मशीन में सिर डाला और 2 सेकंड में मिल गया नया हेयरकट! क्या है इस वायरल मशीन की सच्चाई

Instagram और TikTok पर वायरल हो रही “हेयरकट मशीन” असल में मौजूद नहीं है। यह पूरी तरह एआई-जेनरेटेड और एडिटेड वीडियो हैं जिनमें रियल जैसा इफेक्ट दिखाया गया है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 20 नवंबर 2025 12:15 IST
ख़ास बातें
  • वायरल AI हेयरकट मशीन असली नहीं, AI एडिटिंग का कमाल
  • हेयरकट ट्रेंड ने सोशल मीडिया पर खूब धूम मचाई
  • वीडियो में दिखी मशीन सिर्फ वर्चुअल मॉडल

AI Haircut Machine वाला यह ट्रेंड अधिकतर Instagram, TikTok, Facebook और X पर फैल रहा है

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक अजीब लेकिन बेहद दिलचस्प ट्रेंड वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग एक बड़ी मशीन के अंदर अपना सर डालते दिखते हैं और कुछ ही सेकंड में उन्हें एकदम नया, शार्प और स्टाइलिश हेयरकट मिल जाता है। वीडियो देखने में इतना रियल लगता है कि लोग हैरान हैं, आखिर यह कौन सी हाई-टेक हेयरकट मशीन है जो बिना इंसान के, बिना हाथ लगाए इतना परफेक्ट हेयरस्टाइल दे रही है? लेकिन क्या यह सच है? क्या दुनिया में सचमुच ऐसी रोबोटिक बार्बर मशीन आ चुकी है? या फिर पूरा ट्रेंड सिर्फ AI और एडिटिंग का खेल है?

यह ट्रेंड अधिकतर Instagram, TikTok, Facebook और X पर फैल रहा है, जहां कुछ क्रिएटर्स ऐसे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं जिनमें एक कैप्सूल जैसी मशीन के अंदर इंसान अपना सिर डालता है, मशीन घूमने लगती है और अचानक व्यक्ति के बाल सेट होकर एकदम सटीक हेयरस्टाइल में बाहर निकलते हैं। कुछ क्लिप तो इतने स्मूद हैं कि पहली नजर में वे असली लगते हैं।

लेकिन जांचने पर साफ होता है कि यह मशीन फिलहाल हकीकत में मौजूद नहीं है। अधिकतर वायरल वीडियो AI-जेनरेटेड, 3D मॉडलिंग, या वीडियो कम्पोजिटिंग का यूज करके बनाए गए हैं। क्रिएटर्स पहले इंसान के सिर के आसपास एक वर्चुअल मशीन मॉडल जोड़ते हैं, फिर AI टूल्स हेयरकट का ट्रांजिशन स्मूद बनाते हैं। इसके बाद अंतिम वीडियो ऐसा दिखता है मानो मशीन ने सच में व्यक्ति का हेयरकट बदल दिया हो। कुछ मामलों में फेस ट्रैकिंग और मोशन मैचिंग जैसी तकनीक भी इस्तेमाल की गई है।

AI और वीडियो एडिटिंग को मजबूत बनाने वाली चीज यह है कि हेयर रेंडरिंग अब पहले से कहीं ज्यादा रियल दिखने लगी है। नए AI टूल्स बालों के टेक्सचर, वॉल्यूम और शैडो को बड़ी आसानी से बदल सकते हैं। इसलिए ट्रांजिशन इतना स्वाभाविक लगता है कि आम व्यूअर्स को फेक और रियल में फर्क समझना मुश्किल हो जाता है।

सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर रिएक्शन भी खूब आ रहे हैं। कुछ लोग इसे भविष्य की हेयरकट मशीन समझ रहे हैं, जबकि कईयों को यह “Final Destination जैसा डरावना गैजेट” लग रहा है। वहीं कुछ टेक क्रिएटर्स इस ट्रेंड के जरिए दिखा रहे हैं कि AI वीडियो मैनिपुलेशन कितनी आसानी से लोगों को धोखा दे सकता है।

वर्तमान में बाजार में कोई ऐसी मशीन नहीं है जो इंसान के सिर को कैप्सूल में डालकर सेकंडों में हेयरकट दे दे। यह आइडिया भले आकर्षक हो, लेकिन अभी इस तरह की मशीन का असली प्रोटोटाइप भी मौजूद नहीं है। यानी सोशल मीडिया पर जो दिख रहा है, वह टेक्नॉलजी का भविष्य नहीं, बल्कि AI और वीडियो एडिटिंग का शानदार उदाहरण है।

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