NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को एग्जोप्लेनेट के वायुमंडल में मिली कार्बन डाइऑक्साइड!

इस खोज के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने नियर इंफ्रारेड स्पेक्टोग्राफ (NIRSpec) यंत्र का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन
सिद्धार्थ सुवर्ण, अपडेटेड: 25 सितंबर 2022 20:01 IST
ख़ास बातें
  • WASP-39 b पर मिली कार्बनडाइआक्साइड गैस
  • WASP-39 b धरती से लगभग 700 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है
  • खोज से ग्रह के बनने के बारे में मिलेगी जानकारी

कार्बन डाइआक्साइड का साफ निशान मिलना छोटे और टेरेस्ट्रियल आकार के प्लेनेट पर वायुमंडल होने की उम्मीद जगाता है

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) ने पहली बार हमारे सौरमंडल के बाहर किसी ग्रह पर कार्बन डाइऑक्साइड का पता लगाया है। यह खोज WASP-39 b नाम के एग्जोप्लेनेट पर की गई है जिसके बारे में 2011 में पता लगा था। यह धरती से लगभग 700 प्रकाश वर्ष दूर है और गर्म गैसों से बना है। यह सूर्य जैसे ही एक तारे के चारों तरफ घूमता है। NASA के अनुसार, इस खोज से इस ग्रह के बनने और इसकी संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही, इससे खोज से यह साबित होता है जेम्स वेब टेलीस्कोप छोटे और चट्टानी ग्रहों के पतले वातावरण में भी कार्बन डाइआक्साइड का पता लगा सकता है। 

इस खोज के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने नियर इंफ्रारेड स्पेक्टोग्राफ (NIRSpec) यंत्र का इस्तेमाल किया। उन्हें इस एग्जोप्लेनेट के वातावरण के स्पेक्ट्रम में 4.1 और 4.6 माइक्रोन के बीच एक छोटा पहाड़ मिला। टीम के अनुसार, यह पहला और साफ सबूत था कि ग्रह पर कार्बन डाइआक्साइड मौजूद है। जेडब्लूएसटी ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट कम्युनिटी अर्ली रिलीज साइंस टीम के सदस्य जफर रुस्तमकुलोव, जिसने ये इन्वेस्टिगेशन की, ने कहा कि जैसे ही उनकी स्क्रीन पर डेटा सामने आया, कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा ने उनका ध्यान खींच लिया। यह एक खास पल था, जिसने एग्जोप्लेनेट के बारे में महत्वपूर्ण थ्रेशॉल्ड को पार किया। 

इससे पहले किसी भी ऑब्जर्वेटरी ने एक्सोप्लैनेट ट्रांसमिशन स्पेक्ट्रम में 3 से 5.5-माइक्रोन रेंज में कई अलग-अलग रंगों की ब्राइटनेस में सूक्ष्म अंतर को नहीं मापा था। स्पेक्ट्रम की रेंज को मिथेन, वॉटर और कार्बनडाइआक्साइड की प्रचूरता को मापने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन गैसों के बारे में माना जाता है कि ये बहुत से विभिन्न प्रकार के एग्जोप्लेनेट्स पर पाई जाती हैं। 

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया की नटालिया बाटाल्हा के अनुसार, जिन्होंने टीम को लीड किया, कार्बन डाइआक्साइड का साफ निशान मिलना छोटे और टेरेस्ट्रियल आकार के प्लेनेट पर वायुमंडल होने की उम्मीद जगाता है। किसी भी ग्रह की वायुमंडलीय संरचना के बारे में जानकारी जुटाना बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि यह उसकी उत्पत्ति और विकास के बारे में कई संकेत लिये होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि WASP-39 b पर कार्बनडाइआक्साइड को मापना यह पता लगाने में मदद करेगा कि इस ग्रह के बनने में कितना सॉलिड और गैसीय मैटीरियल इस्तेमाल हुआ है।

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , exoplanet, NASA
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 70 भाषाओं के सपोर्ट के साथ Google का नया स्पीच AI लॉन्च
  2. Oppo का नया टैबलेट 8000mAh बैटरी, 12GB रैम के साथ होगा 21 अप्रैल को लॉन्च
  3. WhatsApp चैट लिस्ट होगी क्लीन, बिजनेस चैट्स जाएंगी अलग सेक्शन में!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi ने लॉन्च किया 508L स्मार्ट रेफ्रिजरेटर, 55 मिनट में बनेगी बर्फ और मोबाइल कनेक्टिविटी भी!
  2. WhatsApp चैट लिस्ट होगी क्लीन, बिजनेस चैट्स जाएंगी अलग सेक्शन में!
  3. Honor के आगामी स्मार्टफोन में मिल सकती है 11,000mAh की जंबो बैटरी
  4. PS Plus Game Catalogue: अप्रैल में फ्री खेलने को मिलेंगे कई नए गेम्स, Horizon Zero Dawn भी शामिल
  5. Oppo का नया टैबलेट 8000mAh बैटरी, 12GB रैम के साथ होगा 21 अप्रैल को लॉन्च
  6. Nothing Warp App लॉन्च, अब कंप्यूटर और मोबाइल के बीच चुटकी में होगी फाइल शेयर, जानें तरीका
  7. OnePlus Pad 4 जल्द होगा भारत में लॉन्च, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  8. 70 भाषाओं के सपोर्ट के साथ Google का नया स्पीच AI लॉन्च
  9. Moto Pad 60 Pro, Pad 60 Neo हुए महंगे! कंपनी ने हजारों रुपये से बढ़ाई कीमत
  10. 144Hz 4K डिस्प्ले के साथ Lumio Vision 9 (2026), Vision 7 (2026) लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.