NASA ने बना लिया मंगल पर घर! देखें अंदर से कैसा है ये 3D प्रिंटेड हैबिटेट

ASA ने इस हैबिटेट को 3D-प्रिंटेड कंक्रीट से तैयार किया है, ताकि मंगल पर रिसोर्सेस का अधिकतम इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसका भी अंदाजा लगाया जा सके।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 31 अगस्त 2025 10:00 IST
ख़ास बातें
  • NASA का 3D-प्रिंटेड ‘Mars Dune Alpha’ हैबिटेट दिखाया गया
  • यहां क्रू को मंगल जैसी परिस्थितियों का अनुभव कराया जाएगा
  • CHAPEA मिशन से भविष्य के Mars प्रोजेक्ट्स की तैयारी हो रही है

पिछले साल NASA ने इस हैबिटेट में चार वॉलंटियर्स को करीब एक साल तक रखा (Representative Image)

Photo Credit: Unsplash/ Zhou Xian

NASA ने इंसानों को भविष्य में मंगल पर भेजने की तैयारी में बड़ा कदम दिखाया है। एजेंसी ने हाल ही में अपना खास 3D-printed habitat मीडिया को दिखाया, जिसे ‘Mars Dune Alpha' या CHAPEA Habitat कहा जाता है। Houston, Texas स्थित Johnson Space Center में बने इस 1,700 वर्ग फुट के स्ट्रक्चर को ऐसा डिजाइन किया गया है कि यह बिल्कुल मंगल जैसी परिस्थितियों का अनुभव करा सके। यहां पर सीमित संसाधन, 22 मिनट तक का कम्युनिकेशन डिले, क्वारंटाइन और मानसिक दबाव जैसे हालात क्रू को झेलने पड़ते हैं, ताकि असली Mars मिशन से पहले ही वैज्ञानिक इन चुनौतियों को समझ सकें।

NASA ने हाल ही में अपने 3D-प्रिटेंट हैबिटेट को मीडिया को दिखाया (via रॉयटर्स), जिसमें यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि मंगल ग्रह पर भेजे गए लोग किस तरह से रहेंगे और रिसर्च करेंगे। NASA के मुताबिक, इस हैबिटेट में कई जरूरी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसमें चार लोगों के रहने के लिए बेडरूम, मेडिकल स्टेशन, एक छोटा सा ग्रीनहाउस, वर्क एरिया और प्राइवेट स्पेस बनाए गए हैं। NASA ने इस habitat को 3D-प्रिंटेड कंक्रीट से तैयार किया है, ताकि मंगल पर रिसोर्सेस का अधिकतम इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसका भी अंदाजा लगाया जा सके। एजेंसी का कहना है कि असली मिशन में भी इस तरह के स्ट्रक्चर मददगार साबित हो सकते हैं।

पिछले साल NASA ने इस हैबिटेट में चार वॉलंटियर्स को करीब एक साल तक रखा। उन्होंने Marswalk सिमुलेशन, रोबोट ऑपरेशन और यहां तक कि अपनी खाने की सब्ज़ियां उगाने जैसे काम किए। इतना ही नहीं, टीम ने तनाव और अलगाव जैसी मानसिक चुनौतियों का भी सामना किया। NASA के मुताबिक, इस डेटा से उन्हें समझने में मदद मिली कि लंबी अवधि के स्पेस मिशन इंसानों के शरीर और दिमाग पर कितना असर डाल सकते हैं।

अब NASA इस प्रोजेक्ट को अगले स्तर पर ले जा रहा है। CHAPEA मिशन की यह सीरीज कुल तीन बार आयोजित होगी। पहला मिशन 2023-24 में पूरा हुआ और अब दूसरा मिशन इस साल अक्टूबर से शुरू होने वाला है। मीडिया को हाल ही में इस हैबिटेट का टूर भी कराया गया, ताकि वे देख सकें कि क्रू किस तरह मंगल जैसे माहौल में रहने और काम करने की प्रैक्टिस करता है।

NASA का मानना है कि इन मिशनों से न सिर्फ वैज्ञानिक रिसर्च में मदद मिलेगी, बल्कि मंगल पर मानव बस्ती बसाने का सपना भी धीरे-धीरे हकीकत के करीब जाएगा। असली Mars मिशन कब होगा, यह अभी तय नहीं है, लेकिन इस तरह की तैयारी बताती है कि इंसान लाल ग्रह तक पहुंचने से बहुत दूर नहीं है।

NASA का Mars Dune Alpha क्या है?

यह एक 3D-प्रिंटेड हैबिटेट है जिसे NASA ने Houston के Johnson Space Center में बनाया है। इसका मकसद इंसानों को मंगल जैसी परिस्थितियों में ट्रेन करना है।

इस habitat में कितने लोग रह सकते हैं?

Mars Dune Alpha को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें एक समय में चार लोग रहकर काम कर सकते हैं।

इसमें कौन-कौन सी सुविधाएं दी गई हैं?

इसमें रहने के लिए प्राइवेट स्पेस, मेडिकल स्टेशन, किचन, ग्रीनहाउस और रिसर्च लैब जैसी बेसिक सुविधाएं शामिल हैं।

NASA इस हैबिटेट का इस्तेमाल किसलिए कर रहा है?

यहां इंसानों को सीमित संसाधनों, कम्युनिकेशन लेटेंसी और लंबे समय तक अलग-थलग रहने जैसी मंगल मिशन की चुनौतियों का अनुभव कराया जाता है।

CHAPEA मिशन क्या है?

CHAPEA (Crew Health and Performance Exploration Analog) NASA का प्रोग्राम है जिसके तहत इंसानों को एक साल तक Mars Dune Alpha में रहना होता है।

क्या यहां असली मंगल की मिट्टी या वातावरण बनाया गया है?

नहीं, यहां मंगल जैसी परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया है, जैसे सीमित पानी-खाना और क्वारेंटाइन, लेकिन असली मंगल का वातावरण नहीं है।

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