हमारे पूर्वजों की हड्डियों में मिले 50 हजार साल पुराने वायरस!

शोधकर्ता इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 26 मई 2024 09:35 IST
ख़ास बातें
  • निएंडरथल को आधुनिक मानव का सबसे करीबी माना जाता है।
  • 50 हजार साल पहले जीवित रहे निएंडरथल की हड्डियों में वायरस।
  • निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।

निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।

हमारे पूर्वजों के बारे में वैज्ञानिक लगातार पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वे कैसे विलुप्त हो गए थे। निएंडरथल को आधुनिक मानव का सबसे करीबी माना जाता है। लेकिन निएंडरथल विलुप्त हो गए थे। अब शोधकर्ताओं को 50 हजार साल पुराने वायरस के बारे में कुछ सबूत मिले हैं। ये सबूत 50 हजार साल पहले जीवित रहे निएंडरथल की हड्डियों में मिले हैं। 

इससे पहले वैज्ञानिक मानते आए थे कि संक्रामक रोगों ने निएंडरथल के खात्मे में अहम भूमिका निभाई होगी। लेकिन इसके लिए शोधकर्ताओं के पास कोई पुख्ता प्रमाण नहीं थे। क्योंकि प्राचीन डीएनए को निकालना और उसे एक सीक्वेंस में रखना बहुत ही कठिन काम था। अब आणविक जीवविज्ञानी मार्सेलो ब्रओन्स के नेतृत्व में एक नई स्टडी की गई है। रूस की Chagyrskaya गुफा में निएंडरथल के जो कंकाल मिले थे, उनके DNA सैम्पलों का विश्लेषण किया गया है। 
Advertisement

इसके बाद ब्रिओन्स की टीम ने पाया कि हड्डियों में कुछ ऐसे टुकड़े मिले हैं जो आधुनिक युग के तीन वायरस से मेल खाते हैं। इनमें एडिनोवायरस (कॉमन कोल्ड), हर्पीज वायरस (कोल्ड सोर), और पैपिलोमावायरस (जेनिटल वार्ट्स) शामिल हैं। 

हालांकि अभी यह खोज बहुत ही शुरुआती है। वायरस के जो टुकड़े इनमें मिले हैं, वे सुझाते हैं कि इनमें पुराने वायरस रहे होंगे। शोध में यह भी कहा गया है कि निएंडरथलों पर इन वायरस का क्या प्रभाव रहा होगा, अभी यह नहीं कहा जा सकता है। लेकिन इस खोज ने इस संबंध में आगे जांच पड़ताल करने के दरवाजे खोल दिए हैं। इसी के साथ यह खोज उन सभी थ्योरियों को कमजोर कर देती है, जो कहती आई हैं कि निएंडरथल का खात्मा वातावरण के बदलावों या मानव के मानव से संघर्ष के कारण हुआ होगा। 
Advertisement

शोधकर्ता इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे। हड्डियों में खोजे गए इन वायरस और अन्य जिम्मेदार कारकों के बारे में आगे होने वाली स्टडी हमें उस सत्य के और करीब ले जाएगी जो मानव प्रजाति के इतिहास की बहुत बड़ी घटना से संबंध रखता है। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
  2. HMD ने नोकिया की यादों को ताजा करते हुए Asha 305 किया पेश, 32 घंटे चलेगी बैटरी, सस्ते दामों में मिलेगा स्मार्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  2. iPhone 17 Pro को 30km ऊपर ले जाकर हवाई जहाज से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड! वीडियो वायरल
  3. Moto Buds 2 Fusion ईयरबड्स भारत में 17 सितंबर को होंगे लॉन्च, 53 घंटे बैटरी, IP54, IPX2 रेटिंग!
  4. Vivo Buds मात्र ₹1,999 में लॉन्च, 2 दिन से ज्यादा चलेगी बैटरी, गेमिंग के लिए खास फीचर्स भी
  5. iPhone Duo vs Google Pixel 11 Pro Fold vs Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra: जानें कौन सा फोल्डेबल फोन है बेस्ट?
  6. 1 फोल्डेबल iPhone के दाम में खरीद लेंगे Bike, Fridge, AC और TV, फिर भी पैसे बचेंगे
  7. Meta का नया AI एजेंट Muse लॉन्च, डिजिटल असिस्टेंट बनकर भेजेगा Email, करेगा ट्रैवल बुकिंग और बहुत कुछ!
  8. आपके iPhone पर कब आएगा iOS 27? Apple ने बता दी अपडेट की रिलीज डेट
  9. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
  10. iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही महंगे हुए पुराने iPhones, 17 से लेकर Air तक की कीमत बढ़ी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.