नासा ने बनाया खास रोबोट, बृहस्पति के चांद पर बर्फ के नीचे महासागर में लगाएगा गोता!

NASA ने अपने स्पेस मिशनों के लिए पानी के नीचे तैरने वाले रोबोट तैयार किए हैं।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 23 नवंबर 2024 11:28 IST
ख़ास बातें
  • रोबोट वहां के महासागरों में उतर कर जांच पड़ताल करेंगे।
  • 16.5 इंच का रोबोट करीब 2kg भारी है।
  • पूल में इस प्रोटोटाइप का टेस्ट भी किया गया है।

NASA ने अपने स्पेस मिशनों के लिए पानी के नीचे तैरने वाले रोबोट तैयार किए हैं।

Photo Credit: NASA/JPL

NASA ने अपने स्पेस मिशनों के लिए पानी के नीचे तैरने वाले रोबोट तैयार किए हैं। ये रोबोट बृहस्पति और शनि के चंद्रमाओं पर जाकर बर्फ के नीचे दबे महासागर में गोता लगाएंगे। जुपिटर के चंद्रमा Europa और शनि के चंद्रमा Enceladus पर जाकर ये रोबोट पानी के नीचे खोजबीन करेंगे। इन कॉन्सेप्ट रोबोट्स को नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेट्री ने तैयार किया है। ये भविष्य के रोबोट हैं जो स्पेस में कठिन वातावरण में भी काम कर सकते हैं। 

नासा की पृथ्वी से बाहर जीवन की संभावनाओं की तलाश में ये रोबोट बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं। दरअसल नासा बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा और शनि के चंद्रमा एन्सेलाडस में बहुत रुचि रखती है। यूरोपा क्लिपर मिशन नासा पहले ही भेज चुका है। नासा की जेट प्रॉपल्शन लैबोरेट्री (जेपीएल) ने इसे सेंसिंग विद इंडिपेंडेंट माइक्रो स्विमर्स (SWIM) नाम दिया है। यह 16.5 इंच का रोबोट करीब 2kg भारी है। पूल में इसका टेस्ट भी किया गया है। कॉन्सेप्ट के बाद जब असल रोबोट तैयार होंगे तो वह लगभग 12 सेंटीमीटर का ही होगा। 

नासा का प्लान है कि वह ऐसे कई रोबोट्स बनाएगी। ये रोबोट वहां के महासागरों में उतर कर जांच पड़ताल करेंगे। उनके तापमान, और कैमिकल कॉम्पोजीशन का पता लगाएंगे। जिन चंद्रमाओं पर नासा इन्हें भेजने जा रही है। वहां पर बर्फ की मोटी चादर मौजूद है। कहा जाता है कि इस बर्फ के नीचे पूरा महासागर है। ये रोबोट खासतौर पर इसी काम के लिए डिजाइन किए गए हैं। जेपीएल ने इनके टेस्ट का वीडियो भी शेयर किया है। 

इन रोबोट्स में कम्युनिकेशन और जीपीएस सिस्टम भी लगा होगा। जिसकी मदद से ये पानी में नेविगेट कर सकेंगे। इनमें खास उपकरण लगे होंगे जिससे कि ये महासागर की केमिकल कम्पोजिशन जान सकेंगे। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह अभी सिर्फ एक कॉन्सेप्ट है और प्रोटोटाइप के तौर पर टेस्ट किया गया है। इन्हें बनाने के लिए अभी फंडिंग के साथ-साथ डेवलपमेंट अप्रूवल की भी आवश्यकता है। नासा का मानना है कि बाहरी सौरमंडल में Europa, Enceladus, Titan और Ariel जैसे चंद्रमाओं पर पानी होने के संकेत मिले हैं जिससे कहा जा रहा है कि यहां पर जीवन संभव हो सकता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, SWIM, SWIM Robots, Europa, Enceladus

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
#ताज़ा ख़बरें
  1. एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
  2. Oppo F35 Pro में हो सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  3. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  4. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  5. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  6. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  7. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  8. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  9. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
  10. Airtel के चार सबसे सस्ते प्रीपेड प्लान, अनलिमिटेड डाटा और कॉल के लाभ, कीमत ₹300 से भी कम
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.