6G पर चीन सबको पछाड़ेगा! लॉन्‍च किया पहला टेस्‍ट सैटेलाइट, अब यह है तैयारी

China 6G Test Satellite : सैटेलाइट की बड़ी खूबी है कि यह पृथ्‍वी के लो-अर्थ ऑर्बिट यानी निचली कक्षा में मौजूद है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 19 फरवरी 2024 13:11 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने लॉन्‍च किया 6जी टेस्‍ट सैटेलाइट
  • पृथ्‍वी के लो-अर्थ ऑर्बिट में है मौजूद
  • अब पृथ्‍वी से कनेक्टिविटी पर शुरू होगा काम

चीन का सैटेलाइट्स बाकी सैटेलाइट्स के मुकाबले धरती से 500 किलोमीटर ऊपर पृथ्‍वी का चक्‍कर लगा रहा है।

Photo Credit: China Daily

China 6G Test Satellite : भारत समेत दुनियाभर के देशों में 5G मोबाइल नेटवर्क का विस्‍तार हो रहा है। इसके साथ ही 6G के डेवलपमेंट के लिए रिसर्च की जा रही है। चीन इस क्षेत्र में एक कदम आगे बढ़ता हुआ दिख रहा है। इस महीने की शुरुआत में चीनी टेलिकॉम कंपनी ‘चाइना मोबाइल' ने 6जी तकनीक को टेस्‍ट करने के मकसद से दुनिया का पहला सैटेलाइट लॉन्‍च करके रिकॉर्ड बनाया। इस सैटेलाइट की बड़ी खूबी है कि यह पृथ्‍वी के लो-अर्थ ऑर्बिट यानी निचली कक्षा में मौजूद है।  

चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने जिस सैटेलाइट को 6जी तकनीक टेस्‍ट करने के लिए लॉन्‍च किया, वह बाकी सैटेलाइट्स के मुकाबले धरती से 500 किलोमीटर ऊपर पृथ्‍वी का चक्‍कर लगा रहा है। कम दूरी में होने की वजह से यह पृथ्‍वी तक बहुत तेजी से डेटा भेज और हासिल कर सकता है। 

इस सैटेलाइट को चाइना मोबाइल और चाइनीज अकेडमी ऑफ साइंसेज ने मिलकर तैयार किया है। खास यह भी है कि चीन का 6G टेस्टिंग सैटेलाइट ‘मेड इन चाइना' है यानी उसने खुद के बूते इसे तैयार किया है। यह सैटेलाइट स्‍पेस में ही खुद को अपडेट और मैनेज कर सकता है।  

रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के इलाके आज भी खराब इंटरनेट की मुश्किल से जूझ रहे हैं। इसकी वजह पृथ्‍वी से सुदूर स्थित सैटेलाइट हैं। धरती से कम दूरी पर मौजूद सैटेलाइट इस समस्‍या को सुलझा सकते हैं। सैटेलाइट लॉन्‍च करने के बाद चाइना मोबाइल का अगला कदम यह देखना है कि 6G टेस्टिंग सैटेलाइट को पृथ्‍वी के साथ कैसे कनेक्‍ट किया जाए, जिससे हर कोने में बेस्‍ट कनेक्टिविटी मिले। 

चीन का तीसरा सबसे बड़ा वायरलैस नेटवर्क ऑपरेटर ‘चाइना यूनिकॉम' (China Unicom) पहले ही उम्‍मीद जता चुका है कि 6G टेक्‍नॉलजी से जुड़ी टेक्निकल रिसर्च और शुरुआती ऐप्लिकेशंस साल 2025 तक लॉन्‍च हो सकती हैं। उसका यह भी मानना है कि चीन में अगले दशक की शुरुआत तक 6G मोबाइल नेटवर्क का रोलआउट शुरू हो सकता है। 
 
 

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