SpaceX के सबसे ‘भरोसेमंद’ रॉकेट ने क्‍यों दिया ‘धोखा’, जांच के बाद यह पता चला, जानें

SpaceX Falcon 9 Report : फाल्‍कन-9 रॉकेट, स्‍पेसएक्‍स के सबसे कामयाब रॉकेट्स में से एक है, जिसने कई अंतरिक्ष मिशनों को सफलता के साथ पूरा किया है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 29 जुलाई 2024 14:44 IST
ख़ास बातें
  • 11 जुलाई को फेल हो गया था फाल्‍कन 9 रॉकेट
  • स्‍पेसएक्‍स ने लगाया नाकामयाबी का पता
  • लिक्विड ऑक्सीजन का रिसाव होने से आई परेशानी
SpaceX Falcon 9 Report : एलन मस्‍क की स्‍पेस कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) को बीते दिनों बड़ा झटका लगा था, जब उसका फाल्‍कन-9 रॉकेट (Falcon-9) अंतरिक्ष में फेल हो गया। तकनीकी खामी के कारण रॉकेट, 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को स्‍पेस में नहीं पहुंचा सका। एक नाकामयाब लॉन्‍च के बाद स्‍पेसएक्‍स ने मामले की तह तक जाने का फैसला लिया और अब इससे जुड़ी रिपोर्ट फेडरल एविएशन एडमिनिस्‍ट्रेशन (FAA) को सौंपी है। इसमें बताया गया है कि किन वजहों से फाल्‍कन-9 रॉकेट में गड़बड़ी आई।   

यह घटना 11 जुलाई को सामने आई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के एफएए की निगरानी में पूरे मामले की जांच की गई। किसी भी स्‍पेस लॉन्‍च के बाद वैज्ञानिकों को रॉकेट से जुड़ा डेटा मिलता है। मौजूदा मामले में पता चला है कि फाल्‍कन-9 रॉकेट के फर्स्‍ट स्‍टेज बूस्‍टर ने सामान्‍य प्रदर्शन किया था यानी अपना काम सही से किया। 

हालांकि यह पता चला है कि फाल्कन 9 रॉकेट के सेकंड स्‍टेज इंजन ने जैसे ही फर्स्‍ट बर्न किया यानी खुद को स्‍टार्ट किया, अपर स्‍टेज इंजन के चारों तरफ इन्सुलेशन में लिक्विड ऑक्सीजन का रिसाव हो गया। लीक के बावजूद सेकंड स्‍टेज इंजन अपना काम करता रहा और सैटेलाइट को लेकर आगे बढ़ता गया। 

इसके बाद एक और बर्न किया जाना था ताकि सैटेलाइट को उनकी कक्षा में सही से पहुंचाया जा सके। लेकिन लीक के कारण इंजन के पुर्जे बहुत ज्‍यादा ठंडे हो गए। इंजन को एक हार्ड स्‍टार्ट देना पड़ा, जिससे उसके हार्डवेयर डैमेज हो गए और रॉकेट के अपर स्‍टेज ने अपना कंट्रोल खो दिया।  

स्‍पेसएक्‍स की टीम तब भी काम करती रही। उसने करीब 10 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स की ऊंचाई को बढ़ाने की कोशिश की, पर आखिरकार सभी 20 सैटेलाइट दोबारा पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश कर गए और तबाह हो गए। फाल्‍कन-9 रॉकेट, स्‍पेसएक्‍स के सबसे कामयाब रॉकेट्स में से एक है, जिसने कई अंतरिक्ष मिशनों को सफलता के साथ पूरा किया है। 
 
 

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