22.53 करोड़ Km दूर से पृथ्‍वी पर आया ‘रहस्‍यमयी’ सिग्‍नल, किसने भेजा? जानें

इस स्‍पेसक्राफ्ट में डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस (DSOC) सिस्‍टम लगा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 2 मई 2024 18:34 IST
ख़ास बातें
  • साइकी (Psyche) स्‍पेसक्राफ्ट ने पृथ्‍वी पर भेजा सिग्‍नल
  • 22.53 करोड़ किलोमीटर दूर से आया सिग्‍नल
  • डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस का हुआ इस्‍तेमाल

Photo Credit: Pixabay

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने पिछले साल अक्‍टूबर में साइकी (Psyche) स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया था। यह साइकी नाम के ही एक एस्‍टरॉयड (Asteroid) के बारे में जानने के लिए निकला है। डीप स्‍पेस में पहुंचने के बाद स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी पर सिग्‍नल भेज रहा है। हाल ही में इसने पृथ्‍वी से 22.53 करोड़ किलोमीटर दूर से वैज्ञानिकों को सिग्‍नल भेजा है। इस स्‍पेसक्राफ्ट में डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस (DSOC) सिस्‍टम लगा है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में लंबी दूरी पर लेजर कम्‍युनिकेशन को संभव बनाना है। यह सिस्‍टम मौजूदा सिस्‍टमों के मुकाबले काफी तेज बताया जाता है। 

22.53 करोड़ किलोमीटर दूर से पृथ्‍वी पर सिग्‍नल भेजकर DSOC सिस्‍टम ने अपनी काबिलियत को साबित किया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, साइकी स्‍पेसक्राफ्ट के रेडियो फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर के साथ इंटरफेस करने के बाद लेजर कम्‍युनिकेशन डेमो ने 140 मिलियन मील (लगभग 22.53 करोड़ किलोमीटर) दूर से इंजीनियरिंग डेटा को सफलता के साथ भेजा। यह दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी का 1.5 गुना है।
 

लेजर बीम सिग्‍नल का क्‍या है मतलब? 

आमतौर पर डीप स्‍पेस में मौजूद स्‍पेसक्राफ्ट पृथ्‍वी पर सिग्‍नल भेजते हैं तो उनकी बैंडविड्थ सीमित होती है। लेजर बीम सिग्‍नल भविष्‍य के मिशनों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। नासा का कहना है कि यह सिस्‍टम मौजूदा स्‍पेस कम्‍युनिकेशन सिस्‍टमों की तुलना में 10 से 100 गुना तक तेज स्‍पीड से मैसेज पहुंचा सकता है। 
 

साइकी एस्‍टरॉयड क्‍यों है खास?  

साइकी एस्‍टरॉयड को लेकर अनुमान है कि उसमें 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर कीमत का लोहा, निकल और सोना मौजूद हो सकता है। एक क्वाड्रिलियन में 15 जीरो होते हैं। यह ट्रिलियन के बाद आने वाला नंबर है। इससे आप साइकी की कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। इसी एस्‍टरॉयड के बारे में जानने के लिए नासा ने मिशन साइकी (Psyche mission) को लॉन्‍च किया है। हालांकि नासा इस एस्‍टरॉयड से कोई भी कीमती चीज नहीं निकालेगी। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: Psyche Mission, NASA, Psyche asteroid, DSOC system, laser signal
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Oppo Reno 15 vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. पब्लिक चार्जर उपयोग करने में नहीं रहेगा कोई डर, iPhone का ये फीचर आएगा काम, ऐसे करें इस्तेमाल
  2. iPhone 18 Pro Max, OLED MacBook, iPhone 17e लॉन्च के साथ Apple 2026 में करेगी धमाका!
  3. Oppo Reno 15 vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  4. CES 2026: Samsung पेश करेगी 130 इंच का विशाल Micro RGB टीवी, जानें खासियतें
  5. Bharat Taxi launch: सस्ती, सरकारी कैब बुकिंग सर्विस Bharat Taxi में क्या है अलग, कैसे करें कैब बुक, यहां जानें सबकुछ
  6. Xiaomi ने लॉन्च किया Mijia Air Purifier 6 Pro, डबल फिल्टर के साथ हवा से करेगा प्रदूषण और बदबू को दूर
  7. Moto X70 Air Pro में होंगे 50 मेगापिक्सल के तीन कैमरा! 16GB रैम, 5,100mAh बैटरी का लॉन्च से पहले खुलासा
  8. नए साल पर iPhone पर आया बंपर ऑफर, सीधे मिल रहा 18 हजार का डिस्काउंट
  9. अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की कंपनी पेश करेगी नया क्रिप्टो टोकन
  10. 20 हजार mAh बैटरी वाला फोन ला रही Samsung? 27 घंटे का मिलेगा बैकअप, लीक में खुलासा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.