फरवरी के इस वीकेंड पर आपको अंतरिक्ष में उल्काओं की बारिश देखने को मिलेगी।
फरवरी में सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देने वाला है। यह ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है
Photo Credit: Vecteezy
अंतरिक्ष की रोचक घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए फरवरी का महीना बहुत ही खास होने वाला है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें अंतरिक्ष में ग्रहों और तारों की आंख मिचौली, उल्काओं की बरसात और ऐसी ही अन्य घटनाएं देखना पसंद है तो तैयार हो जाइए। फरवरी की शुरुआत से लेकर अंत तक कई खगोलीय घटनाएं इस महीने में होने वाली है। शुरुआत बर्फीले चंद्रमा (Snow Moon) से हो चुकी है। 1 फरवरी को आकाश में स्नो मून निकला था जो पूर्णिमा का एक अद्भुत नजारा था। लेकिन निराश न हों, इस महीने में और भी कई खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी जिसमें ग्रहण, उल्का बारिश आदि अद्भुत घटनाएं शामिल हैं। आइए विस्तार से आपको इनके बारे में बताते हैं।
उल्का बारिश (meteor shower)
फरवरी के इस वीकेंड पर आपको अंतरिक्ष में उल्काओं की बारिश देखने को मिलेगी। यह 8 फरवरी को अपने चरम पर होगी। इसे एल्फा सेंटॉरिड (Alpha Centaurid) उल्का बारिश कहा जाता है। यह 31 जनवरी से शुरू हो चुकी है लेकिन 8 फरवरी को यह सबसे ज्यादा प्रभावी होगी। यह उल्का बारिश 20 फरवरी तक चलने वाली है। चरम पर पहुंचने के बाद यानी 8 फरवरी के आसपास आपको आसमान में प्रति घंटा 6 उल्काएं गिरती हुईं देखने का मौका मिल सकता है। यह सबसे अधिक दक्षिणी गोलार्ध में प्रभावी होगा। वहीं, उत्तरी गोलार्ध के दक्षिणी क्षेत्र में भी यह काफी सक्रिय होगा। मध्यरात्रि के बाद इसे देखना सबसे उत्तम समय बताया गया है। Centaurus तारामंडल की तरफ यह बारिश देखी जा सकेगी।
सूर्य ग्रहण
फरवरी में सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देने वाला है। यह ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है जब चांद हमारे सौरमंडल के तारे सूर्य को अपनी अपनी छाया में ढक लेगा। इसमें सूर्य रिंग ऑफ फायर (ring of fire) बनाएगा। यह स्थिति तब बनती है जब चांद सूरज के केंद्र के सामने फैल जाएगा और किनारों पर से रोशनी फूटेगी। यह नजारा बेहद अद्भुत होने वाला है। अंटार्कटिका और दक्षिणी हिंद महासागर में रिंग ऑफ फायर का सबसे बेहतरीन नजारा दिखेगा। अर्जेंटीना, चिली, बोत्सवाना और दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
चंद्र-बुध जुगलबंदी
वर्धमान चंद्रमा
फरवरी में वर्धमान चंद्रमा भी दिखाई देगा। इसे क्रिसेंट मून (Crescent Moon) भी कहते हैं। यह 19 फरवरी को दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसके पास शनि भी दिखाई देने वाला है। दोनों खगोलीय पिंड एकसाथ आने पर एक अद्भुत नजारा अंतरिक्ष में दिखने वाला है।
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