पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा खतरनाक सौर तूफान, Nasa ने दी यह चेतावनी

यह इंसानों को शारीरिक रूप से प्रभावित नहीं करता, पर रेडियो कम्‍युनिकेशन, इलेक्ट्रिक पावर ग्रिड, नेविगेशन सिग्‍नल्‍स को प्रभावित कर सकता है।

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प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 11 मई 2022 20:02 IST
ख़ास बातें
  • इसे एक्‍स क्‍लास फ्लेयर के तौर पर क्‍लासिफाइड किया गया है
  • जिसका मतलब है कि यह असरदार हो सकता है
  • नासा ने इससे जुड़ी एक इमेज भी शेयर की है

नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी साल 2010 से सूर्य को देख रही है।

Photo Credit: Nasa

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने बताया है कि एक बड़ा सौर तूफान पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेट्री (SDO) ने मंगलवार को सूर्य से निकल रही बेहद ताकतवर चमक को कैप्‍चर किया। नासा ने बताया है कि स्‍थानीय समय के मुताबिक, सुबह करीब 9:55 बजे सोलर फ्लेयर  अपने चरम पर था। इसे एक्‍स क्‍लास फ्लेयर के तौर पर क्‍लासिफाइड किया गया है, जिसका मतलब है कि यह असरदार हो सकता है। नासा ने जो इमेज शेयर की है, वह सूर्य से बहुत तेजी से निकल रही अल्‍ट्रावॉयलेट (UV) लाइट्स के बारे में बताती है। 

सोलर फ्लेयर्स वह घटना है, जब सूर्य से निकलने वाले रेडिएशन में शक्तिशाली विस्फोट होते हैं। ये विस्‍फोट कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक चल सकते हैं। इससे निकलने वाला हानिकारक रेडिएशन पृथ्वी के वायुमंडल तक पहुंच सकता है। हालांकि यह इंसानों को शारीरिक रूप से प्रभावित नहीं करता, पर रेडियो कम्‍युनिकेशन, इलेक्ट्रिक पावर ग्रिड, नेविगेशन सिग्‍नल्‍स को प्रभावित कर सकता है। यह स्‍पेस क्राफ्ट और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। 

नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी साल 2010 से सूर्य को देख रही है। इसकी वजह से वैज्ञानिक हमारे सबसे निकटतम तारे को करीब से समझ रहे हैं। 

सूर्य से निकलने वाले सौर तूफानों को उनकी तीव्रता के हिसाब से क्‍लासिफाई किया जाता है। इससे वैज्ञानिक तय कर पाते हैं कि सौर तूफान कितना गंभीर है। सबसे कमजोर सौर तूफान- ए-क्लास, बी-क्लास और सी-क्लास में आते हैं। एम-क्लास के तूफान सबसे ताकतवर होते हैं और इनके हमारी पृथ्‍वी से टकराने की संभावना बनी रहती है। 

एक्स-क्लास के सोलर फ्लेयर्स की वजह से सूर्य में विस्‍फोट होते हैं। जब इनका टार्गेट पृथ्‍वी की तरफ होता है, तो इसकी वजह से सैटेलाइट्स और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा बढ़ जाता है। ये विस्‍फोट बिजली स्टेशनों और रेडियो सिग्‍नलों को भी प्रभावित कर सकते हैं। अभी जो सोलर फ्लेयर स्‍पॉट हुआ है, वह X1.5 फ्लेयर है। यानी यह एक्‍स कैटिगरी का सोलर फ्लेयर है। इसकी वजह से अटलांटिक ओशियन रीजन में शार्टवेव रेडियो के ब्‍लैकआउट की चेतावनी दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि यह एक सौर तूफान के रूप में जल्‍द हमारी पृथ्‍वी से टकराएगा। 
 
 

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ये भी पढ़े: NASA, solar flare, solar storm, Science News, Earth, nasa alert
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