NASA को मिला 'धधकता' नया ग्रह, यहां 1 साल है सिर्फ 21 घंटे का!

वैज्ञानिकों को इसकी सटीक कम्पोजिशन के बारे में अभी भी पता नहीं लग पाया है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 1 दिसंबर 2024 21:16 IST
ख़ास बातें
  • नासा के वैज्ञानिकों ने एक नया एग्जोप्लेनेट खोजा है
  • इसे TOI-3261 b नाम दिया गया है
  • यह साइज में हमारे सौरमंडल के ग्रह नेप्च्यून जितना है

नासा के वैज्ञानिकों ने एक नया एग्जोप्लेनेट खोजा है

Photo Credit: NASA

NASA के हाथ ब्रह्मांड में एक और खोज लगी है। नासा के वैज्ञानिकों ने एक नया एग्जोप्लेनेट खोजा है जिसे TOI-3261 b नाम दिया गया है। रोचक बात यह है कि यहां पर सिर्फ 21 घंटे का ही एक साल होता है। यह ग्रह बहुत ज्यादा गर्म बताया गया है। यह साइज में हमारे सौरमंडल के ग्रह नेप्च्यून जितना है। लेकिन कहा गया है कि यह अपने तारे के बहुत ज्यादा नजदीक घूम रहा है। इसीलिए यह बहुत ज्यादा गर्म है और यहां पर 1 साल बहुत ही छोटा होता है। नासा का कहना है कि सौरमंडल में चौथी कोई ऐसी चीज पाई गई है।

एग्जोप्लेनेट TOI-3261 b की खोज नासा ने अपने Transiting Exoplanet Survey Satellite की मदद से की है। इसे TESS भी कह दिया जाता है। इसके लिए कंपनी फॉलोअप कर रही है और ऑस्ट्रेलिया, चिले और साउथ अफ्रीका बेस्ड टेलीस्कोप के माध्यम से इस पर नजर रखी जा रही है। खोज में पाया गया कि यह ग्रह एक दुर्लभ कैटिगरी से संबंध रखता है जिसे हॉट नेप्च्यून्स (Hot Neptunes) कहा जाता है। यह ऐसी कैटिगरी है जिसमें बहुत छोटे ग्रह आते हैं, जो अपने तारे के बहुत ही नजदीक घूमते हैं और जिनकी परिक्रमा का समय बहुत कम होता है। TOI-3261 b पर साल सिर्फ 21 घंटे का ही होता है। 

वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के इतिहास को एडवांस मॉडलिंग तकनीक से जानने की कोशिश की है। यह 6.5 अरब साल पुराना हो सकता है। यह गर्म ग्रह शुरुआती दौर में बृहस्पति की तरह ही एक गैस दैत्य रहा होगा जो बाद में दूसरी फॉर्म में तब्दील हो गया होगा। TOI-3261 b की डेंसिटी नेप्च्यून से दोगुनी बताई गई है। माना जा रहा है कि इसके वातावरण में से हल्के कण समय के साथ उड़ गए होंगे और सिर्फ भारी कण बच गए होंगे। इससे पता चलता है कि इस ग्रह के वातावरण में एक समय विविध प्रकार के एलिमेंट्स रहे होंगे। 

वैज्ञानिकों को इसकी सटीक कम्पोजिशन के बारे में अभी भी पता नहीं लग पाया है। इसका पता लगाने के लिए खगोलशास्त्री इस ग्रह को इंफ्रारेड लाइट के माध्यम से ऑब्जर्व करेंगे। इसके लिए नासा अपने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद ले सकती है। इसके बाद जाना जा सकेगा कि आखिर इस पर कौन सी भौतिक प्रक्रियाएं चल रही हैं जिससे कि यह एग्जोप्लेनेट इतना गर्म रहता है। फिलहाल, नासा के वैज्ञानिक इसके बारे में आगे की खोज करने में जुट गए हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo ला रही 55 घंटे की बैटरी वाले सस्ते TWS ईयरबड्स, जानें खास फीचर्स
  2. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
  3. Vivo X300 Ultra vs iPhone 17 Pro Max vs Google Pixel 10 Pro XL: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  4. Xiaomi 17 Max में होगी 8,000mAh की पावरफुल बैटरी, 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा 
  5. OnePlus के इस प्रीमियम फोन को ₹8,000 सस्ता खरीदने का मौका, यहां जानें पूरी डील
  6. PS Plus May धमाका! Red Dead Redemption 2 समेत फ्री मिलेंगे ये 7 बड़े गेम्स
  7. Microsoft Windows 11 की स्पीड बढ़ाने के लिए लाएगी macOS वाला तरीका, तेजी से खुलेंगे ऐप्स!
  8. क्रिप्टो मार्केट में गिरावट, Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से नीचे
  9. iQOO Z11 भारत में लॉन्च के लिए तैयार! 165Hz डिस्प्ले, दमदार Snapdragon प्रोसेसर से हो सकता है लैस
  10. Google Pay में UPI पिन भूल गए हैं तो बिना डेबिट कार्ड ऐसे कर पाएंगे रीसेट, जानें प्रक्रिया
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.