सूर्य से आने वाली है एक नई आफत! दिखाई दिया विशाल सनस्पॉट

AR3315 सनस्पॉट में M-क्लास फ्लेयर्स निकलने का 55% चांस है और X-क्लास फ्लेयर्स के पृथ्वी से टकराने की 10% संभावना है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 29 मई 2023 20:46 IST
ख़ास बातें
  • AR3315 नाम का एक सनस्पॉट देखा गया है
  • ये खतरनाक सोलर एनर्जी को फैला सकता है
  • इसमें वर्तमान में अस्थिर 'बीटा-गामा-डेल्टा' चुंबकीय क्षेत्र है

सनस्‍पॉट कुछ घंटों से लेकर कुछ महीनों तक रह सकता है

सूर्य में हलचलों का दौर जारी है, जिसका समय-समय पर सीधा असर पृथ्‍वी पर दिखाई देता है। पिछले महीने का अंत पृथ्वी पर सूर्य से आए जबरदस्त सोलर फ्लेयर के थपेड़ों से हुआ था और अब, ऐसा प्रतीत होता है कि हम जल्द ही एक और जबरदस्त सोलर फ्लेयर के हमले से प्रभावित हो सकते हैं। एक सनस्पॉट की खोज की गई है, जिसमें खतरनाक सोलर फ्लेयर छोड़ने की क्षमता है।

Spaceweather.com की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के फोरकास्टर्स ने खुलासा किया है कि AR3315 नाम का एक सनस्पॉट देखा गया है, जो खतरनाक सोलर एनर्जी को फैला सकता है। जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि सनस्पॉट सूर्य में मौजूद एक अंधेरा क्षेत्र है, जो इसके चुंबकत्व के कारण सूर्य पर दिखाई देता है। सनस्‍पॉट कुछ घंटों से लेकर कुछ महीनों तक रह सकता है। सभी सनस्‍पॉट सोलर फ्लेयर पैदा नहीं करते, लेकिन जब ऐसा होता है, तब उसका असर पृथ्‍वी तक दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट बताती है कि AR3315 सनस्पॉट खतरनाक है, क्योंकि इसमें वर्तमान में अस्थिर 'बीटा-गामा-डेल्टा' चुंबकीय क्षेत्र है। इस सनस्पॉट की अस्थिर प्रकृति के कारण, न केवल M-क्लास सोलर फ्लेयर्स, बल्कि X-क्लास फ्लेयर्स के रिलीज होने की भी संभावना है। स्पेस एजेंसियां सोलर फ्लेयर्स को क्लास के हिसाब से मापती है और X-क्लास फ्लेयर्स को काफी खतरनाक माना जाता है। इस क्लास की सोलर फ्लेयर डिवाइस और इक्विपमेंट्स को तो प्रभावित करती ही हैं साथ ही ब्लैकआउट के खतरे को भी बढ़ा देती है।

रिपोर्ट के अनुसार, AR3315 सनस्पॉट में M-क्लास फ्लेयर्स निकलने का 55% चांस है और X-क्लास फ्लेयर्स के पृथ्वी से टकराने की 10% संभावना है। यह भी बताया गया है कि इस सनस्पॉट में भू-चुंबकीय तूफान जैसे भू-चुंबकीय गड़बड़ी को ट्रिगर करने की भी क्षमता है. क्योंकि इसका मुह सीधे हमारे ग्रह की ओर है।

बता दें कि हर 11 साल में एक नया सौर चक्र शुरू होता है। इस दौरान सूर्य काफी एक्टिव हो जाता है। उसमें विस्‍फोट देखने को मिलते हैं। इस दौरान सूर्य से कोरोनल मास इजेक्शन और सोलर फ्लेयर्स उत्सर्जित होते हैं। अगर इनकी दिशा पृथ्‍वी की ओर हो, तो हमारे ग्रह पर भू-चुंबकीय तूफान आते हैं, जिससे सैटेलाइट्स व पृथ्‍वी पर मौजूद पावर ग्रिड पर असर पड़ता है।
 

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