क्‍यों ‘गुस्‍से’ से लाल हो रहा सूर्य? 14 दिनों में 40 से ज्‍यादा विस्‍फोट, वैज्ञानिक कह रहे यह बात

कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य की सतह पर होने वाले सबसे बड़े विस्फोटों में से एक है।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 8 अगस्त 2022 19:12 IST
ख़ास बातें
  • दो हफ्तों में सूर्य में 35 कोरोनल मास इजेक्शन हुए
  • 14 सनस्पॉट और छह सोलर फ्लेयर्स उत्सर्जित हुए हैं
  • इनमें से कुछ ने पृथ्‍वी को भी प्रभावित किया

सिर्फ दो हफ्तों में सूर्य ने 35 कोरोनल मास इजेक्शन (CME), 14 सनस्पॉट और छह सोलर फ्लेयर्स उत्सर्जित किए हैं।

सूर्य में हो रही हलचलें जारी हैं। यह सब उस 11 साल के चक्र की वजह से हो रहा है, जिसने सूर्य को बहुत अधिक एक्टिव फेज में ला दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वजह से सूर्य में साल 2025 तक विस्‍फोट होते रहेंगे। जानकारी के अनुसार, सिर्फ दो हफ्तों में सूर्य ने 35 कोरोनल मास इजेक्शन (CME), 14 सनस्पॉट और छह सोलर फ्लेयर्स उत्सर्जित किए हैं। इनमें से ज्‍यादातर पृथ्‍वी तक नहीं पहुंचे, जबकि कुछ ने हमें प्रभावित किया। वैज्ञानिक पहले ही आगाह कर चुके हैं कि सूर्य में हो रहे विस्‍फोट सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) की वजह बनेंगे, जिसके कारण अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स और पृथ्‍वी पर पावर ग्रिड को नुकसान पहुंच सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य की सतह पर होने वाले सबसे बड़े विस्फोटों में से एक है। ये सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्‍तार होता है और अक्‍सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। कई बार तो यह ग्रहों के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से टकरा जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्‍यादा होने पर ये पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 
Advertisement

इस बीच, सूर्य पर सनस्‍पॉट का दिखना भी बढ़ गया है। इसकी वजह से सोलर फ्लेयर्स उत्‍सर्जित हो रहे हैं। जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। इनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है।

बात करें सौर चक्र की तो यह 11 साल का होता है। इस दौरान सूर्य पर गतिविधियां चरम पर पहुंचती है और सौर चक्र खत्‍म होते ही सूर्य शांत हो जाता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) कुछ दिन पहले एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में बता चुकी है कि साल 2025 तक सौर घटनाओं में बढ़ोतरी होती रहेगी। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. BGMI Midnight Hunters Redeem Codes: फ्री में रिवॉर्ड्स चाहिए? इन 50 रिडीम कोड को तुरंत करें यूज
  3. WhatsApp एकत्रित करता है ये जानकारी, जब यूजर्स करते हैं कॉन्टैक्ट
  4. सिर्फ Apple ने ही महंगे नहीं किए iPhone, OnePlus, Vivo, Oppo और Nothing भी हुए 15,000 तक महंगे
  5. Apple ने वेबसाइट से हटाया, लेकिन अमेजन पर आज भी मिल रहे iPhone 17 Pro, 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  6. Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 अब CRN प्रोग्राम से खरीद पाएंगे सस्ते में, जानें कितनी होगी बचत
  7. Redmi 17 5G की सेल शुरू, जानें कितने में मिल रहा 50MP कैमरा,7900mAh बैटरी वाला फोन
  8. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  9. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  10. iPhone को स्पेस से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.