Cyber Attack : हैकर्स के निशाने पर स्‍पेस! दुनिया की 2 पावरफुल दूरबीनों पर किया साइबर हमला, कामकाज ठप

Cyber Attack : चिली में लगाई गई कई छोटी दूरबीनें भी इस हमले से प्रभावित हुईं।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 31 अगस्त 2023 13:26 IST
ख़ास बातें
  • हवाई और चिली में लगाए गए टेल‍िस्‍कोप हुए प्रभावित
  • अस्‍थायी रूप से बंद करना पड़ा संचालन
  • साइबर अटैक का शिकार हुए टेल‍िस्‍कोप को किया जा रहा ठीक

अभी तक हमले की वजह का पता नहीं चल पाया है। यह भी मालूम नहीं है कि साइबर हमले किसने और कहां से किए।

Photo Credit: noirlab.edu

आसमान में होने वाली घटनाओं का पता लगाने वाली दुनिया की कई प्रमुख खगोलीय ऑब्‍जर्वेट्रीज (observatories) को साइबर हमले का सामना करना पड़ा है। साइबर हमले की वजह से तमाम ऑब्‍जर्वेट्रीज को अस्‍थायी रूप से बंद करना पड़ा। हमला क्‍यों हुआ? किसने किया? और कहां से किया गया? इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जैसे-जैसे स्‍पेस इंडस्‍ट्री रफ्तार पकड़ रही है, साइबर हमलावर उसे अपना निशाना बना रहे हैं। पिछले साल अक्‍टूबर में भी हैकर्स ने चिली में अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलिमीटर ऐरे (एएलएमए) के संचालन को प्रभावित किया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी कई साल से ऐसे हमलों से जूझ रही है। 

हालिया साइबर हमले को लेकर नेशनल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड एस्ट्रोनॉमी रिसर्च लेबोरेटरी यानी NOIRLab ने डिटेल शेयर की है। बताया है कि इस महीने की शुरुआत में 1 अगस्‍त को साइबर हमला रिपोर्ट किया गया। उसकी वजह से हवाई में स्थित जेमिनी नॉर्थ टेलीस्कोप और चिली में लगाए गए जेमिनी साउथ टेलीस्कोप के संचालन को अस्‍थायी रूप से बंद करना पड़ा। चिली में लगाई गई कई छोटी दूरबीनें भी इस हमले से प्रभावित हुईं। 

NOIRLab की वेबसाइट पर बताया गया है कि उसके कर्मचारी हमले की शिकार दूरबीनों और इससे जुड़ी वेबसाइट को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर सिक्‍योरिटी एक्‍सपर्ट के साथ मिलकर यह काम किया जा रहा है। 

अभी तक हमले की वजह का पता नहीं चल पाया है। यह भी मालूम नहीं है कि साइबर हमले किसने और कहां से किए। कुछ समय पहले ही यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल काउंटरइंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सेंटर ने एक बुलेटिन में अमेरिकी स्‍पेस कंपनियों को आगाह किया था। कहा था कि उन साइबर हमले हो सकते हैं या जासूसी की जा सकती है। बुलेटिन में बताया गया था कि अमेरिकी टेक्‍नॉलजी और फ्यूचर मिशन को जानने के लिए साइबर हमलावर स्‍पेस कंपनियों और उनके प्रोजेक्‍ट्स को निशाना बना सकते हैं। 
 
 

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