वक्‍त अतीत से भविष्‍य की ओर ही क्‍यों बढ़ता है? समझिए साइंस के नजरिए से

इस विचार के दशकों पुराना होने के बावजूद वैज्ञानिकों ने अभी तक इस घटना के पीछे के रहस्यों को जानने में बहुत तेजी नहीं दिखाई है। एक नए अध्ययन ने इस कॉन्‍सेप्‍ट पर प्रकाश डाला है।

विज्ञापन
डेविड डेलिमा, अपडेटेड: 24 अगस्त 2022 16:42 IST
ख़ास बातें
  • एक नए अध्ययन ने इस कॉन्‍सेप्‍ट पर प्रकाश डाला है
  • ऐरो ऑफ टाइम न्यूरॉन्स के पेयर्स के बीच इंटरेक्‍शन से पैदा हुआ है
  • यह रिजल्‍ट न्‍यूरोसाइंस रिसर्चर्स के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं

ऐरो ऑफ टाइम, थर्मोडायनैमिक्‍स (thermodynamics) के दूसरे नियम से उपजा है।

ऐरो ऑफ टाइम (arrow of time) जिसे टाइम्‍स ऐरो (time's arrow) भी कहते हैं, वह वक्‍त यानी समय के यूनिडायरेक्शनल फ्लो को परिभाषित करता है। आसान शब्‍दों में कहें तो यह बताता है कि समय केवल एक दिशा में बहता है, अतीत से भविष्य की ओर। इस विचार के दशकों पुराना होने के बावजूद वैज्ञानिकों ने अभी तक इस घटना के पीछे के रहस्यों को जानने में बहुत तेजी नहीं दिखाई है। एक नए अध्ययन ने इस कॉन्‍सेप्‍ट पर प्रकाश डाला है।

ऐरो ऑफ टाइम, थर्मोडायनैमिक्‍स (thermodynamics) के दूसरे नियम से उपजा है। यह बताता है कि फ‍िजिकल सिस्‍टम्‍स का माइक्रोस्‍कोपिक अरेंजमेंट्स ऑर्डर से डिसऑर्डर की ओर बढ़ता है। इस सिद्धांत के अनुसार अगर कोई सिस्‍टम ज्‍यादा अव्यवस्थित हो जाता है, तो उसके लिए अपना रास्ता खोजना और फिर से एक व्यवस्थित स्थिति में आना मुश्किल हो जाता है। यही सिद्धांत ऐरो ऑफ टाइम को भी मजबूत बनाता है।

थ्‍योरिटिकल साइंसेज के लिए CUNY ग्रेजुएट सेंटर इनिशिएटिव के रिसर्चर्स ने इस स्‍टडी को किया है। उन्‍होंने सिस्टम के विशिष्ट भागों और उनके बीच के इंटरेक्‍शंस को देखकर ऐरो ऑफ टाइम को डिकंपोज करने के तरीकों की तलाश की। रेटिना के अंदर फंक्‍शन करने वाले न्यूरॉन्स ऐसे भागों का एक उदाहरण हो सकते हैं। टीम ने एक क्षण को ऑब्‍जर्व किया कि टाइम ऑफ ऐरो को अलग-अलग टुकड़ों में तोड़ा जा सकता है। रिसर्चर्स ने नोट किया कि ऐरो ऑफ टाइम बड़े और जटिल ग्रुप्‍स के बजाय न्यूरॉन्स के पेयर्स के बीच सरल इंटरेक्‍शन से पैदा हुआ है। 

फिजिकल रिव्यू लेटर्स में पब्लिश हुए पेपर के लेखकों में से एक पोस्टडॉक्टरल फेलो क्रिस्टोफर लिन ने कहा कि हमारी फाइंडिंग्‍स यह समझने की दिशा में पहला कदम प्रदान करते हैं कि हम रोजाना के जीवन में जिस ऐरो ऑफ टाइम को एक्‍सपीरियंस करते हैं, वह माइक्रोस्‍कोपिक डिटेल्‍स से कैसे निकलता है। लिन ने कहा कि यह रिजल्‍ट न्‍यूरोसाइंस रिसर्चर्स के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में टेक्नोलॉजी लेखक के ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Apple खोलेगी 2 मार्च को अपना पिटारा! iPhone 17e, MacBook Air, iPad Air हो सकते हैं लॉन्च, जानें खास बातें
  2. Oppo Find N6 में मिलेगी क्वाड कैमरा यूनिट, Danxia कलर इमेजिंग लेंस
  3. Realme Narzo Power 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 10,001mAh की बैटरी
  4. Samsung Galaxy S26 Ultra लॉन्च होने के बाद 26K से ज्यादा गिरी Galaxy S25 Ultra की कीमत, देखें पूरा ऑफर
  5. पेमेंट्स कंपनी Block ने AI के चलते 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला!
  6. Amazfit Active 3 Premium लॉन्च हुई 3000 निट्स ब्राइटनेस, 4GB रैम, 12 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple खोलेगी 2 मार्च को अपना पिटारा! iPhone 17e, MacBook Air, iPad Air हो सकते हैं लॉन्च, जानें खास बातें
  2. Amazfit Active 3 Premium लॉन्च हुई 3000 निट्स ब्राइटनेस, 4GB रैम, 12 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
  3. महंगे होंगे मोबाइल! 2026 में स्मार्टफोन मार्केट के लिए बुरी खबर
  4. पेमेंट्स कंपनी Block ने AI के चलते 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला!
  5. Noise ने Master Buds 2 किए लॉन्च, 30 घंटे चलेगी बैटरी, जानें कैसे हैं फीचर्स
  6. Holi 2026: होली पर पार्टी के लिए बेस्ट रहेंगे ये ब्लूटूथ स्पीकर
  7. Samsung Galaxy S26 Ultra vs iPhone Air vs Google Pixel 10 Pro: जानें कौन सा फ्लैगशिप फोन है बेस्ट
  8. Amazon Prime Gaming Days Sale: कैमरा, स्मार्टववॉच और ईयरबड्स पर आया 70% का डिस्काउंट
  9. Holi की प्लानिंग में WhatsApp आएगा काम, ये हैं जबरदस्त फीचर्स
  10. Google ने लॉन्च किया Nano Banana 2, जानें कैसे करें इस्तेमाल
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.