Uranus और Neptune ग्रहों में सिर्फ गैस नहीं, चट्टानें भी! नई स्टडी में खुलासा

स्टडी कहती है Uranus और Neptune ग्रहों के बारे में अब तक जो अंदाजा था वो पूरी तरह सही नहीं है।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, Edited by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 15 अक्टूबर 2025 14:46 IST
ख़ास बातें
  • Uranus और Neptune को लेकर नई स्टडी आई है।
  • स्टडी इनके चट्टानी ग्रह होने का इशारा करती है।
  • अभी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह केवल एक बर्फीला गोला है।

पहले Uranus और Neptune को दैत्याकार गैसीय ग्रह कहा जाता रहा है।

सौरमंडल के दूरस्थ ग्रहों के बारे में अभी हमें पूरी जानकारी नहीं है। वैज्ञानिक लम्बे अरसे से इन ग्रहों के बारे में जानने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। यूरेनस और नेप्च्यून भी दो ऐसे ही ग्रह हैं जिनके बारे में वैज्ञानिक लगातार जानकारी जुटा रहे हैं। इससे पहले Uranus और Neptune को दैत्याकार गैसीय ग्रह कहा जाता रहा है। वैज्ञानिक मानते आए हैं कि ये ग्रह जमे हुए पानी यानी बर्फ से ढके हैं। इनके अंदर अमोनिया और अन्य गैसे भरी हैं। लेकिन नई स्टडी अब कुछ और ही कह रही है। 

Uranus और Neptune को लेकर नई स्टडी आई है। स्टडी कहती है कि इन ग्रहों के बारे में अब तक जो अंदाजा था वो पूरी तरह सही नहीं है। स्टडी इनके चट्टानी ग्रह होने का इशारा करती है। इसका एक उदाहरण यह है कि शोधकर्ताओं ने अनेक रैंडम इंटीरियल मॉडल चलाए और पुरानी थ्योरी का इस्तेमाल करने के बजाए उपलब्ध विरल आंकड़ों के साथ उनकी तुलना की। 

नई प्री-प्रिंट स्टडी के अनुसार शोधकर्ताओं ने एक नए, बिना किसी पूर्वधारणा के मॉडलिंग अप्रोच का इस्तेमाल किया, जिससे प्रत्येक ग्रह के लिए कई संभावित आंतरिक संरचनाएँ निकलकर सामने आईं। इससे एक चौंकाने वाला परिणाम सामने आया। नए परिणाम के अनुसार वैज्ञानिकों का कहना है कि हमें शायद यह अंदाज़ा नहीं है कि यूरेनस और नेपच्यून के अंदरूनी भाग वास्तव में कैसे हैं। यानी नई स्टडी इनकी संरचना के बारे में नया खुलासा करती है। 

इसका एक उदाहरण भी वैज्ञानिकों ने पेश किया है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि एक मॉडल ने यूरेनस का चट्टान-से-पानी अनुपात 0.04 (लगभग सारा पानी) से 3.92 (लगभग सारा चट्टान) तक दिया था, और नेपच्यून की संरचना भी इसी तरह अप्रतिबंधित है। वास्तव में आंतरिक संरचनाओं की एक विस्तृत रेंज विरल आँकड़ों के अनुरूप बनी हुई है। इसलिए अभी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह केवल एक बर्फीला गोला है।  

यहां पर एक विरोधाभास पैदा हो जाता है। यानी अगर इन ग्रहों को बर्फीला गोला कहना गलत है तो फिर इन पर एक चट्टानी पदार्थ मिल सकता है जो कि इनका अधिकतर हिस्सा बना रहा है। लेकिन यह नई थ्योरी सौरमंडल के निर्माण के अन्य मॉडल्स को अशांत कर सकती है। इसलिए वैज्ञानिकों को यह स्पष्टीकरण देना होगा कि इन दूरस्थ कक्षाओं में कितना ठोस मैटिरियल मौजूद है। 

Advertisement

इस बहस को समाप्त करते हुए वैज्ञानिकों ने कहा है कि यूरेनस व नेपच्यून की संरचना का पता अंततः कुइपर बेल्ट (Kuiper Belt) में एक विशेष मिशन के बाद ही लगाया जा सकता है। यानी कोई ऑर्बिटर ही वहां जाकर असली स्थिति का पता लगा सकता है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 150 इंच स्क्रीन पर 4K सिनेमा और बिल्ट-इन 2.1 चैनल स्पीकर सिस्टम! लॉन्च हुआ OBE R3 Ultra Max Projector
  2. Vivo ला रही नया मिडरेंज फोन, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  3. Samsung का 42 हजार वाला फोन मिल रहा ₹9000 सस्ता, यहां आई तगड़ी डील
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vodafone Idea का गजब ऑफर अब 5G के साथ 4G डाटा भी अनलिमिटेड, 84 दिनों तक जितना मर्जी चलाओ इंटरनेट
  2. Samsung Galaxy S26 FE vs Oppo Reno 16 vs Xiaomi 17T: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  3. Samsung लेकर आ रहा सस्ता फोन, Galaxy A08 4G आया 6000mAh बैटरी के साथ नजर, जानें
  4. WhatsApp पर बदल रहे हैं फोन नंबर, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना सारा डाटा हो जाएगा खराब
  5. Vivo ला रही नया मिडरेंज फोन, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  6. Tata Punch हुई ₹20 हजार तक महंगी! जानें किन मॉडल्स के बढ़े दाम
  7. Samsung का 42 हजार वाला फोन मिल रहा ₹9000 सस्ता, यहां आई तगड़ी डील
  8. Samsung Galaxy S26 FE हुआ भारत में लॉन्च, 50MP कैमरा, 4900mAh बैटरी से लैस, जानें और क्या है खास
  9. DRDO Internship 2026: ₹30 हजार कमाने का मौका दे रहा DRDO, BTech, MSc स्टूडेंट्स ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
  10. Xiaomi लेकर आई Pad 9, Pad 9 Pro टैबलेट, 20 घंटे तक कर पाएंगे ऑनलाइन मीटिंग, जानें कैसे हैं फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.