इस तरह ऑप्टिमाइज करना पड़ता है कि वह AI मॉडल्स के लिए समझने और इस्तेमाल करने में आसान हो। ऐसे में कुछ प्लेटफॉर्म्स ऐसे हैं जिनका यूज करके इस नए इकोसिस्टम में आप अपने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत कर सकते हैं।

ChatGPT

ChatGPT आज सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले AI असिस्टेंट्स में शामिल है, जहां यूजर्स सीधे सवाल पूछते हैं और उन्हें कन्वर्सेशनल जवाब मिलते हैं। यहां विजिबिलिटी का मतलब ट्रेडिशनल रैंकिंग नहीं, बल्कि यह है कि आपका कंटेंट AI के जवाब का हिस्सा बने। इसके लिए ब्रांड्स को ऐसी जानकारी तैयार करनी होती है जो कॉन्टैक्स्ट-रिच हो, फैक्चुअल हो और साफ तरीके से स्ट्रक्चर्ड हो। FAQ-स्टाइल कंटेंट, एक्सप्लेनर्स और ऑथोरिटेटिव आर्टिकल्स यहां ज्यादा इफेक्टिव रहते हैं। साथ ही, टॉपिकल कवरेज भी जरूरी होता है, ताकि AI किसी ब्रांड को किसी खास सब्जेक्ट पर भरोसेमंद सोर्स के तौर पर पहचान सके।

Google Gemini

Google Gemini ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां अब यूजर्स को सीधे जवाब मिलने लगे हैं। यानी पहले की तरह लिंक खोलने की जरूरत कम हो रही है। यहां सिर्फ कीवर्ड डालकर आर्टिकल लिखने से काम नहीं चलता। जरूरी यह है कि यूजर जो पूछ रहा है, उसका सीधा और साफ जवाब आपके कंटेंट में मिले। कंटेंट जितना आसान और समझने लायक होगा, उतना ही बेहतर काम करेगा। सही हेडिंग्स, छोटे-छोटे पैराग्राफ और बिना घुमाए बात समझाना यहां काफी जरूरी हो गया है। साथ ही, भरोसेमंद और सही जानकारी देना भी जरूरी है, क्योंकि गूगल ऐसे ही कंटेंट को ज्यादा महत्व देता है।

Neurorank

Neurorank खुद को भारत का पहला LLM SEO प्लेटफॉर्म कहता है। कंपनी कहती है कि उनका फोकस इस बात पर रहता है कि ब्रांड्स का कंटेंट AI को कैसे दिखाई देता है और वह उसे किस तरह समझता है। पहले जहां SEO में सिर्फ रैंकिंग और ट्रैफिक पर ध्यान होता था, वहीं अब यह देखना भी जरूरी हो गया है कि ब्रांड का कंटेंट AI के जवाब में आने लायक है या नहीं। ऐसे टूल्स के जरिए यह समझा जा सकता है कि कंटेंट में कहां कमी है, किन टॉपिक्स को और बेहतर कवर करने की जरूरत है और यूजर के सवालों का जवाब कितना साफ तरीके से दिया गया है। यह पूरी तरह पारंपरिक SEO से अलग एंगल है, जहां फोकस सिर्फ ऊपर आने पर नहीं, बल्कि सही जवाब देने पर होता है। हालांकि, आखिर में कंटेंट की क्वालिटी, सही जानकारी और स्पष्ट समझ ही सबसे ज्यादा मायने रखती है।

Microsoft Copilot

Microsoft Copilot भी अब यूजर्स को सीधे जवाब देने लगा है, खासकर Bing और Microsoft के दूसरे टूल्स में। यहां वही कंटेंट ज्यादा दिखता है जो साफ, सही और भरोसेमंद हो। अगर आपकी वेबसाइट पर जानकारी अपडेटेड है और आसान भाषा में लिखी गई है, तो उसके जवाब में आने के चांस बढ़ जाते हैं। यहां एक और जरूरी बात है कि कंटेंट ऐसा होना चाहिए जैसा लोग बोलते हैं या पूछते हैं। इससे AI को समझने में आसानी होती है और वह उसे अपने जवाब में इस्तेमाल कर पाता है।

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